चंडीगढ़, 05/10/2026
पंजाब की भगवंत मान सरकार ने आज 180 ई.टी.टी. (ETT) टीचर्स यूनियन (जय सिंह वाला केस) की लंबे समय से चली आ रही मांगों का स्थायी समाधान निकालने की दिशा में एक बड़ा और महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। सरकार ने शिक्षकों के कनिष्ठ (जूनियर) सहकर्मियों के साथ वेतन में व्याप्त विसंगति को दूर करने तथा उनकी जायज मांगों के निपटारे के लिए जारी जांच प्रक्रिया में तेजी लाने पर सैद्धांतिक रूप से सहमति व्यक्त की है।
उच्चस्तरीय बैठक में बनी सहमति
यह निर्णय पंजाब सिविल सचिवालय में आयोजित एक उच्चस्तरीय बैठक के दौरान लिया गया। बैठक की अध्यक्षता वित्त मंत्री एडवोकेट हरपाल सिंह चीमा ने की, जिसमें शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस, मुख्य सचिव के.ए.पी. सिन्हा, विशेष सचिव (वित्त) शौकत अहमद परे और सचिव (स्कूल शिक्षा) सोनाली गिरी विशेष रूप से उपस्थित रहे। बैठक के दौरान 180 ई.टी.टी. शिक्षक यूनियन के प्रतिनिधिमंडल ने मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों के समक्ष अपनी मांगों का विस्तृत विवरण और संबंधित रिकॉर्ड प्रस्तुत किया। प्रतिनिधिमंडल की बातों को ध्यानपूर्वक सुनने के बाद सरकार ने सकारात्मक और रचनात्मक रुख अपनाते हुए जूनियर शिक्षकों के समान वेतनमान सुनिश्चित करने का आश्वासन दिया।
प्रशासनिक बाधाएं दूर करने के निर्देश
वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने स्पष्ट किया कि समाधान की इस प्रक्रिया में कोई भी प्रशासनिक देरी या रुकावट बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा “जांच रिपोर्ट बिना किसी विलंब के प्राप्त करने के लिए स्पष्ट निर्देश जारी किए गए हैं। शिक्षा विभाग को निर्देशित किया गया है कि जैसे ही जांच रिपोर्ट सौंपी जाती है, उसके निष्कर्षों के आधार पर तुरंत नियमानुसार कार्रवाई अमल में लाई जाए।”
शिक्षक प्रतिनिधिमंडल की मौजूदगी
बैठक के दौरान कमल ठाकुर, सोहन सिंह, गुरमुख सिंह, गौरव कांत, गुरप्रीत सिद्धू और परशोत्तम कुमार ने 180 ई.टी.टी. टीचर्स यूनियन (जय सिंह वाला) का पक्ष मजबूती से रखा और सरकार के इस किसान व कर्मचारी-हितैषी रुख का स्वागत किया।
