चंडीगढ़, 8/03/2026
घरेलू खर्चों को कम करने और कमजोर वर्गों को आर्थिक सहायता प्रदान करने के लिए पंजाब सरकार की निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाते हुए ‘मेरी रसोई’ योजना को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए वित्तीय वर्ष 2026–27 में 900 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान रखा गया है।
वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा द्वारा आज यहां पंजाब विधानसभा में 2026–27 के बजट के दौरान किए गए इस ऐलान का खाद्य, सिविल सप्लाई और उपभोक्ता मामलों के मंत्री लाल चंद कटारूचक्क ने दिल से स्वागत किया।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान और वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा का धन्यवाद करते हुए श्री कटारूचक्क ने कहा कि यह प्रमुख योजना राज्य भर के कमजोर परिवारों के लिए भोजन और पोषण सुरक्षा को मजबूत करने में बहुत मदद करेगी।
इस पहल के तहत एनएफएसए/स्मार्ट राशन कार्ड योजना के अंतर्गत आने वाले लगभग 40 लाख परिवारों को उनके अनाज प्राप्त करने के मौजूदा अधिकार के अलावा 2 किलो चीनी, 2 किलो चने की दाल, 1 लीटर सरसों का तेल, 200 ग्राम हल्दी और 1 किलो नमक जैसी आवश्यक वस्तुओं वाली तिमाही राशन किटें मुफ्त प्रदान की जाएंगी।
इसके अलावा लोगों की लंबे समय से चली आ रही मांग को पूरा करते हुए आने वाले वर्ष में 10 लाख नए लाभार्थियों को शामिल कर खाद्य सुरक्षा का लाभ दिया जाएगा।
पंजाब के प्रत्येक परिवार के लिए खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ-साथ यह भी घोषणा की गई कि लोगों को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए राज्य सरकार ने खाली पड़ी रिक्तियों के विरुद्ध राज्य में डिपो (एफपीएस) आवंटित करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है।
अगले 1–2 महीनों में इस प्रक्रिया के पूरा होने पर राज्य में उचित मूल्य की दुकानों/राशन डिपो चलाने के लिए लाइसेंस जारी किए जाएंगे, जिससे राज्य में स्मार्ट कार्ड राशन योजना के अंतर्गत पंजीकृत लाभार्थियों को गेहूं का वितरण भी किया जाएगा।
वन विभाग के संबंध में राज्य के सभी जिलों में ‘श्री गुरु तेग बहादुर हरियावल संकल्प’ पहल के तहत अब तक 1.11 करोड़ से अधिक पौधे लगाए जा चुके हैं। ग्रीन पंजाब मिशन के तहत शहरी और सामुदायिक हरित क्षेत्रों का विस्तार करने के लिए नानक बगीचियां, पवित्र वन और पार्क विकसित किए जा रहे हैं।
वित्तीय वर्ष 2026–27 के दौरान 4150 हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में पौधारोपण करने का प्रस्ताव है। पनकैंपा योजना के तहत वन और वन्यजीव संरक्षण पहलों के साथ-साथ स्वीकृत योजनाओं के अंतर्गत 238 करोड़ रुपये आरक्षित रखे गए हैं।
इसके अतिरिक्त राज्य अगले आठ वर्षों के दौरान लागू किए जाने वाले 760 करोड़ रुपये के जापान इंटरनेशनल कोऑपरेशन एजेंसी (जे आई सी ए ) समर्थित परियोजना को शुरू करने जा रहा है, जिसका उद्देश्य सामुदायिक भागीदारी के माध्यम से वृक्षारोपण और जैव विविधता संरक्षण को बढ़ावा देना है, ताकि पंजाब की दीर्घकालिक पर्यावरणीय स्थिरता को मजबूत किया जा सके।
