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पंचकूला, 10 सितंबर 2026
बुधवार को पंचकूला स्थित कमांड अस्पताल, चंडीमंदिर कैंट में एक फौजी की पत्नी को ब्रेन डेड घोषित किए जाने के बाद परिवार ने अंगदान की सहमति दी. परिवार के इस साहसिक और मानवीय निर्णय को सफल बनाने के लिए पंचकूला पुलिस ने तत्परता से जीवनरक्षक अंगों को निर्धारित समय में उनके गंतव्य स्थल तक पहुंचाने के लिए पंचकूला में विशेष ग्रीन कॉरिडोर तैयार किया.
डीसीपी पंचकूला आईपीएस अदिति सिंह ने बताया कि कमांड अस्पताल चंडीमंदिर से एक किडनी को पीजीआईएमएस रोहतक पहुंचाया जाना था, जिसके लिए चंडीमंदिर से पंचकूला के रास्ते रोहतक तक ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया. वहीं हृदय को निर्धारित गंतव्य तक पहुंचाने के लिए कमांड अस्पताल चंडीमंदिर से चंडीगढ़ एयरपोर्ट तक दूसरा ग्रीन कॉरिडोर तैयार किया गया, ताकि फोर्टिस अस्पताल की हार्ट रिट्रीवल टीम द्वारा अंग को समय पर आगे ले जाया जा सके. इसके लिए पंचकूला पुलिस ने चंडीमंदिर से पुराना पंचकूला के रास्ते जीरकपुर बॉर्डर तक ग्रीन कॉरिडोर बनाया.
अंगदान की प्रक्रिया में समय के विशेष महत्व को ध्यान में रखते हुए पंचकूला ट्रैफिक पुलिस ने एसएचओ ट्रैफिक वरिंदर कुमार की अगुवाई में रूट पर यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाया. पुलिस टीमों ने मार्ग पर विशेष निगरानी रखते हुए यह सुनिश्चित किया कि एंबुलेंस को कहीं भी अनावश्यक रुकावट का सामना न करना पड़े और जीवनरक्षक अंग निर्धारित समय सीमा के भीतर अपने गंतव्य स्थलों तक पहुंच सकें. चूंकि दोनों रूट अलग-अलग जिलों से होकर गुजरते हैं, जिस कारण संबंधित जिलों के साथ समन्वय स्थापित कर निर्बाध यातायात व्यवस्था सुनिश्चित की गई. अंगदान करने वाले परिवार के इस सराहनीय निर्णय को सफल बनाने में पुलिस, अस्पताल प्रशासन, मेडिकल टीम और संबंधित जिलों की समन्वित भूमिका महत्वपूर्ण रही.
पुलिस कमिश्नर आईपीएस पंकज नैन ने कहा कि “अंगदान मानवता की सबसे बड़ी सेवा में से एक है. ऐसे मामलों में एक-एक सेकंड की कीमत होती है. पुलिस का कर्तव्य कानून-व्यवस्था बनाए रखने समेत जरूरत के समय मानव जीवन की रक्षा के लिए हर संभव सहयोग देना है. ग्रीन कॉरिडोर के माध्यम से जीवनरक्षक अंगों को समय पर पहुंचाना इसी जिम्मेदारी और संवेदनशीलता का हिस्सा है. अंगदान करने वाले परिवार का निर्णय समाज के लिए प्रेरणादायक है, जिससे कई जरूरतमंद लोगों को नया जीवन मिलने की उम्मीद है.
