नई दिल्ली, 09/12/2025
संसद के शीतकालीन सत्र 2025 में आज मंगलवार को राष्ट्रगीत वंदे मातरम पर चर्चा की गई. इसकी शुरुआत सत्ता पक्ष की तरफ से अमित शाह ने की. वहीं, सदन में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने भारतीय जनता पार्टी को जवाब दिया.
मल्लिकार्जुन खरगे ने राज्यसभा में भारतीय जनता पार्टी की आलोचना करते हुए कहा कि जब 1921 में असहयोग आंदोलन के दौरान उनकी पार्टी के नेता ‘वंदे मातरम’ का नारा लगाते हुए जेल में बंद थे, तब बीजेपी की विचारधारा वाले पहले के लोग अंग्रेजों के लिए काम कर रहे थे. वंदे मातरम पर बहस में हिस्सा लेते हुए कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि उनकी पार्टी ने आजादी की लड़ाई के दौरान ‘वंदे मातरम’ का नारा बनाने का काम किया. उन्होंने कहा कि आपका (बीजेपी) इतिहास रहा है कि आप हमेशा आजादी की लड़ाई और देशभक्ति के गानों के खिलाफ रहे हैं. जब महात्मा गांधी ने 1921 में असहयोग आंदोलन शुरू किया, तो कांग्रेस के लाखों स्वतंत्रता सेनानी ‘वंदे मातरम’ का नारा लगाते हुए जेल गए. आप क्या कर रहे थे? उस समय आप अंग्रेजों के लिए काम कर रहे थे.
उन्होंने आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जवाहरलाल नेहरू का अपमान करने का कोई मौका नहीं छोड़ते. खड़गे ने कहा कि गृह मंत्री अमित शाह भी ऐसा ही करते हैं. इससे पहले, गृह मंत्री अमित शाह ने उन आरोपों को खारिज कर दिया कि वंदे मातरम की 150वीं सालगिरह पर राज्यसभा की स्पेशल चर्चा पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक तौर पर तय की गई थी. उन्होंने कहा कि आलोचकों को राष्ट्रीय गीत की विरासत और महत्व के बारे में ‘नए सिरे से सोचने’ की जरूरत है.
खरगे ने आगे कहा कि कांग्रेस वर्किंग कमेटी के सदस्यों, जिनमें नेहरू जी, महात्मा गांधी, मौलाना आजाद, नेताजी सुभाष चंद्र जी, सरदार पटेल जी, गोविंद वल्लभ पंत जी शामिल थे, ने एक प्रस्ताव पास किया जिसमें सिफारिश की गई थी कि जहां भी राष्ट्रीय समारोहों में वंदे मातरम गाया जाता है, वहां केवल पहले दो छंद ही गाए जाने चाहिए. क्या कांग्रेस वर्किंग कमेटी में नेहरू जी अकेले थे? आप उन सभी बड़े नेताओं का अपमान कर रहे हैं जिन्होंने मिलकर फैसला लिया था. प्रधानमंत्री और गृह मंत्री नेहरूजी को क्यों टारगेट करते हैं?.
संसद के उच्च सदन में बोलते हुए शाह ने कहा कि कुछ विपक्षी दलों के सांसदों ने कहा था कि यह बहस पश्चिम बंगाल की चुनावी पॉलिटिक्स से जुड़ी है. शाह ने कहा कि कुछ लोगों का मानना है कि क्योंकि बंगाल में चुनाव हैं, इसलिए यह चर्चा हो रही है. वे वंदे मातरम के महिमामंडन को पश्चिम बंगाल चुनाव से जोड़ना चाहते हैं. मुझे लगता है कि उन्हें अपनी समझ पर फिर से सोचने की जरूरत है. उन्होंने इस गाने को ‘एक अमर रचना बताया जो भारत माता के प्रति भक्ति और कर्तव्य जगाती है,’ और कहा कि जो लोग चर्चा के मकसद पर सवाल उठा रहे हैं, उन्हें ‘नए सिरे से, साफ-साफ सोचना चाहिए.’
