न्यूज डेस्क, 03/04/2025
ट्रंप ने भारत पर लगाया दोगुना टैरिफ
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने कार्यकाल के दौरान भारत से आयात होने वाले कुछ उत्पादों पर दोगुना टैरिफ लगाने का फैसला किया था। यह कदम उन्होंने व्यापार संतुलन बनाए रखने और “अमेरिका फर्स्ट” नीति को लागू करने के तहत उठाया था।
भारत-अमेरिका व्यापार संबंध और टैरिफ विवाद
भारत और अमेरिका के बीच व्यापारिक रिश्ते लंबे समय से मजबूत रहे हैं, लेकिन दोनों देशों के बीच टैरिफ को लेकर मतभेद भी देखने को मिले हैं। ट्रंप प्रशासन का मानना था कि भारत अमेरिका के साथ व्यापार में ज्यादा लाभ उठा रहा है, जिससे अमेरिकी कंपनियों को नुकसान हो रहा है। इसीलिए ट्रंप सरकार ने भारत से आयात होने वाले कुछ उत्पादों पर टैरिफ दर को दोगुना कर दिया।
किन उत्पादों पर बढ़ा टैरिफ?
ट्रंप प्रशासन ने मुख्य रूप से स्टील, एल्यूमीनियम और कुछ अन्य भारतीय उत्पादों पर आयात शुल्क बढ़ाया। इस फैसले के बाद भारत से अमेरिका को निर्यात किए जाने वाले इन उत्पादों की कीमत बढ़ गई, जिससे भारतीय व्यापारियों के लिए अमेरिकी बाजार में प्रतिस्पर्धा करना मुश्किल हो गया।
भारत की प्रतिक्रिया
भारत ने ट्रंप सरकार के इस कदम का विरोध किया और जवाबी कार्रवाई के तहत अमेरिका से आयात होने वाले कुछ उत्पादों पर भी टैरिफ बढ़ा दिया। भारत ने वर्ल्ड ट्रेड ऑर्गनाइजेशन (WTO) में इस फैसले को चुनौती देने की भी कोशिश की।
बाइडेन प्रशासन के आने के बाद बदलाव
जो बाइडेन के राष्ट्रपति बनने के बाद दोनों देशों ने व्यापार संबंधों को सुधारने की दिशा में कदम उठाए। हालांकि, कुछ टैरिफ अब भी लागू हैं, लेकिन दोनों देशों ने आपसी बातचीत और समझौतों के जरिए विवाद को हल करने की कोशिश की है।
ट्रंप के दोगुने टैरिफ लगाने के फैसले से भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों में अस्थिरता आई थी, लेकिन समय के साथ दोनों देशों ने आपसी सहयोग को प्राथमिकता दी। यह घटना वैश्विक व्यापार में टैरिफ नीतियों के प्रभाव को दर्शाती है और बताती है कि किस तरह राजनीतिक फैसले आर्थिक संबंधों को प्रभावित कर सकते हैं।