न्यूज डेस्क, 20/03/2026
अमेरिका और इजराइल के द्वारा संयुक्त रूप से ईरान पर किए गए हमले का आज 21वां दिन है. इस जंग का असर पश्चिम एशिया समेत पूरे विश्व में देखा जा रहा है. वहीं, मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान ने कुवैत पर ड्रोन से हमला किया, जिससे तेल रिफाइनरी में आग लग गई.
प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के यह ऐलान करने के बाद कि ईरान जंग की आग में बुरी तरह खत्म हो गया है, तेहरान ने गुरुवार देर रात इजराइल की तरफ कई राउंड मिसाइलें दागीं. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, यरुशलम में कई धमाके की आवाज सुनी गई. इस दौरान पूरे शहर में एयर रेड सायरन बजने लगे. दूसरी तरफ ईरान के खिलाफ जंग से उत्पन्न परिस्थितियों के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के उनके पक्के राजनीतिक बेस को छोड़कर, सभी राजनीतिक पार्टियों के अमेरिकियों की तरफ से गुस्सा फूट पड़ा है. उनका कहना है कि, ट्रंप ने अमेरिका को मिडिल ईस्ट में एक नए युद्ध में धकेल दिया है. वहीं, दूसरी तरफ तेल की बढ़ती कीमतों, अनिश्चित नतीजों और अमेरिका में बढ़ते नुकसान के बावजूद, ‘मेक अमेरिका ग्रेट अगेन’ (MAGA) के समर्थक अभी भी ईरान में ट्रंप के इस कदम का बड़े पैमाने पर समर्थन करते हैं.
एलन मस्क ने सोशल मीडिया एक्स पर एक पोस्ट किया है. इसमें उन्होंने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर एक चित्र पोस्ट किया है. इसमें उन्होंने कहने की कोशिश की है कि अगर होर्मुज को नहीं खोला गया, तो विश्व अर्थव्यवस्था को लेकर जो भी कल्पना की गई है, वह प्रभावित हो जाएगा. उनके अनुसार विजन 2040 को हकीकत में बदलना है, तो होर्मुज की जरूरत पड़ेगी, भले ही उसका योगदान छोटा ही क्यों न हो.
ईरान के प्रेसिडेंट मसूद पेज़ेशकियन ने अपने नौरोज़, यानी ईरानियों के लिए नए साल के मैसेज में कहा कि उनका देश अपने पड़ोसियों के साथ लड़ाई नहीं चाहता, और दोहराया कि वह न्यूक्लियर हथियार नहीं लेना चाहता. मीडिया रिपोर्टस के मुताबिक, उन्होंने कहा, “हमारी मुश्किलें दुश्मनों के दखल का नतीजा हैं. हमारे प्यारे पड़ोसी जो हमें घेरे हुए हैं, आप हमारे भाई हैं… हम आपके साथ इन सभी मतभेदों को सुलझाने आए हैं.” उनके मुताबिक, ईरान ने प्रस्ताव दिया कि “इस इलाके में शांति और स्थिरता बनाने के लिए, इस्लामिक देशों से एक रीजनल सिक्योरिटी स्ट्रक्चर बनाया जाए. हमें इस इलाके में बाहरी लोगों की मौजूदगी की ज़रूरत नहीं है.”
इजराइल ने इस सप्ताह ईरान के बसीज बल के एक शीर्ष कमांडर को मारने के बाद एक बार फिर बल के निचले स्तर के अधिकारियों को निशाना बनाकर हमले किए. राजधानी तेहरान के आसपास बनी बसीज की विभिन्न चौकियों में से एक को निशाना बनाकर ड्रोन दागा गया. इस साल की शुरुआत में हुए विरोध प्रदर्शनों पर नियंत्रण करने में बसीज ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी. इजराइल और अमेरिका ने कहा है कि उनका मकसद लगातार बमबारी करके ईरान की सत्ता को निशाना बनाना है. निगरानी समूहों के मुताबिक करीब तीन सप्ताह पहले युद्ध शुरू होने के बाद से लगभग एक-तिहाई हमले अर्धसैनिक बल इस्लामिक रिवॉल्यूशनरी गार्ड कोर (आईआरजीसी) के शीर्ष नेतृत्व और बड़े ठिकानों पर किए गए हैं. साथ ही आईआरजीसी के बसीज स्वयंसेवकों पर भी हमले हुए हैं, जिनका काम ईरान की सरकार के प्रति वफादारी कायम रखना है.
श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमार दिसानायके ने संसद को बताया कि सरकार ने मार्च की शुरुआत में अमेरिका के दो लड़ाकू विमानों को देश के दक्षिण-पूर्व स्थित मत्ताला अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर उतरने की अनुमति देने से इनकार कर दिया था. दिसानायके ने कहा कि जिबूती स्थित अमेरिकी अड्डे से दो युद्धक विमानों ने चार और आठ मार्च को श्रीलंका आने की अनुमति मांगी थी, लेकिन दोनों अनुरोध अस्वीकार कर दिए गए.
ईरान रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने कहा कि अमेरिका-इजराइल हमलों में उसके प्रवक्ता अली मोहम्मद नैनी की मौत हो गई. गार्ड्स ने अपनी सेपा न्यूज वेबसाइट पर एक बयान में कहा, नैनी सुबह-सुबह अमेरिकी-जायोनी पक्ष के कायरतापूर्ण आतंकवादी हमले में शहीद हो गए. बता दें कि, अयातुल्ला अली खामेनेई 28 फरवरी को युद्ध के पहले दिन इजराइली एयरस्ट्राइक में मारे गए थे. वहीं, अमेरिकी और इजराइली अधिकारियों की तरफ से यह बात बढ़ रही है कि मोजतबा खामेनेई युद्ध में घायल हुए हैं.
