नई दिल्ली, 19/12/2025
सोनिया गांधी और राहुल गांधी के खिलाफ नेशनल हेराल्ड से जुड़े मनी लांड्रिंग के मामले में ईडी की ओर से दाखिल चार्जशीट पर संज्ञान लेने से इनकार करने के ट्रायल कोर्ट के आदेश को ईडी ने दिल्ली हाईकोर्ट में चुनौती दी है. ईडी ने राऊज एवेन्यू कोर्ट के 16 दिसंबर के आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी है.
दरअसल, 16 दिसंबर को राऊज एवेन्यू कोर्ट ने सोनिया गांधी और राहुल गांधी के खिलाफ ईडी की चार्जशीट पर संज्ञान लेने से इनकार कर दिया था. राऊज एवेन्यू कोर्ट ने कहा था कि किसी निजी शिकायत को आधार बनाकर ईडी की चार्जशीट पर संज्ञान नहीं लिया जा सकता है.
ट्रायल कोर्ट में सुनवाई के दौरान ईडी ने कहा था कि जिन लोगों ने कांग्रेस को दान दिया उनके साथ धोखाधड़ी की गयी. ईडी ने आगे कहा कि जिन लोगों ने दान दिया उनमें से कुछ को टिकट दिए गए. वहीं, एएसजी एसवी राजू ने गांधी परिवार की उस दलील का विरोध किया था कि एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (एजेएल) पर उनका कोई नियंत्रण नहीं था. उन्होंने कहा कि एजेएल ही मूल रुप से नेशनल हेराल्ड की प्रकाशक थी.
इस मामले में राहुल गांधी की ओर से पेश वरिष्ठ वकील आरएस चीमा ने कहा था कि कांग्रेस ने एजेएल को बेचने की कोशिश नहीं की थी, बल्कि वो इस संस्था को बचाना चाहती थी, क्योंकि वो स्वतंत्रता आंदोलन का हिस्सा थी. चीमा ने कहा था कि ईडी एजेएल का मेमोरेंडम ऑफ एसोसिएशन क्यों नहीं दिखा रही है. एजेएल की स्थापना जवाहर लाल नेहरू, जेबी कृपलानी, रफी अहमद किदवई और दूसरे कांग्रेस नेताओं ने 1937 में की थी. चीमा ने कहा था कि एजेएल के मेमोरेंडम ऑफ एसोसिएशन में कहा गया है कि उसकी सभी नीतियां कांग्रेस की होंगी.
सोनिया गांधी की ओर से पेश वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा था कि ईडी ने एक आश्चर्यजनक और अप्रत्याशित मामला बनाया. उन्होंने कहा था कि ईडी ने आश्चर्यजनक से भी ज्यादा मामला बनाया है. ये मनी लांड्रिंग का ऐसा मामला है जिसमें संपत्ति का कोई जिक्र नहीं है. सिंघवी ने कहा था कि यंग इंडियन ने पूरी कार्रवाई एसोसिएटेड जनरल लिमिटेड को कर्ज मुक्त करने के लिए किया. उन्होंने कहा था कि हर कंपनी अपने को कर्ज मुक्त करने के लिए कानून के मुताबिक कदम उठाती है. सिंघवी ने कहा था कि ईडी ने सालों तक कुछ नहीं किया और किसी निजी शिकायत को आधार बनाकर कार्रवाई शुरू की.
कोर्ट ने 2 मई को इस मामले में सोनिया गांधी, राहुल गांधी समेत सात आरोपियों को नोटिस जारी किया था. ईडी ने 15 अप्रैल को कोर्ट में अभियोजन शिकायत दाखिल किया था. ईडी ने इस मामले में आरोपपत्र में सोनिया गांधी, राहुल गांधी, सैम पित्रोदा, सुमन दुबे और अन्य सहित कई वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं को आरोपी बनाया है. ईडी ने मनी लांड्रिंग कानून की धारा 44 और 45 के तहत शिकायत दाखिल किया है.
