चंडीगढ़, 07/12/2025
पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज (डीम्ड टू बी यूनिवर्सिटी), चंडीगढ़ में 05 से 07 दिसंबर 2025 तक आयोजित तीन-दिवसीय चौथी एनुअल इंटरनेशनल कांफ्रेंस ों वीमेन इन ऑप्टिक्स एंड फॉटेनिक्स इन इंडिया (वोपी 2025) का सफलतापूर्वक समापन हुआ। यह सम्मेलन इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग (ईसीई) विभाग द्वारा SPIE के सहयोग से आयोजित किया गया। इस कांफ्रेंस का उद्देश्य ऑप्टिक्स, फोटोनिक्स एवं संबद्ध प्रौद्योगिकियों में महिलाओं की भागीदारी, नेतृत्व और इनोवेशन को बढ़ावा देना था, जिसके लिए देश-विदेश से महिला वैज्ञानिकों, इंजीनियरों, शिक्षाविदों, शोधकर्ताओं, उद्योग विशेषज्ञों और छात्रों ने भाग लिया।
उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में डॉ. रंजना नल्लामल्ली, निदेशक, फ्यूचरिस्टिक टेक्नोलॉजी एंड मैनेजमेंट, डीआरडीओ उपस्थित रहीं, जबकि डॉ. दीपा बाजपेयी, जनरल मैनेजर, बीईएल पंचकूला ने विशिष्ट अतिथि के रूप में शिरकत की। कार्यक्रम का आयोजन प्रो. राजेश कुमार भाटिया, निदेशक, पेक के पैट्रोनेज में हुआ। आयोजन की दिशा और गुणवत्ता सुनिश्चित करने में कोर समिति—प्रो. नीना गुप्ता, प्रो. ज्योति केडिया और प्रो. दिव्या धवन—का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
300 से अधिक महिला प्रतिभागियों की उपस्थिति में सम्मेलन में दो प्लेनरी टॉक्स, आठ तकनीकी व्याख्यान, पाँच प्रमुख पैनल चर्चाएँ, पोस्टर प्रस्तुतियाँ, 3-इन-1 थीसिस सत्र और विशिष्ट कार्यशालाएँ आयोजित की गईं। पद्मश्री डॉ. विजयलक्ष्मी देशमुख, चेयरपर्सन, बीओजी, आईआईआईटीडीएम कुरनूल ने भी प्रतिभागियों से संवाद किया और उन्हें स्टेम में नेतृत्व हेतु प्रेरित किया।
“पार्टनर्स दैट सपोर्ट वीमेन इन साइंस” विषय पर आयोजित पैनल चर्चा में संस्थागत समर्थन, मेंटरशिप संरचनाओं और सहयोगी पारिस्थितिक तंत्र की भूमिका पर विचार-विमर्श किया गया। ऑप्टिकल इंस्ट्रूमेंटेशन सत्र में नेक्स्ट-जनरेशन इंजीनियरिंग ऑप्टिक्स, प्रिसिजन वेवलेंथ डिजाइन और उन्नत इमेजिंग तकनीकों पर एक महत्वपूर्ण तकनीकी व्याख्यान प्रस्तुत किया गया।
“स्ट्रेंथ एंड कॉन्फिडेंस : बिल्डिंग मेन्टल एंड इमोशनल रेसिलिएंस” पर एक विशेष वेलनेस कार्यशाला डॉ. सुनीता शर्मा, एसोसिएट प्रोफेसर, नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ नर्सिंग एजुकेशन द्वारा आयोजित की गई, जो वैज्ञानिक करियर में महिलाओं की समग्र भलाई पर केंद्रित थी।
क्वांटम टेक्नोलॉजी और ऑप्टिकल कम्युनिकेशन पर केंद्रित सेशन-V में भविष्य की शोध प्रवृत्तियों पर गहन चर्चा की गई। डॉ. जयी घोष (आईआईटी दिल्ली) ने “क्वांटम लाइट फॉर मुलती यूजर सिक्योर क्वांटम कम्युनिकेशन” पर विस्तृत जानकारी साझा की, जबकि डॉ. जसलीन लुगानी (आईआईटी दिल्ली) ने “सेंसिंग एंड इंटीग्रेटेड क्वांटम फोटॉनिक्स” पर अपने शोध प्रस्तुत किए। सत्र के अंत में आयोजित 3-इन-1 मिनट थीसिस प्रस्तुति में दो प्रतिभागियों को उत्कृष्ट योगदान हेतु सम्मानित किया गया।
“एंट्रेप्रेन्योरशिप एंड फंडिंग टुडे” विषय पर आयोजित पैनल चर्चा में प्रतिष्ठित विशेषज्ञों—डॉ. राधिक तिक्खा (सीईओ, आईहब, अवध, आईआईटी, रोपड़), डॉ. ममता जुनेजा (यूआईईटी, पीयू), डॉ. रुचि सिंगला (आरएएस इंटेलेक्ट सोलूशन्स), डॉ. पूजा देवी (सीएसआईओ), और डॉ. ममता भारद्वाज (एसटीपीआई, सीओई न्यूरॉन)—ने स्टार्टअप इकोलॉजिकल सिस्टम, फंडिंग अवसरों और डीप-टेक इनोवेशन पर विचार साझा किए। सत्र का संचालन डॉ. अल्पना भगतजी (टीबीआरएल, डीआरडीओ) और डॉ. वसुंधरा सिंह (पेक) ने किया।
वोपी 2025 का लक्ष्य महिलाओं को एक साझा मंच पर लाना था, ताकि वे विचारों का आदान–प्रदान कर सकें, सहयोग स्थापित कर सकें और ऑप्टिक्स एवं फोटोनिक्स में नेतृत्व को सशक्त कर सकें। वैज्ञानिक चर्चाओं, नेतृत्व गतिविधियों, व्यक्तिगत संवाद और नेटवर्किंग अवसरों ने प्रतिभागियों को समृद्ध अनुभव प्रदान किया।
सम्मेलन SPIE, डीएसटीआरई चंडीगढ़, एएनआरऍफ़, इसरो, मेइटी, बीबीएमबी, कीसाईट-फाइबर ऑप्टिक सर्विसेस, लेज़र साइंस और एडमंड ऑप्टिक्स के सहयोग से संभव हो सका। लूसियस फोटोनिक्स, स्प्रिंगर, एजटेक टेक्नोलॉजीस, तथा कीसाईट-फाइबर ऑप्टिक सर्विसेस जैसे प्रदर्शकों ने भी महत्वपूर्ण इंडस्ट्रियल एवं अकादमिक योगदान दिया।
समापन सत्र में दस बेस्ट पोस्टर अवार्ड्स प्रदान किए गए। विजेताओं को स्मृति-चिह्न, स्प्रिंगर का ई-वाउचर और फाइबर ऑप्टिक सर्विसेज द्वारा प्रायोजित नकद पुरस्कार प्रदान किए गए। अंत में, डॉ. ज्योति केडिया और डॉ. दिव्या धवन ने सभी वक्ताओं, प्रतिभागियों, प्रायोजकों और स्वयंसेवकों का धन्यवाद व्यक्त किया।
