नई दिल्ली, 01/01/2026
निर्मला सीतारमण मोदी कार्यकाल के दौरान वित्त मंत्री के रूप में लगातार अपना 9वां बजट भाषण संसद में पेश किया. अब बजट को लेकर अलग-अलग दलों के नेताओं की अलग-अलग प्रतिक्रिया सामने आ रही है. विपक्ष ने बजट पर निराशा जताई है.
बजट ऐसे समय में पेश किया गया है, जब ट्रंप टैरिफ से बनी ट्रेड वॉर की स्थिति ने ग्लोबल टेशन को बढ़ाया है. ऐसे में जब भू-राजनीतिक अनिश्चितता गहराई हुई है और इन चुनौतियों से निपटने के लिए मोदी सरकार की तरफ से बजट में कई बड़े ऐलान किए जाने की उम्मीद जताई गई. हालांकि, यह आम बजट आने वाले वित्तीय वर्ष में सरकार की आर्थिक नीतियों की दिशा तय करेगा.
बजट में पश्चिम बंगाल का जिक्र नहीं, अभिषेक बनर्जी ने कहा
तृणमूल कांग्रेस सांसद अभिषेक बनर्जी ने कहा कि, केंद्रीय वित्त मंत्री ने 1 घंटा 25 मिनट तक बात की. इस पूरे समय में, पश्चिम बंगाल का एक बार भी जिक्र नहीं हुआ. बनर्जी ने कहा कि, इस बजट में युवाओं, किसानों या रोजगार का भी जिक्र नहीं किया गया. उन्होंने कहा कि, यह बजट बिना चेहरे का, बिना आधार का और बिना सोच वाला है.
बंगाल के लिए एक भी पैसा नहीं दिया: ममता बनर्जी
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने केंद्र पर आरोप लगाया कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के आम बजट 2026-27 में पश्चिम बंगाल के लिए कुछ भी नहीं है. निर्मला सीतारमण ने वाराणसी और सिलीगुड़ी के बीच एक सहित सात हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर का प्रस्ताव दिया और कहा कि सरकार पूर्व में पश्चिम बंगाल के डांगकुनी को पश्चिम में गुजरात के सूरत से जोड़ने वाले नए डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर बनाएगी. ममता बनर्जी ने केंद्र सरकार पर ‘सरासर झूठ’ फैलाने का आरोप लगाया. उन्होंने गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (GST) को लेकर केंद्र की आलोचना की. उन्होंने कहा कि उन्होंने तीन कॉरिडोर अनाउंस किए, हम पहले ही छह अनाउंस कर चुके हैं. उन्होंने तीन कॉरिडोर के बारे में जो कहा वह पूरी तरह से झूठ से भरा है. सरासर झूठ. यह पहले से ही प्रोसेस में है, और हमने वहां काम करना शुरू कर दिया है. पुरुलिया में जंगलमहल जंगल सुंदरी प्रोजेक्ट में, इस इकोनॉमिक कॉरिडोर के लिए, 72,000 करोड़ रुपये इन्वेस्ट किए जाने हैं. उन्होंने बंगाल को एक पैसा भी नहीं दिया है. वहां सिर्फ एक टैक्स है, GST. ‘वे हमारा पैसा ले रहे हैं और बड़ी-बड़ी बातें कर रहे हैं कि वे हमें पैसा दे रहे हैं. यह हमारा पैसा है. इसलिए, उनके पास सरकार चलाने और देश को इस तरह खत्म करने का कोई मौलिक अधिकार नहीं है. वे देश के इकोनॉमिक स्ट्रक्चर, इस देश के कॉन्स्टिट्यूशनल स्ट्रक्चर और इंडिपेंडेंट एजेंसियों को खत्म करना चाहते हैं. वे बातें बहुत करते हैं लेकिन काम कम करते हैं.
राहुल ने कहा कि इस बजट में सब नजरअंदाज
लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने बजट पर अपनी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि बिना नौकरी वाले युवा, मैन्युफैक्चरिंग में गिरावट, इन्वेस्टर कैपिटल निकाल रहे हैं, घरेलू बचत में भारी गिरावट, किसान मुश्किल में, ग्लोबल झटके आने वाले हैं – सब नजरअंदाज. राहुल ने आगे कहा कि एक ऐसा बजट जो रास्ता बदलने से मना करता है, भारत के असली संकटों को नजरअंदाज करता है.
