नई दिल्ली, 06/12/2025
देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो में पिछले चार दिनों से जारी भारी परिचालन संकट के बीच नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने सख़्त रुख अपनाया है. मंत्रालय ने शनिवार को एयरलाइन को निर्देश दिया कि रद्द या बाधित उड़ानों के कारण लंबित पड़े सभी यात्री रिफंड रविवार, 7 दिसंबर की रात 8 बजे तक हर हाल में लौटा दिए जाएं. मंत्रालय ने चेतावनी दी कि इस समयसीमा का पालन न होने पर तत्काल नियामकीय कार्रवाई शुरू की जाएगी. साथ ही यह भी स्पष्ट कर दिया गया कि प्रभावित यात्रियों से किसी भी प्रकार का री-शेड्यूलिंग शुल्क नहीं लिया जाएगा.
इंडिगो की कठिनाइयों का असर पूरे घरेलू विमानन सेक्टर पर दिखाई दे रहा है. एयरलाइन ने चार दिनों में 1,000 से अधिक उड़ानें रद्द कर दी हैं, जिससे देशभर के प्रमुख हवाई अड्डों—दिल्ली, बेंगलुरु और हैदराबाद—पर भारी अव्यवस्था पैदा हो गई है. बड़ी संख्या में उड़ानें अचानक शेड्यूल से हटाए जाने से यात्रियों को न केवल असुविधा हुई है, बल्कि वैकल्पिक उड़ानों की कमी के चलते टिकट दरों में भी तेज़ उछाल देखने को मिला है.
इसी बढ़ती शिकायतों के मद्देनजर केंद्र सरकार ने शनिवार को सभी एयरलाइनों पर अस्थायी किराया सीमा (Fare Caps) लागू कर दी. मंत्रालय ने कहा कि उसे कई ऐसी शिकायतें मिली हैं जिनमें कुछ एयरलाइनों द्वारा “असामान्य रूप से ऊंचे किराए” वसूलने की बात सामने आई है. मंत्रालय ने “सभी एयरलाइनों को जारी आधिकारिक निर्देश” में कहा है कि वे इन नए किराया सीमाओं का कड़ाई से पालन करें. चेतावनी भी दी गई है कि किसी भी तरह का उल्लंघन “सार्वजनिक हित में तत्काल सुधारात्मक कदमों” को आमंत्रित करेगा. ये किराया कैप तब तक लागू रहेंगे जब तक कि स्थिति पूरी तरह सामान्य नहीं हो जाती.
इंडिगो में उत्पन्न इस संकट की जड़ नया लागू किया गया Flight Duty Time Limitation (FDTL) नॉर्म, विशेष रूप से पायलटों के लिए अनिवार्य साप्ताहिक विश्राम का प्रावधान रहा. नई व्यवस्था लागू होते ही क्रू की भारी कमी सामने आई, जिसके कारण रद्द उड़ानों की संख्या लगातार बढ़ने लगी. हालात बिगड़ते देख केंद्र ने हस्तक्षेप करते हुए इस साप्ताहिक विश्राम नियम को अस्थायी रूप से वापस ले लिया है ताकि परिचालन स्थिरता जल्द से जल्द बहाल की जा सके
