न्यूज डेस्क, 23/03/2025
पाकिस्तान से नशा पंजाब में कैसे पहुंच रहा है?
पंजाब में नशे की लत एक गंभीर समस्या बन चुकी है, और इसका सबसे बड़ा कारण पाकिस्तान से होने वाली ड्रग्स की तस्करी है। पाकिस्तान से हेरोइन, अफीम, चरस और अन्य नशीले पदार्थ बड़ी मात्रा में भारत, खासकर पंजाब में पहुंच रहे हैं। सवाल यह है कि आखिर यह नशा किस तरह से भारत में घुस रहा है और इसके पीछे कौन-कौन से तरीके इस्तेमाल किए जा रहे हैं?
अंतरराष्ट्रीय सीमा से तस्करी
पंजाब और पाकिस्तान की 553 किमी लंबी सीमा तस्करों के लिए एक आसान रास्ता है। कई इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था कमजोर होती है, जिससे तस्कर इन रास्तों का फायदा उठाते हैं। खेतों, नदी-नालों और कच्चे रास्तों के ज़रिए नशे की खेप आसानी से भारत में दाखिल होती है।
ड्रोन के ज़रिए तस्करी
हाल के वर्षों में तस्कर नई तकनीकों का इस्तेमाल कर रहे हैं। पाकिस्तान से ड्रोन के माध्यम से नशे की खेप भारतीय इलाकों में गिराई जाती है। ये ड्रोन जीपीएस तकनीक से लैस होते हैं और इन्हें पकड़ पाना मुश्किल होता है। भारतीय सुरक्षा एजेंसियां इन पर नज़र रख रही हैं, लेकिन कई बार तस्कर ड्रोन को पकड़ने से पहले ही नशा उठा लेते हैं।
सुरंगों और गुप्त रास्तों का इस्तेमाल
कुछ रिपोर्ट्स के अनुसार, भारत-पाकिस्तान सीमा पर तस्करों ने गुप्त सुरंगें बना रखी हैं, जिनके ज़रिए ड्रग्स की खेप भारत में लाई जाती है। बीएसएफ (सीमा सुरक्षा बल) समय-समय पर इन सुरंगों को खोजने और बंद करने का काम करता है, लेकिन तस्कर नए-नए रास्ते बना लेते हैं।
बॉर्डर पर तैनात एजेंट और भ्रष्टाचार
कई बार तस्कर बॉर्डर के कुछ स्थानीय लोगों और भ्रष्ट अधिकारियों की मदद से नशे को भारत में पहुंचाने में सफल हो जाते हैं। पैसे के लालच में कुछ लोग इस अवैध कारोबार में शामिल हो जाते हैं, जिससे तस्करी आसान हो जाती है।
समुद्री और ट्रेन मार्ग का इस्तेमाल
गुजरात और राजस्थान की सीमा से भी नशा भारत में घुसता है। कई बार पाकिस्तान से आने वाले कंटेनरों और ट्रेनों में हेरोइन छिपाकर भेजी जाती है। हाल ही में कई बार अटारी-वाघा बॉर्डर से नशे की बड़ी खेप पकड़ी गई है।
नेपाल और अफगानिस्तान के रास्ते तस्करी
पाकिस्तान से सीधे ही नहीं, बल्कि नेपाल और अफगानिस्तान के रास्ते भी ड्रग्स पंजाब में आ रही है। अफगानिस्तान दुनिया का सबसे बड़ा अफीम उत्पादक देश है, और वहां से पाकिस्तान होते हुए यह नशा पंजाब तक पहुंचता है।
पंजाब में नशे की बढ़ती समस्या
- युवाओं का नशे की चपेट में आना: पंजाब के गांवों में बड़ी संख्या में युवा नशे की गिरफ्त में आ चुके हैं।
- परिवारों पर असर: नशे की वजह से कई घर तबाह हो चुके हैं, और समाज में तनाव बढ़ रहा है।
- अपराध बढ़ रहा है: नशे की लत के कारण चोरी, लूटपाट और अन्य अपराध भी बढ़ रहे हैं।
इस पर रोक कैसे लगाई जा सकती है?
- सीमा पर सुरक्षा को और मज़बूत किया जाए।
- ड्रोन और आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल कर तस्करी को रोका जाए।
- नशा करने वालों के लिए पुनर्वास केंद्र खोले जाएं।
- तस्करों और नशे के सौदागरों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई हो।
- युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर दिए जाएं ताकि वे गलत रास्ते पर न जाएं।
पाकिस्तान से नशे की तस्करी पंजाब के लिए एक गंभीर खतरा बनी हुई है। जब तक सीमा सुरक्षा को मज़बूत नहीं किया जाएगा और ड्रग माफिया के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं होगी, तब तक इस समस्या का समाधान मुश्किल है। समाज को भी आगे आकर नशे के खिलाफ लड़ाई लड़नी होगी, तभी पंजाब को इस संकट से बचाया जा सकता है।