न्यूज डेस्क, 22/12/2025
पूर्व भारतीय कप्तान रोहित शर्मा 21 दिसंबर 2025 को गुरुग्राम में एक कन्वोकेशन इवेंट में बतौर मेहमान आमंत्रित किए गए थे. जहां उन्होंने बताया कि वो 2023 वर्ल्ड कप का फाइनल हारने के बाद इत टूट गए थे कि वो क्रिकेट से रिटायरमेंट लेने के बारे में सोच रहे थे.
मास्टर्स यूनियन कन्वोकेशन 2025 इवेंट के दौरान रोहित ने कहा, ‘वर्ल्ड कप हारने के बाद एक समय मुझे सच में लगा कि मैं अब यह खेल नहीं खेलना चाहता क्योंकि इसने मुझसे सब कुछ छीन लिया था, और मुझे लगा कि मेरे पास कुछ नहीं बचा है.’
बात दें की 2023 का वर्ल्ड कप भारत की मेजबानी में खेला गया था, इस टूर्नामेंट में भारतीय टीम ने शानदार खेल का प्रदर्शन करते हुए बिना कोई मैच हारे फाइनल में प्रवेश किया लेकिन वो आखिरी बाधा पार नहीं कर सकी.
खिताबी मुकाबले में, भारत ने 50 ओवरों में 240 रन बनाए थे, जिसको ऑस्ट्रेलियाई टीम ने छह विकेट शेष रहते आसानी से हासिल कर लिया, जिसमें ट्रेविस हेड ने शानदार शतक बनाया. रोहित ने टूर्नामेंट टीम इंडिया के अभियान का नेतृत्व किया और 11 मैचों में 54.27 की औसत और 125.094 के स्ट्राइक रेट से 597 रन बनाए.
रोहित शर्मा ने रिटायरमेंट पर किया खुलासा
रोहित ने कहा, ‘मुझे लगता है कि जब आप किसी चीज में इतना ज्यादा इन्वेस्ट करते हैं और नतीजा नहीं मिलता, तो यह एक बहुत ही स्वाभाविक प्रतिक्रिया होती है. मेरे साथ भी ठीक वैसा ही हुआ. लेकिन मुझे यह भी पता था कि जिंदगी यहीं खत्म नहीं होती. यह मेरे लिए निराशा से निपटने, खुद को रीसेट करने और नई शुरुआत करने का एक बड़ा सबक था. मुझे पता था कि कुछ और आने वाला है, 2024 का T20 वर्ल्ड कप USA और वेस्टइंडीज में, और मुझे अपना सारा ध्यान उस पर लगाना था. यह कहना अब बहुत आसान है, लेकिन उस समय यह बहुत मुश्किल था.
रोहित ने यह भी कहा कि उन्हें अपनी ये सोच बदलने में कुछ समय लगा. उन्होंने कहा, ‘इस सोच को बदलने में बहुत सारी एनर्जी और आत्म-मंथन लगा. मैं खुद को याद दिलाता रहा कि यह कुछ ऐसा है जिससे मुझे सच में प्यार है, कि यह मेरे ठीक सामने था, और मैं इसे इतनी आसानी से नहीं छोड़ सकता था. धीरे-धीरे, मैंने अपना रास्ता वापस पाया और खुद को मैदान पर फिर से आगे बढ़ाया.’ इस मौके पर रोहित को मानद डिग्री और एक बैट गिफ्ट करके सम्मानित किया गया.
बता दें कि रोहित ने 2023 वनडे वर्ल्ड कप में मिली हार को पीछे छोड़कर भारत को 2024 टी20 वर्ल्ड कप का खिताब दिलाया. इस टूर्नामेंट में वह भारत के लिए सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी थे, उन्होंने आठ पारियों में 156.70 के स्ट्राइक रेट से 257 रन बनाए.
