न्यूज डेस्क, 21/03/2026
अमेरिका-इजराइल-ईरान युद्ध शनिवार को 22वें दिन में प्रवेश कर गया. पूरे क्षेत्र में डर बढ़ता जा रहा है क्योंकि दुश्मनी कम होने के कोई संकेत नहीं दिख रहे हैं. हालांकि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का कहना है कि वह मध्य-पूर्व में सैन्य अभियानों को ‘समेटने’ पर विचार कर रहे हैं, जबकि इस क्षेत्र में और अधिक सैनिक भेज रहे हैं. इजराइल द्वारा ईरान के महत्वपूर्ण ‘साउथ पार्स’ गैस क्षेत्र पर हमला करने के बाद उसके प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने दावा किया कि ईरान ‘तबाह’ हो रहा है और उसने प्रमुख हथियार बनाने की अपनी क्षमता खो दी है. वहीं दूसरी ओर ईरान ने अपनी जवाबी कार्रवाई तेज कर दी है और ऊर्जा सुविधाओं को प्रभावित करके नए हमले किए हैं. साथ ही चेतावनी दी है कि यदि उसके आधारभूत आयामों पर फिर से हमला हुआ तो वह और भी कड़ा बदला लेगा. अल जजीरा की रिपोर्ट के अनुसार ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया है कि उसने इजराइल, कुवैत और सऊदी अरब में कई ठिकानों पर हमले किए हैं. रिपोर्ट के मुताबिक, सरकारी मीडिया में जारी एक बयान में आईआरजीसी ने कहा कि उसने तेल अवीव, एकर और हाइफा बे जैसे शहरों को निशाना बनाया. इसके साथ ही, कुवैत के अली अल-सलेम एयर बेस और रियाद के दक्षिण-पूर्व में स्थित सऊदी अरब के प्रिंस सुल्तान एयर बेस पर भी हमले किए गए. प्रेस टीवी के अनुसार आईआरजीसी के हवाले से बताया गया है कि इजराइल के हाइफा और तेल अवीव में 25 जगहों पर ‘खोर्रमशहर-4’ और ‘क़द्र’ मल्टी-वॉरहेड मिसाइलें दागी गई. इससे पहले अल जजीरा ने देश की ‘डिजास्टर रिस्क मैनेजमेंट यूनिट’ के हवाले से बताया था कि शुक्रवार को लेबनान में इजराइली हमलों में कम से कम 20 लोग मारे गए और 57 अन्य घायल हो गए. ‘नेशनल न्यूज एजेंसी’ द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार इन ताजा मौतों के साथ ही 2 मार्च से अब तक इजराइली हमलों में मरने वालों की कुल संख्या बढ़कर 1021 हो गई है. घायलों की संख्या बढ़कर 2641 हो गई है, जबकि 134,600 से ज्यादा लोग विस्थापित हो गए हैं और फिलहाल राहत केंद्रों में शरण लिए हुए हैं.
ईरानी तेल बाजार में आएगा, क्रूड सस्ता होने की संभावना!
