चंडीगढ़, 28/09/2025
पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज ओल्ड स्टूडेंट्स एसोसिएशन (पिकोसा) की एनुअल जनरल मीटिंग (एजीएम) रविवार, 28 सितम्बर 2025 को पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज (डीम्ड टू बी यूनिवर्सिटी), चंडीगढ़ में आयोजित की गई। इस अवसर पर पूर्व छात्र, फैकल्टी मेंबर्स और विद्यार्थी एकत्रित हुए और पेक समुदाय को और सशक्त बनाने के संकल्प के साथ एक प्रेरणादायी दिन का हिस्सा बने। कार्यक्रम की अध्यक्षता पेक के डीन, एलुमनाई, कॉर्पोरेट एंड इंटरनेशनल रेलशंस, प्रो. डॉ. राजेश कांडा ने मुख्य अतिथि के रूप में की।
कार्यक्रम की शुरुआत पिकोसा के अध्यक्ष इंजीनियर मनीष गुप्ता के स्वागत भाषण से हुआ। उन्होंने पूर्व छात्रों का आभार व्यक्त किया और संस्थान की प्रगति में उनके महत्वपूर्ण योगदान को रेखांकित किया। उन्होंने कहा, “हमारे पूर्व छात्र पेक के रियल ब्रांड एंबेसडर हैं, जो इसके मूल्यों को आगे बढ़ाते हैं और आने वाली पीढ़ियों को भी प्रेरित करते हैं।”
प्रो. डॉ. राजेश कांडा ने पिकोसा के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि पूर्व छात्र संघ संस्थान और अपने स्नातकों के बीच मजबूत संबंध स्थापित करने में सेतु का कार्य करता है। उन्होंने युवाओं को मार्गदर्शन देने, संस्थान की शैक्षणिक एवं व्यावसायिक पहचान बढ़ाने और पूर्व छात्रों को निरंतर सक्रिय बने रहने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में कोषाध्यक्ष इंजीनियर जोरावर सिंह ने वार्षिक वित्तीय प्रतिवेदन प्रस्तुत किया और पारदर्शिता एवं उत्तरदायित्व के प्रति पिकोसा की प्रतिबद्धता दोहराई। एजीएम का विशेष आकर्षण मेधावी छात्रों का सम्मान रहा, जहां पुरस्कार और छात्रवृत्तियां प्रदान की गईं। यह न केवल विद्यार्थियों की मेहनत की पहचान थी बल्कि उनके लिए पूर्व छात्र नेटवर्क से मिलने वाले सहयोग का भी प्रतीक रहा।
फोरम में पिकोसा की प्रमुख पहलों, जैसे जनरल एलुमनाई मीट, पर भी चर्चा हुई। सदस्यों ने पूर्व उपलब्धियों पर विचार किया और नए स्नातकों को जोड़ने तथा नेटवर्किंग के अवसर बढ़ाने जैसे नवाचारों पर सुझाव दिए।
कार्यक्रम का समापन पिकोसा के महासचिव इंजीनियर एच.एस. ओबेरॉय द्वारा धन्यवाद ज्ञापन से हुआ। उन्होंने सभी गणमान्य अतिथियों, पूर्व छात्रों, प्राध्यापकों और विद्यार्थियों का आभार व्यक्त किया तथा आयोजन की सफलता के लिए पूरी टीम की सराहना की।
2025 का एजीएम केवल प्रशासनिक बैठक नहीं बल्कि पेक परिवार की भावना और गर्व का उत्सव साबित हुआ। इसने न केवल पुराने साथियों से पुनर्मिलन का अवसर दिया बल्कि पिकोसा की उस दृष्टि को भी मजबूत किया, जो छात्रों के कल्याण, संस्थान की उन्नति और पेक की शाश्वत विरासत को सहेजने का माध्यम है।
