चंडीगढ़, 18/12/2025
हरियाणा विधानसभा का शीतकालीन सत्र आज से शुरू हो गया. पहले दिन सदन में कई बार सत्ता पक्ष और विपक्ष में विभिन्न मुद्दों पर बहस हुई. एक तरफ जहां पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा को नेता विपक्ष बनने पर विधानसभा अध्यक्ष और सीएम ने बधाई दी, तो वहीं कई मुद्दों पर तीखी बहस भी हुई. इन सबके बीच श्री गुरु तेग बहादुर जी की 350वें शहीदी दिवस के सरकारी प्रस्ताव पर चर्चा के बाद सर्वसम्मति से पास किया गया. वहीं हांसी को जिला बनाए जाने को लेकर भी कुछ विधायकों ने सरकार का धन्यवाद किया. इसके साथ ही इनेलो की तरफ से शिक्षकों की कमी के संबंध में लाए गए ध्यानाकर्षण प्रस्ताव पर भी चर्चा हुई. सदन के अंत में विपक्ष का हंगामा और वॉक आउट भी हुआ.
विशेषाधिकार हनन कमेटी के मामले में हंगामा
सदन की कार्यवाही के दौरान जब हरियाणा विधानसभा में विशेषाधिकार हनन कमेटी की बैठक की रिपोर्ट सदन में प्रस्तुत हुई, तो उसको लेकर हंगामा हो गया. कांग्रेस विधायक अशोक अरोड़ा के साथ नगरपरिषद थानेसर की बैठक में हुई बदसलूकी पर कमेटी का समय अगले सत्र तक बढ़ाने का प्रस्ताव समिति के अध्यक्ष मूलचंद शर्मा ने अगले सत्र बढ़ाने का प्रतिवेदन रखा. इस पर कांग्रेस विधायकों ने सदन में हंगामा किया. विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि सदन में इस मामले पर चर्चा नहीं होगी, कमेटी में ही चर्चा होगी. विपक्ष के विरोध के बावजूद विशेषाधिकार समिति का कार्यकाल अगले सत्र तक बढ़ा दिया गया. सदन में इसको लेकर लाया गया प्रस्ताव पास हो गया. कांग्रेस ने इसका विरोध करते हुए वॉक आउट किया.
ध्यानाकर्षण प्रस्ताव पर चर्चा
इससे पहले इंडियन नेशनल लोकदल के विधायक अर्जुन चौटाला और आदित्य चौटाला के ध्यानाकर्षण प्रस्ताव पर चर्चा हुई. दोनों विधायकों ने हरियाणा के पॉलीटेक्निक कॉलेज और ITI में शिक्षकों की कमी का मसला ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के ज़रिए उठाया. अर्जुन चौटाला ने कहा कि सरकार प्रदेश में कौशल रोजगार उपलब्ध करवाने के लिए बड़े-बड़े दावा कर रही है. लेकिन संस्थानों में प्रशिक्षित शिक्षकों की भारी कमी है, गेस्ट या फिर टेंपरेरी शिक्षकों के आधार पर काम चलाया जा रहा है.
छात्रों के साथ खिलवाड़
उन्होंने कहा कि चालू शिक्षा सत्र में 2 लाख से अधिक छात्रों ने वोकेशनल शिक्षा के लिए पंजीकरण करवाया है. लेकिन उनके साथ खिलवाड़ हो रहा है. अध्यापकों की कमी के चलते शिक्षा की गुणवत्ता का असर पड़ रहा है. सरकार वोकेशनल शिक्षा को लेकर गंभीर नहीं है. अच्छी वोकेशनल शिक्षा के बिना उद्योग जगत को प्रशिक्षित कर्मचारी नहीं मिल पाएंगे. सरकार का ये कदम किसी भी सूरत में प्रदेश के हित में नहीं है. सरकार वोकेशनल शिक्षा को लेकर गंभीरता से काम करें.
सरकार गंभीर
ध्यानाकर्षण प्रस्ताव पर जवाब देते हुए शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने कहा कि सरकार शिक्षा के लिए पूरी तरीके से गंभीर है, अध्यापकों की ट्रेनिंग के पूरे प्रबंध किए गए हैं. हरियाणा सरकार कौशल रोजगार को बढ़ाने के लिए धरातल पर प्रभावी तरीके से काम कर रही है. सरकार ने शैक्षिक सत्र 2012-13 में इसकी शुरुआत की थी. शुरुआत में प्रदेश के 40 स्कूलों में कौशल शिक्षा शुरू की गई थी. इसमें करीबन 5000 छात्रों में हिस्सा लिया था. समय के साथ इसमें विस्तार हुआ, आज कौशल शिक्षा 1398 कॉलेज स्कूलों में सफलतापूर्वक चल रही है.
कौशल शिक्षा दी जा रही है
उन्होंने कहा कि चालू शिक्षा सत्र में 2,03,597 छात्र पंजीकृत हुए हैं. 15 व्यावसायिक क्षेत्र में भी कौशल शिक्षा दी जा रही है. केंद्र सरकार की व्यावसायिक शिक्षा योजना के तहत भी प्रदेश सरकार मिलकर काम कर रही है. भारत सरकार की तरफ से व्यावसायिक शिक्षा लेने वालों को 25,000 मासिक दिया जाता है, जबकि हरियाणा सरकार 53 हजार रुपए मासिक दे रही है. शिक्षकों की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए सरकार समय-समय पर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करती आ रही है. NCERT आदि के जरिए प्रशिक्षण दिलवाया जाता है.
