न्यूज डेस्क, 07/02/2026
भारत–अमेरिका व्यापार समझौते की डिटेल आ गई है पीयूष गोयल ने समझौते के समय भी कहा था की किसानों को चिंता करने की जरूरत नहीं है और आर्थिक माहिर भी कह रहे थे की किसानों का हित सुरक्षित रहेगा जिससे भारत को बड़े लाभ मिलेंगे जिससे किसानों की आय, खाद्य सुरक्षा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी।
• कृषि क्षेत्र को पूरा संरक्षण 🛡️🌱
समझौते में भारत ने अपने किसानों की रक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। केले, आम, साइट्रस फल, बेरी आदि जैसी संवेदनशील फसलें पूरी तरह सुरक्षित रखी गईं — किसी भी तरह की रियायत नहीं दी गई।
• डेयरी क्षेत्र 100% सुरक्षित 🐄🛑
भारत ने अपना पारंपरिक रुख बरकरार रखा — डेयरी सेक्टर पर कोई बाज़ार खुलापन नहीं। इससे करोड़ों छोटे डेयरी किसानों और सहकारी मॉडल को मजबूत संरक्षण मिला।
• सब्ज़ियों पर कोई रियायत नहीं 🥕🧅
प्याज़, मशरूम, लहसुन, आलू, मटर, चना, सेम जैसी प्रमुख सब्ज़ियाँ पूरी तरह सुरक्षित। इससे किसानों की आय और बाज़ार स्थिरता सुनिश्चित रहती है।
• अनाज व दालों की पूरी सुरक्षा 🌾🫘
गेहूं, चावल, मक्का सहित किसी भी अनाज या दाल पर कोई टैरिफ कटौती/कोटा नहीं। काबुली चना, मटर, दालें और अन्य मुख्य फसलें भारत की खाद्य सुरक्षा ढांचे के तहत सुरक्षित।
• फलों व कंद फसलों के किसानों को मदद 🍊🍋🍠
साइट्रस फल (संतरा, मंदारिन, क्लीमेंटाइन) और शकरकंद जैसी फसलों को पूरी सुरक्षा मिली — लाखों बागवानों को स्थिर आय का भरोसा।
• भारतीय कृषि निर्यातकों के लिए बड़ा लाभ 📦🚀
भारत-अमेरिका दोनों देश प्रमाणन, टेस्टिंग और मानकों को सरल बनाकर गैर-टैरिफ बाधाएं कम करेंगे। इससे ऑर्गेनिक, प्रोसेस्ड फूड और स्पेशियलिटी उत्पादों के निर्यात में तेजी आएगी।
• ग्रामीण MSMEs को मजबूती 🧵🏭
कृषि संरक्षण के साथ-साथ भारत को उद्योग क्षेत्रों (टेक्सटाइल, फुटवियर, केमिकल, मशीनरी आदि) में बड़ा बाज़ार लाभ मिला। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में फूड प्रोसेसिंग, कोल्ड-चेन व कारीगरी से जुड़े MSMEs को नए रोज़गार मिलेंगे।
• संतुलित समझौता, भारत के निर्यात को बड़ा फायदा 📉➡️📈
भारत को 18% की रियायती पारस्परिक टैरिफ दर से लाभ मिलेगा। जबकि किसानों पर किसी भी विदेशी प्रतिस्पर्धा का अतिरिक्त दबाव नहीं पड़ेगा — यह समझौता पूरी तरह किसान-हितैषी है।
