न्यूज डेस्क, 24/02/2026
‘द केरल स्टोरी 2’ ने थिएटर में आने से पहले ही बहस छेड़ दी है. जब से मेकर्स ने फिल्म का ट्रेलर रिलीज किया है, तब से इस पर तीखी प्रतिक्रियाएं आने लगी है. हाल ही में फिल्ममेकर अनुराग कश्यप और एक्टर प्रकाश राज ने इस फिल्म के ट्रेलर की आलोचना की है. तमाम आलोचनाओं के बीच ‘द केरल स्टोरी 2’ के डायरेक्टर कामाख्या नारायण सिंह का रिएक्शन आया है. फिल्म का बचाव करते हुए उन्होंने एक चुनौती दे डाली है. वहीं, एक पीड़िता की मां का रिएक्शन भी इस पर आया है.
27 फरवरी को रिलीज होने वाली इस फिल्म ने एक बार फिर अपने मेकर्स को इसकी कहानी और थीम को लेकर विवादों के केंद्र में ला दिया है. नेशनल अवॉर्ड जीतने वाले डायरेक्टर कामाख्या नारायण सिंह ने फिल्म के सब्जेक्ट मैटर और एक फिल्ममेकर के तौर पर अपनी भूमिका को लेकर उठ रही तीखी प्रतिक्रियाओं का जवाब देते हुए आलोचनाओं का सीधा जवाब दिया है.
समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी के बारे में बात करते हुए डायरेक्टर ने कहा, ‘मैं एक डॉक्यूमेंट्री फिल्ममेकर रहा हूं. मैंने हमेशा ऐसी डॉक्यूमेंट्री और फिल्में बनाई हैं जो समाज की बुराइयों और मुद्दों को दिखाती हैं, ऐसी फिल्में जो सवाल उठाती हैं और लोगों को अपने आस-पास जो हो रहा है, उस पर सोचने के लिए बढ़ावा देती हैं.’
उन्होंने अपने काम पर जोर देते हुए कहा, ‘मैं कोई भी फिल्म या डॉक्यूमेंट्री रिलीजकरने से पहले किसी समस्या को अच्छी तरह समझने के लिए हमेशा गहरा रिसर्च करता हूं. मैंने अपना काम पूरी ईमानदारी से किया है, मुझ पर भरोसा करें. अगर हमने फिल्म में कुछ भी गलत दिखाया है, तो मैं फिल्म बनाना छोड़ दूंगा.’ इसी बीच, प्रोड्यूसर विपुल शाह ने भी प्रोजेक्ट का बचाव किया और साफ किया कि फिल्म केरल को एक राज्य के तौर पर टारगेट नहीं करती है.
पीड़ित परिवार का बयान
23 फरवरी को दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कई असली पीड़ितों को मंच पर लाया गया. इवेंट के दौरान, हरियाणा के फरीदाबाद की एक पीड़िता की मां फूट-फूट कर रो पड़ीं, जब उन्होंने बताया कि कैसे 2020 में उनकी बेटी गोली मारकर हत्या कर दी गई थी.
उन्होंने कहा, ‘यह 20 अक्टूबर 2020 को हुआ था. मुझे ऐसा लगता है कि मेरी बेटी की सुंदरता और पढ़ाई की वजह से, और एकतरफा प्यार के कारण. मेरी बेटी स्कूल में भी टॉप करती थी और कॉलेज में भी टॉप कर रही थी. वो सामाजिक कामों में भी जाती थी, और मैं भी उसके साथ जाती थी जहां उसे बुलाया जाता था. शायद उसकी नजर मेरी बेटी पर पड़ी और उसने जबरदस्ती शादी का दबाव डालना शुरू कर दिया.’
इसके अलावा, पीड़ित परिवार ने आरोप लगाया कि उसकी बेटी को किडनैप करके उसके घर ले जाया गया, जहां उसके परिवार ने उस पर शादी करने और धर्म बदलने का भी दबाव डाला. उसने कहा कि वे राजपूत हैं, जबकि लड़का मुस्लिम था. मां के अनुसार, उनकी बेटी ने उससे शादी करने से साफ मना कर दिया. उन्होंने यह भी दावा किया कि शादी कराने के लिए एक वकील उनके घर पर मौजूद था, लेकिन उनकी बेटी नहीं मानी.
उन्होंने बताया कि उन्हें किसी तरह अपनी बेटी के बारे में पता चला, वे लड़के के घर पहुंचे और उसे सुरक्षित घर ले आए. उन्होंने उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज की, लेकिन 2-4 महीने तक कोई कार्रवाई नहीं हुई, यह आरोप लगाते हुए कि उसके परिवार के राजनीतिक प्रभाव ने कोई सख्त कार्रवाई नहीं होने दी.पीड़िता की मां ने कहा, ‘उनके परिवार के लोग राजनीति में बैठे – दादा, नाना, चाचा, भाई, तो कुछ नहीं हुआ.’
