न्यूज डेस्क, 24/02/2026
साउथ अफ्रीका ने रविवार (22 फरवरी) को नरेंद्र मोदी स्टेडियम में टी20 वर्ल्ड कप के सुपर-8 मुकाबले में भारत को 76 रन से हरा दिया. जिससे डिफेंडिंग चैंपियन की इस बड़े इवेंट में लगातार 12 मैच जीतने का सिलसिला भी टूट गया.
दक्षिण अफ्रीका ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 रन पर तीन विकेट खोने के बाद भी 187/7 का बड़ा स्कोर बना दिया. उसके बाद भारतीय टीम को 18.5 ओवर में सिर्फ 111 रनों पर ही समेट दिया.
भारत का सेमीफाइनल में पहुंचना मुश्किल
मैच में मिली 76 रनों की भारी हार ने भारत के लिए सेमीफाइनल तक का रास्ता काफी मुश्किल बना दिया है. सूर्यकुमार यादव की टीम को अब सेमीफाइनल में जगह पक्की करने के लिए अपने बचे हुए दोनों सुपर एट्स मैच भारी अंतर से जीतने होंगे. जो 26 फरवरी को चेन्नई में जिम्बाब्वे के खिलाफ और 1 मार्च को कोलकाता में वेस्टइंडीज के खिलाफ होने हैं.
अगर इंडिया ये दोनों मैच बड़े अंतर से नहीं जीतता है, तो फिर उसका क्वालिफिकेशन पूरी तरह से दूसरे टीमों के नतीजों और नेट रन रेट पर निर्भर करेगा. यह उस टीम के लिए एक मुश्किल स्थिति है जो इस स्टेज पर भारी फेवरेट और डिफेंडिंग चैंपियन के तौर पर पहुंची थी. पहला मैच हारने के बाद इंडिया का नेट रन रेट -3.8 हो गया है. जो भारत के लिए आगे बढ़ने में सबसे बड़ी रुकावट बन सकता है.
बता दें कि 2012 में श्रीलंका में हुए टी20 वर्ल्ड कप में इंडिया के साथ ऐसी ही हालत हुई थी, जहां ऑस्ट्रेलिया से 9 विकेट से हारने के बाद उनका नेट रन रेट नेगेटिव हो गया था और फिर दो मैच जीतने के बावजूद वे सेमीफाइनल में नहीं पहुंच पाए. अब 2026 में प्रोटियाज से बुरी तरह से हारने के बाद अचानक टीम इंडिया टूर्नामेंट से बाहर होने की दहलीज पर पहुंच गई है.
IND vs SA मैच की हाईलाइट्स
दक्षिण अफ्रीका ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया, लेकिन उनकी शुरुआत काफी खराब रही और 20 के कुल स्कोर पर तीन विकेट खो दिए. उसके बाद डेविड मिलर (63) और डेवाल्ड ब्रेविस (45) ने सिर्फ 51 गेंदों पर 97 रन की जबरदस्त पार्टनरशिप करके भारत से मैच छीन लिया. फिर आखिर में ट्रिस्टन स्टब्स ने 24 गेंदों पर नाबाद 44 रन बनाकर साउथ अफ्रीका को 187/7 तक पहुंचा दिया.
बुमराह ने शानदार गेंदबाजी की और 4 ओवर में केवल 15 रन देकर 3 विकेट हासिल किए. जिसके साथ वो रविचंद्रन अश्विन को पीछे छोड़कर टी20 वर्ल्ड कप में 33 विकेट लेकर भारत के सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज बन गए.
188 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम की भी शुरुआत काफी खराब रही और पावरप्ले में 31 के स्कोर पर 3 विकेट खो दिए. शिवम दुबे ने सबसे ज्यादा 42 रन बनाए, लेकिन उन्हें मिडिल ऑर्डर से ज्यादा सपोर्ट नहीं मिला, क्योंकि साउथ अफ्रीका का पेस अटैक लगातार बना रहा, जिसकी अगुवाई मार्को जेनसन ने 4-22 से की, उन्होंने अपनी लेंथ और स्पीड में अच्छा बदलाव करके भारत की बैटिंग लाइन-अप को तहस-नहस कर दिया.
