बारामती, 28/01/2026
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार को ले जा रहे विमान को बुधवार सुबह खराब दृश्यता के बाद हवा में एक चक्कर लगाने के बाद एटीसी से उतरने की अनुमति मिल गई थी. लेकिन अंतिम तौर पर मिली अनुमति के बाद विमान ने एटीसी को कोई ‘रीड-बैक’ या प्रतिक्रिया नहीं दी और कुछ ही क्षण बाद रनवे किनारे पर वह दुर्घटनाग्रस्त हो गया.
नागर विमानन मंत्री के. राम मोहन नायडू ने कहा कि विमान खराब दृश्यता के बीच उतरने की कोशिश कर रहा था. नागर विमानन मंत्रालय द्वारा जारी किये गये एक बयान में ‘वीएसआर वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड’ के दुर्भाग्यपूर्ण ‘लेयरजेट 45’ विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने के अंतिम मिनटों का ब्योरा दिया गया है. इस दुर्घटना में पवार समेत विमान में सवार सभी पांच लोगों की मौत हो गई.
नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) और विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (एएआईबी) की टीमें विमान दुर्घटना की जांच करने के लिए मौके पर पहुंच चुकी हैं. प्रारंभिक जानकारी से पता चलता है कि विमान द्वारा लैंडिंग की कोशिश करने के समय हवाई अड्डे पर दृश्यता काफी कम थी.”
उन्होंने बताया कि जब बारामती के हवाई यातायात नियंत्रण (एटीसी) ने पायलट से पूछा कि क्या रनवे दिखाई दे रहा है, तो जवाब ‘नहीं’ था, जिसके बाद विमान ने हवा में ही एक चक्कर लगाया.
नागरिक उड्डयन मंत्री ने बताया कि दूसरी बार लैंडिंग की कोशिश के दौरान, एटीसी ने फिर से पूछा कि क्या रनवे दिखाई दे रहा है, जिस पर पायलट ने सकारात्मक जवाब दिया. नायडू ने कहा कि एटीसी द्वारा लैंडिंग की अनुमति दिए जाने के बाद विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया. उन्होंने कहा, “इस हादसे के संबंध में हम और अधिक जानकारी जुटाने का प्रयास कर रहे हैं और जांच को पारदर्शी तरीके से संचालित करेंगे.
इस दुर्घटना पर नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल ने कहा, “पहली नजर में ऐसा लगता है कि लैंडिंग के दौरान कोई विजिबिलिटी नहीं थी. विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो की टीम जांच करेगी. लेकिन, सबसे बुरी बात यह है कि दादा (डिप्टी चीफ मिनिस्टर) अब हमारे बीच नहीं रहे. यह यकीन करना मुश्किल है कि पुणे और महाराष्ट्र की पॉलिटिक्स दादा के बिना होगी. यह बहुत दर्दनाक घटना है एक पार्टी वर्कर के तौर पर, मुझे कई सालों तक उनका साथ मिला. वे आम आदमी से जुड़े और लोकप्रिया नेता के तौर पर जाने जाते थे. ऐसे नेता का जाना महाराष्ट्र के लिए बहुत बड़ा नुकसान है. हर कार्यकर्ता और हर इंसान दुखी है.
बारामती में एक ‘अनियंत्रित हवाई क्षेत्र’ है. ‘अनियंत्रित हवाई क्षेत्र’ का सामान्य अर्थ ऐसी जगह है, जहां कम दृश्यता में संचालन के दौरान विमान को निर्देश देने के लिए एक उचित ‘इंस्ट्रूमेंट लैंडिंग सिस्टम’ का अभाव हो. इस स्थिति में बारामती में यातायात संबंधी जानकारी बारामती के उड़ान प्रशिक्षण संगठनों के प्रशिक्षकों/पायलटों द्वारा प्रदान की जाती है.
बारामती विमान यातायात नियंत्रण कक्ष (एटीसी) के अनुसार, विमान से पहली बार सुबह आठ बजकर 18 मिनट पर संपर्क हुआ. इसके बाद, जब विमान बारामती से 30 नॉटिकल मील दूर था तब उसने संपर्क किया. पायलट को अपने विवेक से ‘दृश्य मौसम संबंधी स्थितियों’ में नीचे उतरने की सलाह दी गई. चालक दल ने हवाओं और दृश्यता के बारे में पूछा. तब उसे बताया गया कि हवाएं शांत हैं और दृश्यता लगभग 3,000 मीटर है.
नागर विमानन मंत्रालय के बयान में कहा गया, “विमान ने आखिरी तौर पर रनवे 11 के करीब आने की सूचना दी, लेकिन कहा कि रनवे उसे दिखाई नहीं दे रहा है. उसने पहले प्रयास में हवा में चक्कर लगाना शुरू किया.” चक्कर लगाने के बाद, चालक दल से फिर पूछा गया कि क्या उन्हें रनवे दिखाई दे रहा है.