छात्रों को ऑन जॉब ट्रेनिंग
उन्होंने कहा कि सरकार शिक्षा की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए हर प्रयास कर रही है. बच्चों को व्यवहारिक शिक्षा देने के लिए कुशल कारीगर भी बच्चों को ज्ञान देते हैं. विद्यार्थियों को प्रैक्टिकल ज्ञान देने के लिए उद्योग जगत की विजिट भी करवाई जाती है. छात्रों को ऑन जॉब ट्रेनिंग भी दी जाती है. कोविड को छोड़ दें तो सरकार हर साल रोजगार मेलों का आयोजन कर रही है जिसमें लाखों बच्चों को नियुक्ति पत्र दिए हैं. पिछले साल भी रोजगार मेलों में 536 बच्चों को नियुक्ति पत्र दिए गए हैं. वोकेशनल कोर्स के बच्चे अपना खुद का कारोबार शुरू कर सकते हैं, इसकी भी ट्रेनिंग सरकार देती है.
एक्सीलेंस सेंटर बनाया जाएगा
उन्होंने कहा कि सरकार ने सवा लाख बच्चों की एक प्रतियोगिता कराई जिसमें चयनित बच्चों को खुद का कारोबार शुरू करने के लिए एक ₹1,00000 की मदद दी. युवाओं को मजबूत बनाने के लिए सरकार निरंतर कार्य कर रही है. सरकार ने फैसला किया है जिले में एक स्कूल को वोकेशनल शिक्षा के लिए एक्सीलेंस सेंटर के तौर पर विकसित किया जाएगा. कौशल विश्वविद्यालय पलवल कौशल शिक्षा की जिम्मेदारी संभालेगा.
समाधान को तैयार सरकार
उन्होंने कहा कि सरकार व्यावसायिक शिक्षा और स्वरोजगार को बढ़ाने के लिए पूरी तरीके से गंभीर है. सरकार निष्ठा से काम कर रही है. सदन के सदस्यों को यदि वोकेशनल शिक्षा में कहीं भी कोई कमी दिखती है तो वे जानकारी दें, सरकार समाधान को तैयार है. अगर कोई कमी मिलती है तो जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की जाएगी, किसी को नहीं छोड़ा जाएगा. मैंने खुद भी बहुत सारे स्कूलों का दौरा किया है.
आईटीआई में करीब 87,000 सीट मंजूर
राज्यमंत्री गौरव गौतम ने ध्यानाकर्षण प्रस्ताव पर कहा कि प्राइवेट और सरकारी आईटीआई में करीब 87,000 सीट मंजूर हैं. इन सरकारी आईटीआई में करीब 5000 पद स्वीकृत है. 13% पद खाली पड़े हैं. सरकार ने नई भर्ती के लिए सरकार को मांग पत्र भेजा हुआ है. सरकारी आईटीआई में 6,000 सीटें मंजूर है. चालू सत्र में 55,000 छात्रों ने दाखिले लिए हैं. प्राइवेट आईटीआई में करीबन 18,000 सीटे हैं. सरकार आईटीआई युवाओं को नौकरी देने के लिए रोजगार मेलों का आयोजन करती है. 715 बच्चों को अप्रेंटिस मिली है. अभ्यर्थियों को नौकरियां भी मिली हैं. उन्होंने कहा कि सरकार ने मारुति कंपनी, नवीन जिंदल फाउंडेशन के साथ अनुबंध कर नौकरी देने के भी काम किए हैं. सरकार उद्योग जगत की जरूरत के हिसाब से कोर्स तय कर रही है.
शिक्षण संस्थानों में पद खाली
विधायक आदित्य चौटाला ने कहा कि यदि शिक्षण संस्थानों में पद खाली है तो हम अच्छी कौशल शिक्षा कैसे देंगे. स्थाई टीचर और टेंपरेरी शिक्षक को वेतन में काफी अंतर है. सरकार रोजगार निगम के बजाए सीधी भर्ती करें. आज खेलों में हरियाणा आगे बढ़ता जा रहा है, लेकिन तकनीकी शिक्षा में पिछड़ता जा रहा है. आज हरियाणा के हालात ऐसे हैं कि युवा विदेश में जाना चाहते हैं क्योंकि हरियाणा में काम नहीं मिल रहा. सरकार को वोकेशनल शिक्षा में विदेशी भाषा कोर्स भी शुरू करना चाहिए ताकि विदेशों में जाकर भी युवा अच्छी नौकरी हासिल कर सके.
अविश्वास प्रस्ताव को मंजूरी
इस सबके बीच विपक्ष की तरफ से सरकार के खिलाफ लाए जा रहे अविश्वास प्रस्ताव को भी स्पीकर ने मंजूरी दे दी है. शुक्रवार को सदन की कार्रवाई सुबह 10 बजे शुरू होगी जो डबल सीटिंग में रहेगी. दूसरी सीटिंग में कल अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा होगी, जिसमें विपक्ष जहां विभिन्न मुद्दों पर सरकार को घेरेगा, वहीं सत्ता पक्ष उसका जवाब देगा.
