मेरठ, 13/12/2025
यूपी में खाद की कालाबाजारी रोकने के लिए योगी सरकार कई कदम उठा रही है. इसी कड़ी में सरकार अब हाईटेक तकनीक से खाद विक्रेताओं पर नजर रखने की तैयारी कर रही है. इसकी तैयारी मेरठ में शुरू हो चुकी है. उम्मीद जताई जा रहा है कि इससे न केवल खाद की कालाबाजारी पर नकेल कसी जा सकेगी बल्कि किसानों को भी राहत मिल सकेगी. चलिए आगे जानते हैं इसके बारे में.
क्या करने जा रही सरकार
दरअसल, सरकार यूपी में खाद की कालाबाजारी रोकने के लिए सोसाइटी और दुकानों पर एलवन पॉश मशीन में जियो फेंसिंग तकनीक जोड़ रही है. मेरठ के उप निदेशक कृषि नीलेश चौरसिया ने बताया कि पूरे प्रदेश के साथ-साथ मेरठ के सभी उर्वरक विक्रेताओं को एल वन पॉश मशीन में नए वर्जन को अपडेट करने के लिए निर्देश दिए गए हैं. नए वर्जन को अपडेट करना सभी विक्रेताओं को अनिवार्य है. इससे खाद की आपूर्ति की पल-पल की जानकारी मिलेगी.
नई तकनीक से जुड़ी मशीन
जिला कृषि अधिकारी राजीव कुमार बताते हैं कि एल वन पॉश मशीन में जियो फेंसिंग व्यवस्था लागू कर दी गई है. अब खाद विक्रेताओं पर नजर रखी जा सकेगी. इन मशीनों में नया वर्जन 3.31 अपडेट करवाया जा रहा है
रात आठ बजे के बाद नहीं बेच पाएंगे खाद
आदेश दिए गए हैं कि सभी फुटकर उर्वरक विक्रेता खाद एल वन पॉश मशीन से ही खाद की बिक्री करेंगे. रात आठ बजे के बाद अब कोई भी उर्वरक विक्रेता खाद नहीं बेच पाएगा. मशीन से बिक्री करते समय खरीदी गई खाद की मात्रा ऑनलाइन दिख जाएगी. इससे पता चल जाएगा कि किस किसान को कितनी मात्रा में खाद दी जा रही है. इससे किसी को भी ज्यादा खाद की आपूर्ति नहीं हो सकेगी.
ऐसे दुकानदारों के लाइसेंस तुरंत होंगे निलंबित
कृषि अधिकारी ने बताया कि शासन द्वारा यह भी निर्देश दिए गए कि जिन विक्रेताओं के द्वारा एल वन पॉश मशीन को अपडेट नहीं करवाया गया है वहां खाद बिक्री तत्काल रोक दी जाए. उनके लाइसेंस निरस्त कर दिए जाएं.
जियो फेंसिंग
जियो फेंसिंग तकनीक दुकान, ऑफिस, खेत और अन्य जगह पर चारों तरफ से एक अदृसीय (virtual) सीमा बनाती है. जब कोई मोबाइल डिवाइस उस सीमा में प्रवेश करता है तो सिस्टम को नोटिफिकेशन भेज कर अलर्ट करती है
