Seema kaliraman bhiwani
भिवानी, 3 अप्रैल 2026
ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में महिला डिस्कस थ्रो स्पर्धा में भारत के लिए कांस्य पदक जीतने वाली भिवानी जिले के गांव दिनोद की बहू सीमा कालीरामन का सोमवार को शहर में पहुंचने पर भव्य स्वागत किया गया. ढोल-नगाड़ों, फूल-मालाओं और जयघोष के बीच लोगों ने अपनी बेटी चैंपियन का अभिनंदन किया. स्वागत समारोह में बड़ी संख्या में खेल प्रेमी, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि और स्थानीय नागरिक मौजूद रहे.
अपने स्वागत से भावुक नजर आईं सीमा कालीरामन ने कहा कि, “जिस तरह लोगों ने मेरा स्वागत किया है, उसे देखकर मैं बेहद भावुक हूं. केवल मेरे परिचित ही नहीं, बल्कि पूरा शहर और पूरा देश मेरी इस उपलब्धि से खुश है. अब तक भिवानी की पहचान बॉक्सिंग के लिए रही है, लेकिन मुझे पूरा विश्वास है कि मेरे पदक के बाद एथलेटिक्स, खासकर डिस्कस थ्रो के प्रति भी युवाओं का रुझान बढ़ेगा.
सीमा ने आगे कहा कि, “मेरी सबसे बड़ी इच्छा है कि बच्चे मुझसे प्रेरित होकर डिस्कस थ्रो में आएं और देश के लिए पदक जीतें. अगर भविष्य में कोई खिलाड़ी यह कहे कि वह सीमा दीदी से प्रेरित होकर खेल में आया है, तो इससे बड़ी खुशी मेरे लिए कोई नहीं होगी. खेलों में नई पीढ़ी की भागीदारी बढ़ना ही उनकी सबसे बड़ी उपलब्धि होगी.” सीमा कालीरामन ने अपनी सफलता का श्रेय परिवार को देते हुए कहा कि, “मेरे बेटे की उम्र सिर्फ 11 महीने थी, तब मुझे अभ्यास के लिए उसे परिवार के भरोसे छोड़ना पड़ा. परिवार के सहयोग के बिना यह उपलब्धि संभव नहीं थी. आज मैं जहां हूं, उसमें मेरे परिवार का सबसे बड़ा योगदान है.
वहीं, सीमा के पति व कोच रविंद्र ने कहा कि, “महिला एथलेटिक्स में भारत का केवल एक पदक आया है और वह सीमा का है. यह पूरे देश के लिए गर्व की बात है. अब टीम का पूरा फोकस आगामी एशियन गेम्स और उसके बाद लॉस एंजिलिस ओलंपिक की तैयारियों पर रहेगा. यह पदक ओलंपिक की दिशा में मजबूत शुरुआत है और हमारा लक्ष्य अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और बड़ी सफलता हासिल करना है.
courtesy: seema kaliraman picture credit with AI
