चंडीगढ़, 05/03/2026
यूटी प्रशासन ने शहर में कलेक्टर रेट में 30 से 60 प्रतिशत तक बढ़ोत्तरी का प्रस्ताव तैयार किया है, जिसे अप्रैल 2026 से लागू किया जा सकता है. प्रशासन की ओर से इस प्रस्ताव पर ड्राफ्ट नोटिफिकेशन अगले सप्ताह जारी होने की संभावना है, जिसके बाद आम जनता और संबंधित पक्षों से सुझाव मांगे जाएंगे. इस मुद्दे को लेकर पत्रकार पोस्ट के पत्रकार ने चंडीगढ़ प्रॉपर्टी कंसलटेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष विक्रम चोपड़ा से खास बातचीत की गई.
कलेक्टर रेट में बढ़ोतरी का सुझाव
प्रशासन के अनुसार, शहर के अलग-अलग इलाकों में कलेक्टर रेट में बढ़ोतरी का सुझाव डीसी निशांत यादव की अध्यक्षता वाली कमेटी ने दिया है. कलेक्टर रेट बढ़ने से संपत्ति की रजिस्ट्री के समय लगने वाली स्टांप ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन शुल्क भी बढ़ जाएंगे, जिससे प्रॉपर्टी खरीदने की कुल लागत में बड़ा इजाफा हो सकता है.
प्रस्ताव का विरोध जारी
वहीं, इस प्रस्ताव का चंडीगढ़ प्रॉपर्टी कंसल्टेंट्स एसोसिएशन ने कड़ा विरोध किया है. एसोसिएशन के सदस्यों ने प्रशासन से अपील करते हुए कहा है कि इस बढ़ोतरी को कम से कम चार महीने के लिए टाल दिया जाए और कलेक्टर रेट को बाजार की मौजूदा स्थिति के अनुसार रेशनलाइज किया जाए. उनका कहना है कि सोसाइटी फ्लैट्स के रेट में 20 प्रतिशत से अधिक बढ़ोतरी नहीं होनी चाहिए और कमर्शियल प्रॉपर्टी के रेट्स को घटाया जाना चाहिए.
मिडिल क्लास पर पड़ेगा असर
चंडीगढ़ प्रॉपर्टी कंसलटेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष विक्रम चोपड़ा ने बताया कि यदि प्रस्तावित बढ़ोतरी लागू होती है तो इसका सबसे अधिक असर मिडिल क्लास पर पड़ेगा और उनके लिए घर खरीदना और भी मुश्किल हो जाएगा. उनका ये भी दावा है कि इससे प्रॉपर्टी मार्केट में मंदी आ सकती है और रियल एस्टेट ट्रांजेक्शन कम हो सकते हैं.
प्रॉपर्टी खरीदना होगा मुश्किल
उन्होंने बताया कि कलेक्टर रेट बढ़ने से स्टांप ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन शुल्क में भी वृद्धि होगी. चंडीगढ़ में स्टाम्प ड्यूटी आमतौर पर कलेक्टर रेट के आधार पर 5 से 7 प्रतिशत तक लगती है. ऐसे में एक करोड़ रुपये की संपत्ति खरीदने पर खरीदार को लाखों रुपये अतिरिक्त का भुगतान करना पड़ सकता है. हमारा मानना है कि यदि रेट्स में इतनी बड़ी बढ़ोतरी की जाती है तो इससे बाजार पर नकारात्मक असर पड़ेगा और शहर में प्रॉपर्टी खरीदना आम लोगों के लिए और कठिन हो जाएगा. अंतिम निर्णय प्रशासन की ओर से जनता और संबंधित संगठनों से मिले सुझावों के बाद लिया जाएगा.
