नई दिल्ली, 01/01/2026
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आम बजट 2026 में शिक्षा क्षेत्र को लेकर कई अहम घोषणाएं की हैं. इस बजट में न केवल मेडिकल और हेल्थ एजुकेशन को मजबूत करने पर जोर दिया गया है, बल्कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल स्किल्स और रचनात्मक शिक्षा को भी प्राथमिकता दी गई है. सरकार का लक्ष्य शिक्षा को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप बनाना और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर तैयार करना है.
मेडिकल और बायोफार्मा शिक्षा को बढ़ावा
बजट की प्रमुख घोषणाओं में बायोफार्मा पावर योजना शामिल है. इसके तहत अगले पांच वर्षों में 10 हजार करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे. योजना का उद्देश्य भारत को वैश्विक बायोफार्मा निर्माण केंद्र के रूप में विकसित करना है.
इसके अंतर्गत तीन नए नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मास्युटिकल एजुकेशन एंड रिसर्च (NIPER) स्थापित किए जाएंगे और सात मौजूदा संस्थानों को आधुनिक बनाया जाएगा. इसके अलावा देशभर में 1000 से अधिक क्लीनिकल ट्रायल सेंटर खोले जाएंगे, जिससे मेडिकल छात्रों और शोधकर्ताओं को बेहतर प्रशिक्षण और शोध के अवसर मिलेंगे.
आयुर्वेद और पशु चिकित्सा शिक्षा पर जोर
सरकार ने पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों को बढ़ावा देने के लिए तीन नए इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ आयुर्वेद खोलने की घोषणा की है. इसके साथ ही आयुष फार्मेसी को अपग्रेड किया जाएगा. बजट में वेटनरी और पैरा-वेटनरी कॉलेजों की स्थापना का भी प्रस्ताव है, जिससे पशु चिकित्सा क्षेत्र में करीब 20 हजार नए पेशेवर तैयार किए जा सकेंगे.
विज्ञान, अंतरिक्ष और डिजाइन शिक्षा
विज्ञान और अंतरिक्ष अनुसंधान को प्रोत्साहित करने के लिए बजट में खगोल भौतिकी और खगोल विज्ञान से जुड़े चार बड़े टेलिस्कोप और प्लेनेटोरियम को स्थापित और उन्नत करने की घोषणा की गई है. इसके अलावा पूर्वी भारत में एक नया राष्ट्रीय डिजाइन संस्थान खोला जाएगा, जिससे तकनीकी और रचनात्मक शिक्षा को नई दिशा मिलेगी.
छात्राओं के लिए हर जिले में गर्ल्स हॉस्टल
STEM (विज्ञान, तकनीक, इंजीनियरिंग और गणित) क्षेत्रों में छात्राओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए सरकार ने हर जिले में गर्ल्स हॉस्टल बनाने का ऐलान किया है. इससे उच्च शिक्षा और शोध में महिलाओं की भागीदारी को बढ़ावा मिलेगा.
डिजिटल और क्रिएटिव स्किल्स पर फोकस
डिजिटल भारत पहल के तहत बजट में एनिमेशन, गेमिंग, विजुअल इफेक्ट्स और कॉमिक्स जैसे क्षेत्रों को बढ़ावा दिया गया है. इसके लिए 15,000 स्कूलों और 500 कॉलेजों में कंटेंट क्रिएटर लैब शुरू की जाएंगी. डिजाइन शिक्षा को बढ़ाने के लिए नए डिजाइन संस्थान भी स्थापित किए जाएंगे, जिससे युवाओं को नए जमाने की स्किल्स मिल सकें.
यूनिवर्सिटी टाउनशिप और विदेश पढ़ाई में राहत
बजट में औद्योगिक और लॉजिस्टिक कॉरिडोर के पास पांच यूनिवर्सिटी टाउनशिप स्थापित करने का प्रस्ताव रखा गया है. इनमें विश्वविद्यालय, रिसर्च संस्थान, स्किल सेंटर और आवासीय सुविधाएं शामिल होंगी. वहीं विदेश में पढ़ाई और चिकित्सा उद्देश्यों के लिए जाने वालों को राहत देते हुए TCS दर को 5 प्रतिशत से घटाकर 2 प्रतिशत करने का प्रस्ताव किया गया है.
