वाराणसी, 03/12/2025
प्रतिबंधित कफ सिरप की तस्करी के केस की जांच के लिए ED की टीम बुधवार शाम को वाराणसी पहुंची. मामले के मास्टरमाइंड शुभम जायसवाल के घर पर प्रवर्तन निदेशालय की टीम ने नोटिस चस्पा किया. साथ ही ED की टीम ने घर पहुंच कर उसके परिजनों से पूछताछ भी की.
2000 करोड़ के अवैध कफ सिरप की बिक्री:
वाराणसी के रहने वाले शुभम जायसवाल का नाम कफ सिरप की तस्करी के मामले में सामने आया था. करोड़ों रुपये के कफ सिरप के अवैध कारोबार को लेकर हाल ही में शुभम के पिता को कोलकाता एयरपोर्ट से सोनभद्र की टीम ने गिरफ्तार किया था. इसके बाद जांच के दायरे में कई और लोग आ गये हैं.
शुभम की बहन ने रिसीव की नोटिस:
वाराणसी में बुधवार को प्रवर्तन निदेशालय की टीम शुभम जायसवाल के दुर्गा निवास पर पहुंची. उन्होंने नोटिस चिपकाने के बाद परिवार के लोगों से पूछताछ भी की. शुभम जायसवाल की मां ने ईडी के अधिकारियों से बात की. प्रवर्तन निदेशालय की टीम ने शुभम की बहन को नोटिस की कॉपी रिसीव करवाई. 2000 करोड़ के कफ सिरप मामले की जांच ईडी टीम कर रही है.
दोषी लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी:
इस मामले में सरगना शुभम जायसवाल अभी फरार चल रहा है और पिता भोला जायसवाल की गिरफ्तारी हो चुकी है. अमित सिंह टाटा को भी पिछले दिनों इस प्रकरण में गिरफ्तार किया जा चुका है. वाराणसी के पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल ने कहा कि जांच की जा रही है. दोषी लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.
उन्नाव में तीन मेडिकल स्टोर पर कार्रवाई, अंबिका हेल्थ केयर का मालिक फरार:
उन्नाव में कोडीन युक्त सिरप की अवैध खरीद फरोख्त को लेकर प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है. डीएम गौरांग राठी के निर्देश पर तीन सदस्यीय विशेष टीम गठित की गई. उसने बांगरमऊ और रसूलाबाद क्षेत्र में स्थित मेडिकल स्टोर्स पर छापेमारी कर जांच की. टीम में औषधि निरीक्षक अशोक कुमार, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट आनंद कुमार नायक और नायब तहसीलदार पूर्णिमा तिवारी शामिल रहीं. जांच में खुलासा हुआ कि बांगरमऊ क्षेत्र में संचालित अंबिका हेल्थ केयर ने कोडीन युक्त सिरप की खरीद लखनऊ स्थित इधिका नाम की कंपनी से की थी.
फर्जी बिलिंग के प्रमाण मिले:
लखनऊ की औषधि आयुक्त मंडल की रिपोर्ट प्राप्त हुई, जिसमें पुष्टि हुई कि 22 अगस्त 2024 से 8 अक्टूबर 2025 के बीच अंबिका हेल्थ केयर ने कुल 1,07,890 शीशियां खरीदी थीं. इनको बांगरमऊ और रसूलाबाद क्षेत्र की दो अन्य दुकानों पर बेचा गया. जांच में पाया गया कि बांगरमऊ कस्बे के मोहल्ला नौनिहालगंज स्थित अजय मेडिकल स्टोर का नाम बिल में दर्शाया गया था, जबकि पूछताछ में पता चला कि इस स्टोर का संचालन अरुण कुमार करता है, जो अंबिका हेल्थ केयर के प्रोपराइटर अजय कुमार का भाई है. इसके अलावा रसूलाबाद के नंदिनी मेडिकल स्टोर की भी जांच की गई, जहां से संदिग्ध बिलिंग के प्रमाण मिले.
आरोपी अजय कुमार हुआ फरार:
औषधि निरीक्षक अशोक कुमार की ओर से अंबिका हेल्थ केयर के मालिक अजय कुमार के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है. आरोप है कि अजय कुमार ने कोडीन युक्त सिरप को नशे में प्रयोग कराने वाले लोगों तक पहुंचाने के इरादे से अवैध रूप से वितरित किया. अतिरिक्त मजिस्ट्रेट आनंद कुमार नायक ने बताया कि दो मेडिकल स्टोरों के लाइसेंस तुरंत सस्पेंड कर दिए गए हैं और दोनों दुकानें फिलहाल सील कर दी गई हैं. वहीं, अंबिका हेल्थ केयर का मालिक अजय कुमार गिरफ्तारी से बचने के लिए फरार बताया जा रहा है.
