चंडीगढ़, 3/11/2026
पंजाब के राजस्व, पुनर्वास एवं आपदा प्रबंधन मंत्री हरदीप सिंह मुंडियां ने चंडीगढ़ स्थित पंजाब भवन में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बताया कि राज्य के सभी 10,689 गांवों के आबादी देह क्षेत्रों में संपत्तियों का प्रमाणिक रिकॉर्ड तैयार किया जा रहा है। इसके लिए ड्रोन सर्वेक्षण करवाकर घरों और प्लॉटों के नक्शे बनाए जा रहे हैं तथा वास्तविक मालिकों को प्रॉपर्टी कार्ड जारी किए जा रहे हैं। इससे उन परिवारों को मालिकाना हक का सरकारी प्रमाण मिलेगा, जो कई पीढ़ियों से अपने घरों में रह रहे हैं, लेकिन उनके पास स्वामित्व साबित करने के लिए आधिकारिक दस्तावेज नहीं थे।
मंत्री ने बताया कि प्रॉपर्टी कार्ड वितरण की शुरुआत 7 अक्टूबर 2026 को संगरूर में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह से की गई थी। इसके बाद से कार्ड वितरण का काम लगातार जारी है। योजना के तहत राज्य के सभी गांवों को चार चरणों में शामिल किया गया है। पहले चरण में 2,284 गांवों का काम 15 नवंबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य है। दूसरे चरण के 1,680 गांवों को नवंबर के अंत तक, तीसरे चरण के 1,152 गांवों को दिसंबर के मध्य तक और चौथे चरण के शेष 5,579 गांवों को जनवरी 2027 तक कवर करने की योजना है।
हरदीप सिंह मुंडियां ने कहा कि गांवों के नक्शों में अधूरी जानकारी को पूरा करने और लोगों की आपत्तियों का निपटारा करने के लिए गांव स्तरीय समितियों तथा ग्राम सभाओं का सहयोग लिया जा रहा है। जहां तकनीकी कारणों से ड्रोन सर्वेक्षण संभव नहीं हो सका, वहां विभाग जमीनी स्तर पर सत्यापन के माध्यम से प्रक्रिया पूरी करेगा।
उन्होंने कहा कि इस योजना से विशेष रूप से गरीब और अनुसूचित जाति के परिवारों को लाभ मिलेगा, जिनके लिए आबादी देह में स्थित घर अक्सर एकमात्र अचल संपत्ति होते हैं। प्रॉपर्टी कार्ड मिलने से लोगों को अपने मालिकाना हक का आधिकारिक प्रमाण मिलेगा। इसके अलावा वे अपनी संपत्ति का पंजीकरण करवाने और नियमों के अनुसार बैंक से ऋण लेने के लिए भी इसका उपयोग कर सकेंगे। प्रमाणिक रिकॉर्ड तैयार होने से संपत्ति संबंधी विवाद कम करने और ग्राम पंचायतों को विकास कार्यों की बेहतर योजना बनाने में भी मदद मिलेगी।
मंत्री ने बताया कि प्रॉपर्टी कार्ड में नाम, विवरण या अन्य किसी प्रकार की गलती होने पर निवासी फिलहाल अपने क्षेत्र के पटवारी या तहसीलदार के पास आपत्ति दर्ज करवा सकते हैं। उन्होंने घोषणा की कि गलतियों में सुधार के लिए जल्द ही ऑनलाइन पोर्टल शुरू किया जाएगा, जिससे लोग घर बैठे संशोधन के लिए आवेदन कर सकेंगे।
उन्होंने राज्य के निवासियों से अपील की कि वे अपने प्रॉपर्टी कार्ड प्राप्त करने के बाद उनमें दर्ज नाम और संपत्ति के विवरण की सावधानीपूर्वक जांच करें। सरकार का लक्ष्य सभी निर्धारित गांवों को योजना के दायरे में लाकर पात्र परिवारों को उनके घरों का कानूनी मालिकाना प्रमाण उपलब्ध करवाना है।
