नई दिल्ली, 28/11/2025
दिल्ली के पटियाला हाउस कोर्ट ने दिल्ली में वायु प्रदूषण पर नियंत्रण की मांग के लिए इंडिया गेट पर प्रदर्शन के मामले में गिरफ्तार नौ आरोपियों को जमानत दे दी है. कोर्ट ने इन सभी आरोपियों को बीस-बीस हजार रुपये के मुचलके पर जमानत दी है. सुनवाई के दौरान आरोपियों की ओर से पेश वकील ने कहा कि आरोपियों का किसी भी प्रतिबंधित संगठन से कोई संबंध नहीं है और पुलिस के आरोप भ्रमपूर्ण और झूठे हैं. उन्होंने कहा कि नारे सत्ता के खिलाफ हो सकते हैं, लेकिन ये हिरासत का आधार नहीं हो सकते हैं. इसका फैसला ट्रायल में ही किया जा सकता है.
दिल्ली पुलिस ने इस मामले में 17 लोगों को गिरफ्तार किया था. पुलिस के मुताबिक इन आरोपियों ने वायु प्रदूषण के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए दस पुलिसकर्मियों पर मिर्च का स्प्रे फेंका. पुलिस इन आरोपियों के नक्सलियों से संबंध होने की पड़ताल कर रही है. पुलिस के मुताबिक इन प्रदर्शनकारियों ने नक्सलियों के समर्थन में नारे लगाए थे. पुलिस के मुताबिक इन प्रदर्शनकारियों ने माओवादी कमांडर माडवी हिडमा के समर्थन में नारे लगाए जो 76 सीआरपीएफ के जवानों की हत्या के लिए जिम्मेदार था. दिल्ली पुलिस के मुताबिक कुछ प्रदर्शनकारियों ने 9 नवंबर को मान सिंह रोड को जाम कर दिया था, जिसके बाद उनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता के संबंधित धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की थी.
दिल्ली पुलिस के मुताबिक रेडिकल स्टूडेंट यूनियन एक प्रतिबंधित संगठन है. आरोपियों ने सोशल मीडिया पर इस संगठन की प्रशंसा की थी. बता दें कि इंडिया गेट पर प्रदर्शन के मामले में 17 लोगों को गिरफ्तार किया गया था. जबकि कर्तव्य पथ पर प्रदर्शन करने के मामले में छह लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है. कर्तव्य पथ पर प्रदर्शन करने वाले छात्र दिल्ली यूनिवर्सिटी के थे जो भगत सिंह छात्र एकता मंच और हिमखंड नामक संगठन से जुड़े हुए थे. कुछ आरोपियों की जमानत याचिका पर कल यानि 29 नवंबर को भी सुनवाई होनी है.
