एसएएस नगर, 29/12/2025
सांसद मलविंदर सिंह कंग ने आज सेमीकंडक्टर लैबोरेटरी (एससीएल), मोहाली का दौरा किया, जहां उन्होंने संस्थान के महानिदेशक श्री कमलजीत सिंह के साथ एससीएल की भविष्य की रणनीतियों, विस्तार योजनाओं और चल रही आधुनिकीकरण पहलों को लेकर विस्तृत चर्चा की।
बैठक के दौरान सांसद ने इस बात पर संतोष व्यक्त किया कि भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) द्वारा एससीएल के लिए लगभग 4,500 करोड़ रुपये की महत्वाकांक्षी अपग्रेडेशन एवं आधुनिकीकरण नीति पर पहले ही विचार किया जा चुका है। उन्होंने संपूर्ण परिचालन तंत्र की कार्यप्रणाली के बारे में विस्तार से जानकारी ली और नीति के क्रियान्वयन की दिशा में बढ़ रही तैयारियों की समीक्षा की।
एससीएल प्रबंधन ने सांसद को अवगत कराया कि वर्ष 1976 में पंजाब सरकार द्वारा संस्थान को नामात्र टोकन राशि पर 51 एकड़ भूमि आवंटित की गई थी, जिसने इस प्रतिष्ठित राष्ट्रीय संस्थान की स्थापना और विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। प्रबंधन ने आगे बताया कि आधुनिकीकरण प्रक्रिया के तहत खरीद आदेश जारी करने की प्रक्रिया उन्नत चरण में है और इसके पूर्ण होने के बाद एससीएल के कार्यक्षेत्र में उल्लेखनीय विस्तार होगा। रणनीतिक क्षेत्रों के अतिरिक्त, संस्थान अब अनुसंधान एवं विकास (R&D), कौशल विकास तथा सीमित वाणिज्यिक गतिविधियां भी करेगा, जिससे भारत के सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम को मजबूती मिलेगी।
पंजाब सरकार के ऐतिहासिक सहयोग को याद करते हुए महानिदेशक ने कहा कि जिस प्रकार राज्य सरकार ने पूर्व में नाममात्र लागत पर भूमि उपलब्ध कराकर एससीएल के विकास में सहयोग किया था, उसी प्रकार भविष्य की विस्तार आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए, विशेषकर पूर्व टेलीफोन केबल कंपनी से संबंधित अतिरिक्त भूमि उपलब्ध होने की आशा की जा रही है।
पूर्ण समर्थन का आश्वासन देते हुए सांसद मलविंदर सिंह कंग ने कहा कि वे एससीएल के भविष्य के विस्तार की योजना को लेकर इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के समक्ष यह विषय उठाएंगे तथा संस्थान की मांग को पंजाब के मुख्यमंत्री श्री भगवंत सिंह मान तक भी आवश्यक विचार एवं सहायता के लिए पहुंचाएंगे।
उन्होंने राष्ट्रीय महत्व के संस्थानों जैसे एससीएल को सशक्त बनाने के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई, जो तकनीकी आत्मनिर्भरता, नवाचार और कौशल विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
