पटियाला, 22/03/2025
पंजाब के पटियाला में 13-14 मार्च 2025 की रात को एक गंभीर घटना घटी, जिसमें सेना के कर्नल पुष्पिंदर सिंह बाठ और उनके बेटे अंगद सिंह पर पुलिसकर्मियों द्वारा कथित रूप से हमला किया गया। यह घटना सरकारी राजिंदरा अस्पताल के बाहर हुई, जहां कर्नल और उनके बेटे के साथ पार्किंग को लेकर विवाद हुआ।
घटना का विवरण
कर्नल की पत्नी, जसविंदर कौर बाठ, ने आरोप लगाया कि उनके पति और बेटे को सादे कपड़ों में कुछ पुलिस अधिकारियों ने गाड़ी हटाने के लिए कहा। जब कर्नल ने उनके असभ्य लहजे पर आपत्ति जताई, तो एक अधिकारी ने उन्हें मुक्का मारा, और पुलिसकर्मियों ने उनके और उनके बेटे के साथ मारपीट करना शुरू कर दिया। इस हमले में कर्नल का बायां हाथ टूट गया, जबकि अंगद सिंह के सिर पर गहरी चोट आई। दोनों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया।
पुलिस की ढीली कार्रवाई से परिवार परेशान
घटना के बाद, पंजाब पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 12 पुलिसकर्मियों को निलंबित किया और उनके खिलाफ विभागीय जांच शुरू की। पटियाला के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) नानक सिंह ने इस घटना पर खेद व्यक्त किया और कहा कि ऐसी घटना पहले कभी नहीं घटी। उन्होंने आश्वासन दिया कि 45 दिनों के भीतर जांच पूरी कर ली जाएगी।
जांच की प्रगति
पटियाला के डिप्टी कमिश्नर डॉ. प्रति यादव ने इस मामले की जांच आईएएस अधिकारी और नगर निगम कमिश्नर परमबीर सिंह को सौंपी है, जो तीन हफ्तों में अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे।
परिवार की मांग
कर्नल की पत्नी जसविंदर कौर बाठ ने इस मामले की सीबीआई जांच की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से नहीं लिया और एफआईआर दर्ज करने में देरी की। उन्होंने संबंधित पुलिस अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
इससे पहले भी पुलिस पर उठ चुके है सवाल
यह घटना पंजाब में सेना और पुलिस के बीच संबंधों पर सवाल खड़े करती है। 1992 में भी चंडीगढ़ में एक लेफ्टिनेंट कर्नल पर पुलिस द्वारा हमला किया गया था, जिससे दोनों बलों के बीच तनाव बढ़ा था।
नई एफआईआर दर्ज और एडीजीपी परमार करेंगे जांच
करनल बाठ के मुद्दे पर स्पेशल डीजीपी अर्पित शुक्ला ने बयान जारी करते हुए कहा की एक नई FIR No 69 पटियाला में दर्ज कर की गई है और नई SIT का गठन किया गया है जिसे एडीजीपी लॉ एंड ऑर्डर एसपीएस परमार लीड करेंगे उनके साथ एसआईटी में SSP होशियारपुर और SP मोहाली मेंबर बनाए गए है वहीं निष्पक्ष जांच के लिए इस केस में शामिल पुलिस अफसरों का जिले से बाहर ट्रांसफर कर दिया गया है और एडीजीपी सिक्योरिटी को परिवार की सुरक्षा की जिम्मेवारी दी गई है
कर्नल पुष्पिंदर सिंह बाठ और उनके बेटे अंगद सिंह पर हुए इस हमले ने पंजाब में कानून व्यवस्था और पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्न उठाए हैं। सरकार और संबंधित अधिकारियों द्वारा इस मामले की निष्पक्ष और त्वरित जांच आवश्यक है, ताकि दोषियों को उचित सजा मिल सके और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।