कुश्ती से हुई थी शुरुआत, शूटिंग में बनाए कई रिकॉर्ड
जींद, 21 सितंबर 2026
जापान के आइची-नागोया में आयोजित हो रहे एशियन गेम्स-2026 में हरियाणा के लाल और जींद जिले के अलेवा गांव के 20 वर्षीय निशानेबाज हिमांशु ढिल्लों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए देश का नाम रोशन किया है। हिमांशु ने पुरुषों की 10 मीटर एयर राइफल के व्यक्तिगत और टीम मुकाबले, दोनों में ही भारत की झोली में रजत (सिल्वर) पदक डाले हैं।
टीम और व्यक्तिगत स्पर्धा में दिखाया दम
हिमांशु ने रुद्रांक्ष पाटिल और पार्थ माने के साथ मिलकर 10 मीटर एयर राइफल टीम स्पर्धा में भारत को 1890.1 अंक दिलाकर रजत पदक हासिल कराया। इस स्पर्धा में चीन (1899 अंक) पहले स्थान पर रहा। टीम स्पर्धा के बाद व्यक्तिगत मुकाबले के क्वालिफिकेशन राउंड में हिमांशु 630.0 अंक लेकर सातवें स्थान पर रहते हुए फाइनल में पहुंचे थे। इसके बाद फाइनल में उन्होंने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए 252.4 अंक के साथ दूसरा स्थान हासिल कर दूसरा रजत पदक अपने नाम किया। चीन के शेंग लिहाओ ने 254.2 अंक के साथ स्वर्ण पदक जीता, जबकि भारत के रुद्रांक्ष पाटिल ने कांस्य पदक प्राप्त किया।
मुख्यमंत्री ने दी बधाई
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने हिमांशु ढिल्लों की इस दोहरी सफलता पर उन्हें बधाई दी है। मुख्यमंत्री ने उनकी इस उपलब्धि को देश और हरियाणा प्रदेश के लिए बेहद गर्व का विषय बताया।
कुश्ती से हुई थी शुरुआत, शूटिंग में बनाए कई रिकॉर्ड
हिमांशु का खेल सफर कुश्ती से शुरू हुआ था, लेकिन कुछ समय बाद उन्होंने निशानेबाजी की ओर रुख कर लिया। घर के पास स्थित शूटिंग रेंज से शुरू हुआ यह सफर आज अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुँच चुका है।
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जूनियर वर्ल्ड कप (2025): नई दिल्ली में 10 मीटर एयर राइफल और मिक्स्ड टीम स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीते।
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68वीं नेशनल शूटिंग चैंपियनशिप (दिसंबर 2025, भोपाल): पुरुषों की 10 मीटर एयर राइफल में 634.5 अंक हासिल कर नया राष्ट्रीय और जूनियर राष्ट्रीय रिकॉर्ड कायम किया। इसी प्रतियोगिता में रामिता जिंदल के साथ मिक्स्ड टीम का स्वर्ण भी जीता।
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एशियन राइफल/पिस्टल चैंपियनशिप (2026, नई दिल्ली): जूनियर 10 मीटर एयर राइफल और मिक्स्ड टीम में स्वर्ण पदक अपने नाम किया।
बेटे की ट्रेनिंग के लिए पिता ने बदली राह
हिमांशु के पिता शमशेर ढिल्लों और उनके परिवार का हिमांशु की इस कामयाबी में बहुत बड़ा योगदान रहा। कोविड के बाद बेटे को बेहतर माहौल और कोचिंग सुविधाएं देने के लिए परिवार कैथल शिफ्ट हो गया। बेटे की सफलता पर शमशेर ढिल्लों ने कहा, “जिस दिन बेटे ने देश के लिए पदक जीता, उस दिन हमारी वर्षों की मेहनत और त्याग सार्थक हो गए। हिमांशु की यह उपलब्धि उसके कड़े अभ्यास, दृढ़ संकल्प और परिवार के सहयोग का परिणाम है।”