दिल्ली में विदेश मामलों के विशेषज्ञ रोबिंदर सचदेव ने अमेरिका के एक फैसले पर टिप्पणी की है. अमेरिका ने ईरान और रूस से आने वाले तेल पर कुछ समय के लिए छूट (waiver) दी है. एएनआई से बातचीत में रोबिंदर सचदेव कहते हैं, “यह देखना बहुत दिलचस्प है कि अमेरिका कह रहा है कि समुद्र में मौजूद ईरानी तेल के लिए ईरान पर लगे बैन 30 दिनों के लिए रोक दिए जाएंगे. अब, इसका मतलब यह है कि कई जहाज़ ईरानी क्रूड ले जा रहे हैं जो किसी डेस्टिनेशन की ओर जा रहे हैं, या कई जहाज़ सिर्फ़ स्टोरेज के लिए इस्तेमाल हो रहे हैं; ये जहाज़ ज़्यादा नहीं चल रहे हैं. तो इन ईरानी जहाज़ों में शायद लगभग 150 मिलियन बैरल तेल है. अगर वह मार्केट में आता है, तो हां, यह क्रूड ऑयल मार्केट को नरम करने में मदद करेगा. तो यह बस कोल्ड मार्केट लॉजिक है जिसका अमेरिका इस्तेमाल कर रहा है. जैसा कि हम अच्छी तरह जानते हैं, उसने समुद्र में मौजूद रूसी तेल के लिए भी 30 दिनों के लिए छूट दी है. यहां तक कि समुद्र में मौजूद रूसी तेल का मतलब फिर से रूसी शैडो फ्लीट हैं जो क्रूड ऑयल ले जा रहे हैं. या तो वे किसी डेस्टिनेशन की ओर जा रहे हैं, या एक बार फिर वे समुद्र में कहीं पानी में बैठे हैं और अगली दिशा का इंतज़ार कर रहे हैं और वे असल में स्टोरेज टैंक की तरह काम कर रहे हैं…”
दुनिया के 22 देशों ने ईरान से हमले रोकने एवं होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर खोलने की अपील की
दुनिया के 22 देशों ने शनिवार को ईरान से हमले रोकने और होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने की अपील की. संयुक्त अरब अमीरात, बहरीन, ब्रिटेन, जर्मनी, फ्रांस, जापान, दक्षिण कोरिया और ऑस्ट्रेलिया समेत इन देशों ने पश्चिम एशिया में वाणिज्यिक जहाजों तथा तेल और गैस सुविधाओं पर ईरान के हमलों की निंदा की है. उन्होंने शनिवार को जारी एक संयुक्त बयान में कहा, ‘‘ ईरान की इन कार्रवाइयों का असर दुनिया के हर हिस्से के लोगों खासकर सबसे कमजोर तबके पर पड़ेगा.’’
अमेरिका कभी न खत्म होने वाले युद्ध में फंसा : जीडी बख्शी
वेस्ट एशिया में लड़ाई पर मेजर जनरल (डॉ) जीडी बख्शी (रिटायर्ड) कहते हैं, “…अमेरिका एक कभी न खत्म होने वाले लंबे युद्ध में फंस गया है. इस युद्ध से ग्लोबल इकॉनमी पर असर पड़ रहा है. होर्मुज स्ट्रेट के ब्लॉकेज की वजह से तेल की कीमतें आसमान छू रही हैं. मिड-टर्म चुनाव भी इस युद्ध की असलियत दिखाएंगे. डोनाल्ड ट्रंप ने राष्ट्रपति बनने के बाद 7-8 देशों पर हमले शुरू कर दिए हैं, पूरी दुनिया परेशान है…”
ईरान के नतांज परमाणु ठिकाने पर बड़ा हमला, अमेरिका व इजराइल ने गिराए बम
अमेरिका और इजराइल की ओर से ईरान के सबसे अहम नतांज परमाणु केंद्र पर बड़ा हमला किया गया. ईरान की आधिकारिक समाचार एजेंसी मिजान ने बताया, अमेरिका और इजरायल ने मिलकर यहां जबरदस्त बमबारी की है. हालांकि ईरान ने इंटरनेशन एटॉमिक एनर्जी एजेंसी को बताया कि इस अटैक में किसी भी तरह के रेडिएशन का रिसाव नहीं हुआ है. फिलहाल एजेंसी रिपोर्ट की जांच कर रही है.
पश्चिम एशिया में सैन्य अभियान ‘धीरे-धीरे कम’ करने पर विचार कर रहे ट्रंप
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि उनकी सरकार पश्चिम एशिया में सैन्य अभियानों को ‘‘धीरे-धीरे कम’’ करने पर विचार कर रहा है. हालांकि अमेरिका ने उस क्षेत्र में और युद्धपोत तथा मरीन सैनिक तैनात करने की घोषणा भी की है. ईरान ने भी दुनिया भर के पर्यटन स्थलों पर हमले की धमकी दी है.
