शिमला, 01/12/2025
हिमाचल प्रदेश में बीते 24 घंटों के दौरान मौसम शुष्क रहा. हालांकि प्रदेश में तापमान माइनस में चला गया है और कड़ाके की ठंड पड़ रही है. नवंबर महीना इस साल सूखा ही बीत गया. महीने की शुरुआती हल्की बारिश और बर्फबारी को छोड़कर पूरे महीने मौसम साफ बना रहा. पूरे महीने न ही बारिश हुई और न ही बर्फबारी. जिसके चलते किसानों-बागवानों और पर्यटन कारोबारियों को काफी नुकसान हो रहा है.
इस दिन होगी बारिश-बर्फबारी
वहीं, अब दिसंबर महीना शुरू हो गया है. ऐसे में लोगों को उम्मीद है कि इस महीने आसमान उन पर कृपा दिखाए और बारिश-बर्फबारी हो जाए. मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने प्रदेश में आगामी दिनों में हल्की बारिश और बर्फबारी को लेकर संभावना जताई है. मौसम विभाग के मुताबिक प्रदेश में 4 और 5 दिसंबर को ऊंचाई और मध्य पर्वतीय इलाकों में हल्की बारिश और बर्फबारी होने का पूर्वानुमान है. जबकि निचले व मैदानी इलाकों में मौसम साफ बना रहेगा. ऐसे में आने वाले दिन लोगों को थोड़ी राहत पहुंचाने वाले हो सकते हैं.
घने कोहरे को लेकर चेतावनी
हिमाचल में कड़कड़ाती ठंड के साथ घने कोहरे की भी मार पड़ रही है. हिमाचल में 1 और 2 दिसंबर को घने कोहरे को लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है. बिलासपुर के भाखड़ा बांध व उसके आसपास के इलाकों और मंडी जिले के बल्ह में सुबह के समय घने कोहरे को लेकर चेतावनी जारी की गई है. इसके अलावा मौसम साफ रहेगा, जबकि 3 दिसंबर को मौसम पूरी तरह से साफ है. 4 और 5 दिसंबर को ही हल्की बारिश-बर्फबारी के आसार हैं.
कृषि-बागवानी और पर्यटन पर प्रभाव
नवंबर महीने में बारिश और बर्फबारी न होने का सबसे प्रतिकूल प्रभाव कृषि- बागवानी और पर्यटन कारोबार पर पड़ा है. बारिश न होने के चलते किसान गेहूं और रबी फसलों की बिजाई नहीं कर पाए हैं, क्योंकि मिट्टी में पर्याप्त नमी नहीं है. हालांकि जिन किसानों के पास सिंचाई की सुविधा है, उनके द्वारा गेहूं की बिजाई कर दी गई है, लेकिन अधिकांश किसान बारिश पर ही निर्भर हैं. वहीं, बर्फबारी न होने से बागवान भी खासे परेशान हैं. पर्यटन कारोबारी भी बेहद निराश नजर आ रहे हैं, क्योंकि बर्फबारी न होने के चलते पर्यटकों की संख्या काफी कम हो गई है. ऐसे में अब आगामी दिनों में अगर बर्फबारी होती है तो पर्यटन कारोबारियों को भी फायदा होगा.
जमने लगे नदी और झरने
हिमाचल में भले ही नवंबर महीने में बारिश-बर्फबारी न हुई हो, लेकिन पारा माइनस में जाने से ठंड बहुत बढ़ गई है. प्रदेशभर में शीतलहर जारी है. ऊंचाई वाले इलाकों, जैसे लाहौल-स्पीति में नदी-नाले और झरने जमने लगे हैं. इसके अलावा सड़कों पर भी पानी जमने लगा है, जिससे यहां ब्लैक आइस की हालात बन गए हैं. ऐसे में इन रास्तों पर सफर करना खतरे से खाली नहीं है. जिला प्रशासन द्वारा वाहन चालकों से सावधानी से गाड़ी चलाने का आग्रह किया जा रहा है.
ताबो रहा सबसे ठंडा
प्रदेश में -4.7 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान के साथ ताबो और -4.6 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान के साथ कुकुमसेरी सबसे ठंडा रहा. वहीं, समदो में भी -3.1 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान दर्ज किया गया है. इसके अलावा शिमला में 8.5, सुंदरनगर में 3.4, भुंतर में 1.3, कल्पा में 1.4, ऊना में 6.5, नाहन में 12.1, पालमपुर में 5.0, सोलन में 3.4, मनाली में 1.9, कांगड़ा में 5.2, मंडी में 4.5, बिलासपुर में 6.8, हमीरपुर में 4.6, जुब्बरहट्टी में 8.2, कुफरी में 8.8, नारकंडा में 6.0, भरमौर में 6.2, रिकांगपिओ में 3.2, सेओबाग में 0.3, बरठीं में 4.6, कसौली में 10.2, पांवटा साहिब में 10.0, सराहन में 5.2, देहरा गोपीपुर में 7.0, नेरी में 9.3 और बजौरा में 1.6 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान दर्ज किया गया है.
