कुरुक्षेत्र, 21/12/2025
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि “राज्य सरकार जल्द ही भूमिहीन और जरूरतमंद परिवारों को 100-वर्ग गज के रिहायशी प्लॉट आवंटित करेगी. लगभग 7,000 ऐसे लाभार्थियों को प्रधानमंत्री आवास योजना से जोड़ा जाएगा और उसके बाद उन्हें घर बनाने के लिए तय वित्तीय सहायता दी जाएगी.” शनिवार को सीएम सैनी ने लाडवा विधानसभा क्षेत्र के प्रहलाद पुर, बादरपुर और बानी गांवों में एक रैली और जन संवाद कार्यक्रमों को संबोधित किया.
योग्य आवेदकों को मिलेंगे 100 गज के प्लॉट
कुरुक्षेत्र दौरे के दौरान सीएम ने लोगों की शिकायतें सुनीं और तुरंत समाधान के लिए मौके पर ही निर्देश दिए. सीएम सैनी ने कहा कि “मुख्यमंत्री शहरी आवास योजना के तहत, लगभग 15,500 परिवारों को पहले ही 30-वर्ग गज के प्लॉट दिए जा चुके हैं. जल्द ही, योग्य आवेदकों को इस योजना के तहत दूसरी किस्त के रूप में 30-वर्ग गज के प्लॉट का अतिरिक्त आवंटन मिलेगा.
नई सरकारी भर्तियों की घोषणा जल्द
मुख्यमंत्री नायब सैनी ने कहा “सरकार युवाओं को रोजगार देने के लिए जल्द ही नई सरकारी भर्तियों की घोषणा करेगी. चुनाव के दौरान, सरकार ने शपथ ग्रहण समारोह से पहले ही युवाओं को नियुक्ति पत्र जारी करने का वादा किया था और तीसरी बार सरकार बनाने के बाद, इस वादे को सबसे पहले पूरा किया गया. इतिहास में पहली बार, 25,000 युवाओं को एक साथ मेरिट के आधार पर सरकारी नौकरियां दी गई.”
सीएम की महिलाओं से अपील
सीएम सैनी ने कहा कि सभी सरकारी अस्पतालों, मेडिकल कॉलेजों और स्वास्थ्य विश्वविद्यालय में किडनी के मरीजों को मुफ्त डायलिसिस की सुविधा दी जा रही है. इसके अलावा, जिन परिवारों की सालाना आय 1.80 लाख रुपये से कम है, उन परिवारों की महिलाओं को 500 रुपये में LPG सिलेंडर दिए जा रहे हैं. लगभग 15 लाख महिलाएं पहले ही इस योजना का लाभ उठा रही हैं. जिन योग्य महिलाओं ने अभी तक आवेदन नहीं किया, सीएम ने उनसे आवेदन करने और योजना का लाभ उठाने का आग्रह किया.
24 फसलों पर न्यूनतम समर्थन मूल्य
सीएम ने कहा कि “हरियाणा देश का पहला राज्य बन गया है, जिसने सभी 24 फसलों पर न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) लागू किया है. जिससे किसानों से किया गया सरकार का वादा पूरा हुआ है. हाल ही में जलभराव के कारण फसलों को हुए नुकसान के कारण, 116 करोड़ रुपये की राशि सीधे किसानों के बैंक खातों में ट्रांसफर की गई है. भावांतर भरपाई योजना के तहत, उन किसानों के खातों में 430 करोड़ रुपये भी जमा किए गए हैं जिनकी बाजरे की फसल खराब हो गई थी
