न्यूज डेस्क, 04/04/2025
पंजाब कैबिनेट बैठक में माइनिंग पॉलिसी को लेकर बड़ा ऐलान
पंजाब सरकार ने राज्य में रेत और बजरी खनन को पारदर्शी और सुचारू बनाने के लिए एक नई खनन नीति की घोषणा की है। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में यह फैसला लिया गया, जिससे अवैध खनन पर रोक लगाने और आम जनता को सस्ती दरों पर निर्माण सामग्री उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है।
- ई-टेंडरिंग प्रक्रिया होगी अनिवार्य: नई नीति के तहत सभी खनन स्थलों के आवंटन के लिए ई-टेंडरिंग की जाएगी, ताकि पारदर्शिता बनी रहे और भ्रष्टाचार पर अंकुश लगे।
- रेत और बजरी की दरों को किया गया नियंत्रित: सरकार ने खनन सामग्री की अधिकतम कीमत तय कर दी है, जिससे उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी और बिचौलियों की भूमिका खत्म होगी।
- अवैध खनन पर सख्ती: अवैध खनन पर रोक लगाने के लिए एक विशेष टास्क फोर्स का गठन किया जाएगा, जो लगातार निगरानी रखेगी।
- पर्यावरण संरक्षण पर जोर: खनन गतिविधियों के दौरान पर्यावरण सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने के लिए सख्त नियम लागू किए जाएंगे।
सरकार का मानना है कि इस नई नीति से न केवल सरकारी राजस्व में बढ़ोतरी होगी, बल्कि लोगों को सस्ती दरों पर निर्माण सामग्री भी मिल सकेगी। इसके अलावा, अवैध खनन पर लगाम कसने से पर्यावरण को भी कम नुकसान होगा।
विपक्ष का रुख
हालांकि, विपक्षी दलों ने इस नीति पर सवाल उठाए हैं और आरोप लगाया है कि सरकार को इसे प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए ठोस कदम उठाने होंगे। उनका कहना है कि पिछली सरकारों ने भी इस तरह की घोषणाएं की थीं, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई खास बदलाव नहीं हुआ।
जनता की उम्मीदें
इस नीति के लागू होने के बाद आम जनता और खासकर निर्माण क्षेत्र से जुड़े लोगों को काफी राहत मिलने की उम्मीद है। अब देखना होगा कि सरकार इस नीति को किस हद तक प्रभावी रूप से लागू कर पाती है।