अमेरिका के ये मिले-जुले संकेत ऐसे समय में आए हैं जब तेल की कीमतों में फिर उछाल से अमेरिकी शेयर बाजार में गिरावट आई. ट्रंप प्रशासन ने ईरानी तेल से लदे जहाजों पर लगे प्रतिबंध हटाने की घोषणा की, जिसका उद्देश्य बढ़ती ईंधन कीमतों को नियंत्रित करना है. इस बीच, युद्ध थमता नजर नहीं आ रहा है. इजराइल ने कहा कि शनिवार सुबह भी ईरान उसकी ओर मिसाइलें दागता रहा, जबकि सऊदी अरब ने बताया कि उसने देश के पूर्वी हिस्से में कुछ ही घंटों में 20 ड्रोन मार गिराए. सऊदी रक्षा मंत्रालय के अनुसार, इस हमले में कोई हताहत या नुकसान नहीं हुआ. लड़ाई में अब तक ईरान में 1,300 से अधिक, लेबनान में 1,000 से ज्यादा, इजराइल में 15 और इस क्षेत्र में 13 अमेरिकी सैनिकों की मौत हो चुकी है. लेबनान और ईरान में लाखों लोग विस्थापित हुए हैं.
ईरान ने शनिवार को रिवोल्यूशनरी गार्ड के प्रवक्ता अली मोहम्मद नैनी के लिए जनाजा निकाला, जिन्हें एक दिन पहले इजराइली हमले में मार दिया गया था. सरकारी मीडिया ने इस दौरान अंतिम प्रार्थना की तस्वीरें प्रसारित कीं. शनिवार सुबह इजराइल में सायरन बजे, जहां सेना ने कहा कि वह ईरान की ओर से हुए मिसाइल हमले का जवाब दे रही है. इजराइली सेना ने बताया कि वह तेहरान में लक्ष्यों को निशाना बना रही है. इससे पहले उसने कहा था कि उसने लेबनान की राजधानी बेरूत के दक्षिणी उपनगरों में हिजबुल्ला के ठिकानों पर भी हमले शुरू किए.
ईरान ने टूरिस्ट प्लेस को निशाना बनाने की धमकी दी
पश्चिम एशिया में बढ़ते युद्ध के तीन हफ्ते बाद ईरान ने धमकी दी कि वह अपने जवाबी हमलों का दायरा बढ़ाकर दुनिया भर की मनोरंजन और टूरिस्ट जगहों को भी शामिल करेगा. इसी बीच अमेरिका ने घोषणा की कि वह इस इलाके में और युद्धपोत और मरीन भेज रहा है. इन सैनिकों की तैनाती की खबरों के बाद शुक्रवार देर रात सोशल मीडिया पर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि उनकी सरकार असल में इस इलाके में फौजी ऑपरेशन खत्म करने पर विचार कर रही है. ये मिले-जुले संकेत तब आए जब तेल की कीमतों में एक और उछाल के कारण अमेरिकी शेयर बाजार में भारी गिरावट आई. इसके बाद ट्रंप सरकार ने घोषणा की कि वह जहाजों पर लदे ईरानी तेल पर लगे प्रतिबंध हटा लेगी. इस कदम का मकसद ईंधन की बढ़ती कीमतों पर काबू पाना था. इस बीच, युद्ध के कम होने के कोई संकेत नहीं दिख रहे हैं. इजरायल ने कहा कि शनिवार तड़के ईरान ने उस पर एक मिसाइल दागी, जबकि सऊदी अरब ने कहा कि उसने देश के पूर्वी इलाके में जहाँ तेल की बड़ी-बड़ी रिफ़ाइनरियाँ हैं, महज कुछ ही घंटों में 20 ड्रोन मार गिराए. रक्षा मंत्रालय ने बताया कि इन हमलों में किसी को कोई चोट नहीं आई और न ही कोई नुकसान हुआ. ये हमले उस घटना के एक दिन बाद हुए जब ईरानी लोग फारसी नववर्ष जिसे ‘नवरोज’ के नाम से जाना जाता है (जो आम तौर पर एक खुशी भरा त्योहार होता है), मना रहे थे और उसी दौरान तेहरान में इजरायली हवाई हमले हुए.
