न्यूज डेस्क, 27/03/2026
शुक्रवार को हरियाणा के पूर्व सीएम और नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र हुड्डा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बीजेपी सरकार पर निशाना साधा. उन्होंने राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग करने वाले विधायकों को लेकर भी कड़ी टिप्पणी की. इसके अलावा कानून व्यवस्था और पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी घटाने के सराकर के फैसले पर भी भूपेंद्र हुड्डा ने प्रतिक्रिया दी.
कांग्रेस बैठक से बाहर रहेंगे विधायक
कांग्रेस विधायक दल की बैठक को लेकर भूपेंद्र हुड्डा ने कहा कि “30 मार्च को दिल्ली में होने वाली बैठक में क्रॉस वोटिंग करने वाले 5 विधायकों को शामिल नहीं किया जाएगा. जब तक पार्टी हाईकमान इस मामले में कोई अंतिम फैसला नहीं लेता, तब तक इन विधायकों को बैठक से दूर रखा जाएगा. ये फैसला पार्टी अनुशासन बनाए रखने के लिहाज से जरूरी है.”
वोट रद्द होने वाले विधायकों के नाम नहीं होंगे सार्वजनिक
राज्यसभा चुनाव के दौरान 4 कांग्रेस विधायकों के वोट रद्द हुए थे. इस सवाल पर भूपेंद्र हुड्डा ने कहा कि कांग्रेस के 5 विधायकों ने क्रॉस वोटिंग की, जबकि 4 के वोटों को जबरदस्ती रद्द किया गया. उन्होंने ये भी स्पष्ट किया कि वोट रद्द होने वाले विधायकों के नाम सार्वजनिक करना पार्टी की रणनीति का हिस्सा नहीं है.
कानून व्यवस्था और घोटालों पर सवाल
नेता प्रतिपक्ष ने हरियाणा की कानून व्यवस्था पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि सोशल प्रोग्रेसिव इंडेक्स के अनुसार राज्य सबसे असुरक्षित बन चुका है. इसके अलावा उन्होंने बैंकों में हो रहे बड़े घोटालों का मुद्दा भी उठाया और पूछा कि येस बैंक घोटाले के बाद भी प्राइवेट बैंकों में पैसा क्यों रखा गया. उन्होंने सरकार पर आरोप लगाया कि वह इन मामलों में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने में विफल रही है.
पेट्रोल-डीजल पर एक्साइज ड्यूटी घटाना बेअसर
नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी घटाने के फैसले को आम लोगों के लिए बेअसर बताया. उन्होंने कहा कि “सरकार भले ही टैक्स कम करने की बात कर रही हो, लेकिन तेल कंपनियों ने कीमतें बढ़ा दी हैं, जिससे उपभोक्ताओं को कोई वास्तविक राहत नहीं मिल रही. देश में पेट्रोल-डीजल की उपलब्धता को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है और सरकार लोगों में भरोसा बनाने में नाकाम रही है.”
मंडियों और किसानों के मुद्दे पर भी घेरा
भूपेंद्र हुड्डा ने मंडियों में बारदाने की कमी और धान घोटाले का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि “किसानों को लगातार परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, लेकिन सरकार ने अब तक किसी जिम्मेदार अधिकारी के खिलाफ ठोस कदम नहीं उठाया.” उन्होंने ये भी सवाल उठाया कि “अगर पेट्रोल, डीजल और गैस की कोई कमी नहीं है, तो सरकार लोगों में पैनिक क्यों फैलने दे रही है. उनके मुताबिक, ये साफ संकेत है कि लोगों का सरकार पर भरोसा कमजोर हो रहा है.”
