सोलन, 14/03/2026
हरियाणा में होने वाले राज्यसभा चुनाव के मद्देनजर हरियाणा के कांग्रेस विधायकों को हिमाचल प्रदेश के शिमला लाया जा रहा है. बताया जा रहा है कि 16 मार्च को 2 सीटों के लिए राज्यसभा चुनाव होना है, जिसके मद्देनजर क्रॉस वोटिंग न हो इस खतरे को टालने के लिए कांग्रेस ने कदम उठाया है. शुक्रवार शाम पुलिस सुरक्षा के साथ सोलन से शिमला की तरफ विधायकों से भरी गाड़ियां रवाना हुई. जानकारी के अनुसार, शिमला के कुफरी में एक होटल में तीन दिन तक इन विधायकों को ठहराया जाएगा.
राज्य सभा चुनाव से पहले हिमाचल लाए गए हरियाणा कांग्रेस विधायक
सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस ने हरियाणा के सभी 37 विधायकों को एकजुट रखने के लिए उन्हें कुछ दिनों के लिए हिमाचल प्रदेश के सुरक्षित स्थान पर ठहराने की योजना बनाई है. सूत्रों के मुताबिक, विधायकों को ले जाने के लिए दो लग्जरी बसों की बुकिंग भी की गई है और वहां पहुंचने पर पुलिस सुरक्षा भी दी जाएगी. ताकि, राज्यसभा चुनाव के दौरान किसी तरह की क्रॉस वोटिंग का खतरा न रहे.
इसलिए बढ़ गया है क्रॉस वोटिंग का खतरा ?
दरअसल, हरियाणा में राज्यसभा की दो सीटों के लिए 16 मार्च को मतदान होना है. बीजेपी ने संजय भाटिया को उम्मीदवार बनाया है, जबकि कांग्रेस ने दलित नेता कर्मवीर बौद्ध को मैदान में उतारा है. इसके अलावा निर्दलीय उम्मीदवार सतीश नांदल के चुनाव लड़ने से मुकाबला और दिलचस्प हो गया है.
हरियाणा विधानसभा में कांग्रेस के पास 37 विधायक
90 सदस्यीय हरियाणा विधानसभा में राज्यसभा चुनाव में जीत के लिए कम से कम 31 वोटों की जरूरत होती है. वर्तमान में BJP के पास तीन निर्दलीय समेत 48 विधायकों का समर्थन है. वहीं, दूसरी ओर हरियाणा विधानसभा में कांग्रेस के पास 37 विधायक हैं, इसलिए गणित के अनुसार पार्टी अपने उम्मीदवार को जिता सकती है. यही वजह है कि क्रॉस वोटिंग का खतरा बढ़ गया है.हालांकि, पिछले चुनावों में क्रॉस-वोटिंग के कारण कांग्रेस को नुकसान उठाना पड़ा था, इसलिए इस बार पार्टी कोई जोखिम नहीं लेना चाहती. भाजपा ने निर्दलीय उम्मीदवार को मैदान में उतारकर कहीं न कहीं कांग्रेस को सकते में डाला है. ऐसे में कांग्रेस का डर है कि कहीं क्रॉस वोटिंग न हो. फिलहाल 16 मार्च तक राजनीतिक गलियारों में अब इस बार की चर्चा जरूर रहने वाली है.
