अमृतसर, 05/01/2026
सिख नैतिकता, गुरु गोलक और दसवंद पर दिए गए बयान को सिखों की आस्था पर हमला बताते हुए श्री अकाल तख्त साहिब ने मुख्यमंत्री भगवंत मान को 15 जनवरी को तलब किया है. जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज ने पंजाब सरकार और मुख्यमंत्री भगवंत मान के रवैये पर गंभीर सवाल उठाए हैं और उनसे जवाब मांगा है. उन्होंने सोमवार को कहा कि नैतिकता के हिसाब से मुख्यमंत्री के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.
श्री अकाल तख्त साहिब के कार्यवाहक जत्थेदार गड़गज ने कहा कि श्री अकाल तख्त साहिब की सर्वोच्चता और सिख सम्मान को कोई चुनौती बर्दाश्त नहीं की जाएगी. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सिख परंपरा गोलक को लेकर मीडिया में जो टिप्पणी की है, उसे बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. उन्होंने ये टिप्पणी जत्थेदार के खिलाफ नहीं बल्कि सिख पंथ की नैतिकता के खिलाफ की है. यह एक ऐसा पंथ है जिसकी नैतिकता को बनने में करीब 30 साल लगे हैं. उन्होंने कहा कि गोलक को लेकर की गई टिप्पणी सिखों की आस्था पर सीधा हमला है. भगवंत भान ने यह भी कहा कि बाल काटने का हुनर रखने वाले लोगों को गोलक में पैसे नहीं डालने चाहिए. पत्रकारों को सबूत दिखाते हुए उन्होंने कहा कि पंजाब के मुख्यमंत्री ने पिछले साल जनवरी में गोलक की बात की, फिर जून में और फिर नवंबर में गोलक पर कमेंट किया.
ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज ने कहा कि सिख गुरु साहिब के समय से ही दसवंद देते आ रहे हैं. जिसमें हर सिख अपनी श्रद्धा से पैसा डालता है और वह पैसा संगत में लगाया जाता है.
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने तो यहां तक कह दिया है कि गोलक हटा देनी चाहिए. उन्होंने सिखों की आचार संहिता (Code of Conduct) को चैलेंज किया है. उन्होंने श्री अकाल तख्त साहिब की सर्वोच्चता को चैलेंज किया है. भगवंत मान के इन बयानों को लेकर वरिष्ठ पदाधिकारियों ने हमारे पास शिकायतें की हैं. एक वीडियो में भगवंत मान गुरु साहिबों की फोटो के पास शराब पी रहे हैं और अपने हाथ से गुरु साहिबों की फोटो पर शराब की बूंदें मार रहे हैं. इसके साथ ही, एक दूसरे वीडियो में भगवंत मान ने 20वीं सदी के महान सिख, महान योद्धा संत बाबा जरनैल सिंह जी खालसा भिंडरावाले की मूर्ति के पास पेशाब करने की कोशिश की, फिर वह वहां भी शराब की बूंदें मारते हुए दिख रहे हैं. यह वीडियो सच है या झूठ, यह जांच का विषय है, लेकिन श्री अकाल तख्त साहिब इस वीडियो की जांच करवाएगा, जैसे ही इसकी रिपोर्ट आएगी, मुख्यमंत्री के खिलाफ सख्त से सख्त एक्शन लिया जाएगा. – ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज, जत्थेदार श्री अकाल तख्त साहिब
जत्थेदार गड़गज ने कहा कि फूलका साहिब मामले से जुड़े केस पंजाब से बाहर ट्रांसफर किए जा रहे हैं, लेकिन पंजाब सरकार इसका कड़ा विरोध नहीं कर रही है. उन्होंने कहा कि जब हाई कोर्ट पंजाब का माहौल खराब बताता है, तो सरकार का यह कर्तव्य है कि वह इसका कड़ा विरोध करे, चुप न रहे. ऐसा रवैया पंजाब की छवि खराब करता है.
जत्थेदार ने कहा कि 2016-17 में बठिंडा के मौड के पास हुआ बम धमाका एक आतंकवादी घटना थी. इसमें 5 बच्चों समेत 7 बेगुनाह लोगों की जान चली गई थी. वह खुद प्रभावित परिवारों से मिले हैं और अभी तक रिपनदीप सिंह नाम के एक नाबालिग बच्चे का स्कूल बैग उसके माता-पिता ने रखा हुआ है, जिसे देखकर परिवार अभी भी रोता है. उन्होंने कहा कि एनआईए जांच और आयोग की रिपोर्ट के बावजूद अभी तक दोषियों को गिरफ्तार नहीं किया गया है.
ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज ने कहा, “एक राज्य का मुख्यमंत्री बार-बार अकाल तख्त साहिब को चुनौती दे, उसकी गरिमा को चुनौती दे, लेकिन अकाल तख्त की गरिमा बनाए रखना हमारा कर्तव्य है, हम इसे बनाए रखेंगे.”
इसके अलावा, जत्थेदार साहिब ने बरगाड़ी बेअदबी मामले और अन्य संबंधित मामलों में सरकार पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि दोषियों को पंजाब में पेश करने से बचा जा रहा है. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री से जुड़े एक विवादित वीडियो की शिकायतें अकाल तख्त साहिब तक पहुंची हैं. इसकी जांच की जाएगी. इस पूरे मामले को देखते हुए मुख्यमंत्री को 15 जनवरी को श्री अकाल तख्त साहिब के सचिवालय में व्यक्तिगत रूप से पेश होकर सफाई देने के लिए बुलाया गया है. जत्थेदार साहिब ने साफ किया कि अकाल तख्त साहिब किसी राजनीतिक दबाव में नहीं है, बल्कि सिख सिद्धांतों और नैतिकता के तहत काम करता है और पंथ की मर्यादा की रक्षा करना उसका फर्ज है.
भाई जैता जी की तस्वीरों पर हुए विवाद के सिलसिले में पंजाब के ग्रामीण विकास और पंचायत मंत्री तरुनप्रीत सिंह सौंद सोमवार को अमृतसर के स्वर्ण मंदिर में स्थित श्री अकाल तख्त साहिब में पेश हुए. हेरिटेज स्ट्रीट से अकाल तख्त तक नंगे पैर चलकर मंत्री सौंद ने श्री आनंदपुर साहिब में भाई जीवन सिंह (जैता जी) की लगी तस्वीरों पर अपनी सफाई पेश की. मंत्री ने कहा कि अकाल तख्त के आदेश के अनुसार, किसी भी तरह की लापरवाही को रोकने के लिए विभाग में सिख सिद्धांतों और पंजाबी विरासत से परिचित व्यक्ति को नियुक्त किया जाएगा.
