raja warring
चंडीगढ़, 8 अगस्त 2026
पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने आज घोषणा की कि 2027 में कांग्रेस की सरकार बनने के बाद राज्य में ‘पंजाब दा रेत हक’ योजना के तहत घर बनाने, घर की मरम्मत और सार्वजनिक निर्माण कार्यों के लिए वैध तरीके से निकाली गई रेत मुफ्त उपलब्ध कराई जाएगी। इस योजना का उद्देश्य आम लोगों के लिए निर्माण की लागत कम करना, रोजगार बढ़ाना और पूरे पंजाब में विकास को गति देना है। वड़िंग ने कहा कि पंजाब की नदियां और प्राकृतिक संसाधन कुछ ताकतवर लोगों की कमाई का जरिया नहीं बनने चाहिए। इन संसाधनों का लाभ आम परिवारों को मिलना चाहिए और इनका इस्तेमाल पंजाब के विकास के लिए होना चाहिए।
पंजाब दी रेत, पंजाब दे लोकां लई
वड़िंग ने कहा कि कांग्रेस की सरकार बनने के बाद रेत खनन को लेकर पूरी व्यवस्था में बदलाव किया जाएगा। “रेत कोई लग्जरी नहीं है। घर बनाने, घर की मरम्मत, स्कूल बनाने, सड़क बनाने, नालियां बनाने और दूसरे विकास कार्यों के लिए रेत जरूरी है। जब यह प्राकृतिक संसाधन पंजाब में उपलब्ध है तो आम पंजाबी को इसके लिए ज्यादा कीमत क्यों देनी पड़े?” उन्होंने कहा। प्रस्तावित योजना के तहत वैध तरीके से निकाली गई रेत को वास्तविक और पात्र घरेलू तथा सार्वजनिक निर्माण जरूरतों के लिए बिना रेत की सामान्य कीमत के उपलब्ध कराया जाएगा। इसके लिए पारदर्शी और तकनीक आधारित व्यवस्था बनाई जाएगी, ताकि इसका गलत इस्तेमाल न हो। इस योजना का सबसे ज्यादा लाभ घर बनाने या मरम्मत कराने वाले आम परिवारों, किसानों, छोटे ठेकेदारों, मजदूरों और सार्वजनिक निर्माण कार्यों को मिलेगा।
हर पंजाबी को सीधा फायदा
वड़िंग ने कहा कि इस योजना का असर केवल रेत की कीमत तक सीमित नहीं रहेगा। रेत सस्ती होने से परिवार कम खर्च में अपने घर बना और मरम्मत कर सकेंगे। सरकारी निर्माण की लागत कम होने से सड़कें, नालियां, स्कूल, अस्पताल और अन्य सार्वजनिक सुविधाएं कम खर्च में बनाई जा सकेंगी। निर्माण गतिविधियां बढ़ने से राजमिस्त्री, मजदूर, बिजली मिस्त्री, प्लंबर, ट्रांसपोर्टर, छोटे ठेकेदार और निर्माण से जुड़े अन्य लोगों को भी रोजगार के अधिक अवसर मिलेंगे। “हमारा उद्देश्य सिर्फ रेत सस्ती करना नहीं है। हमारा उद्देश्य पंजाब के लोगों की जिंदगी का खर्च कम करना और विकास की रफ्तार बढ़ाना है,” वड़िंग ने कहा। उन्होंने कहा कि यह पहल कांग्रेस के उस बड़े विजन का हिस्सा होगी, जिसमें पंजाब के प्राकृतिक संसाधनों का इस्तेमाल जनकल्याण, रोजगार और आर्थिक विकास के लिए किया जाएगा, न कि केवल सरकार की आय बढ़ाने के लिए।
‘माइनिंग से कमाई’ से ‘लोगों के संसाधन’ तक
AAP ने दावा किया था कि माइनिंग से हर साल ₹20,000 करोड़ की कमाई हो सकती है और पांच साल में करीब ₹1 लाख करोड़ जुटाने का अनुमान भी दिया था। दावा किया गया था कि इस पैसे का इस्तेमाल स्वास्थ्य, शिक्षा और जनकल्याण के लिए किया जाएगा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पंजाब के लिए बिल्कुल अलग मॉडल लेकर आएगी।
* डिजिटल परमिट और पारदर्शी आवंटन
* अधिकृत ट्रांसपोर्ट की GPS से निगरानी
* माइनिंग साइटों की रियल-टाइम निगरानी
* वैध माइनिंग की सख्त सीमा
* पर्यावरण की सुरक्षा के कड़े नियम
* अवैध माइनिंग और बिना अनुमति ट्रांसपोर्ट पर कार्रवाई
* वास्तविक घरेलू और सार्वजनिक निर्माण जरूरतों को प्राथमिकता