जवाब था: “फिलहाल रनवे नजर नहीं आ रहा है. जब रनवे नजर आयेगा, हम संपर्क करेंगे.” कुछ सेकंड बाद, चालक दल ने बताया कि उसे रनवे दिखाई दे रहा है. बयान में कहा गया है, “विमान को सुबह आठ बजकर 43 मिनट पर रनवे 11 पर उतरने की अनुमति दी गई. हालांकि, उसने (चालक दल ने) लैंडिंग की अनुमति के बारे में कोई उत्तर नहीं दिया (एटीसी को जवाब नहीं दिया). इसके बाद, सुबह आठ बजकर 44 मिनट पर एटीसी ने रनवे 11 के किनारे के आसपास आग की लपटें देखीं.”
आपातकालीन सेवाएं तुरंत दुर्घटनास्थल पर पहुंचीं, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी. विमानन के क्षेत्र में, “चक्कर लगाना (गो-अराउंड)” एक मानक प्रक्रिया है जिसमें पायलट पहली बार में विमान उतारने का प्रयास रोक देता है और विमान उतारने की अगली कोशिश के तहत उसे ऊपर ले जाता है. इसका उपयोग तब किया जाता है जब खराब मौसम, रनवे पर अस्थिर ‘लैंडिंग’ स्थिति या यातायात जैसे कारणों से सुरक्षित ‘लैंडिंग’ संभव न हो.
‘रीडबैक’ एक महत्वपूर्ण सुरक्षा प्रक्रिया है जिसमें पायलट विमान यातायात नियंत्रण कक्ष से प्राप्त संदेश या निर्देश के आवश्यक हिस्सों को दोहराता है. यह एक ‘क्लोज्ड-लूप’ संवाद प्रणाली के रूप में कार्य करता है, जिससे यह सुनिश्चित होता है कि नियंत्रक के निर्देश उड़ान (चालक) दल द्वारा सही ढंग से सुने और समझे गए हैं.
घटनाक्रम कुछ ऐसा रहा
28 जनवरी 2026 को, विमान VI-SSK ने भारतीय समयानुसार सुबह 8:18 बजे बारामती से पहली बार संपर्क किया. विमान को बारामती की ओर 30 समुद्री मील की दूरी पर अगली सूचना मिली और पुणे अप्रोच से उन्हें उतरने की अनुमति दी गई. उन्हें पायलट के विवेकानुसार दृश्य मौसम संबंधी परिस्थितियों में उतरने की सलाह दी गई.
चालक दल ने हवाओं और दृश्यता के बारे में पूछताछ की और उन्हें बताया गया कि हवाएं शांत थीं और दृश्यता लगभग 3000 मीटर थी.
इसके बाद विमान ने रनवे 11 पर अंतिम अप्रोच की सूचना दी, लेकिन रनवे उन्हें दिखाई नहीं दिया. उन्होंने पहले प्रयास में गो-अराउंड शुरू किया.
गो-अराउंड के बाद, विमान से उसकी स्थिति के बारे में पूछा गया और चालक दल ने रनवे 11 पर अंतिम अप्रोच की सूचना दी. उनसे रनवे दिखाई देने पर सूचना देने के लिए कहा गया. उन्होंने उत्तर दिया, “रनवे अभी दिखाई नहीं दे रहा है, रनवे दिखाई देने पर सूचित करेंगे.”
कुछ सेकंड बाद उन्होंने सूचना दी कि रनवे दिखाई दे रहा है.
विमान को भारतीय समयानुसार सुबह 8:43 बजे रनवे 11 पर उतरने की अनुमति मिल गई थी, हालांकि, लैंडिंग की अनुमति की पुष्टि नहीं की गई.
इसके बाद, भारतीय समयानुसार सुबह 8:44 बजे एटीसी ने रनवे 11 के थ्रेशहोल्ड के पास आग की लपटें देखीं. आपातकालीन सेवाएं तुरंत दुर्घटनास्थल पर पहुंचीं. विमान का मलबा रनवे 11 के थ्रेशहोल्ड के ठीक बाईं ओर स्थित है.
विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (एएआईबी) ने इस हादसे की जांच अपने हाथ में ले ली है. बयान में कहा गया है कि एएआईबी महानिदेशक जांच के लिए दुर्घटनास्थल पर जा रहे हैं. विमान परिवहन कंपनी एक गैर-नियतकालिक ऑपरेटर (एनएसओपी) थी, जिसके पास अनुमति संख्या 07/2014 थी. प्रारंभिक एओपी (हवाई अड्डा संचालन योजना) 21 अप्रैल 2014 को जारी की गई थी। एओपी का अंतिम नवीनीकरण तीन अप्रैल 2023 को किया गया था और यह 20 अप्रैल 2028 तक वैध है.
वीएसआर वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड’ के बेड़े में सात ‘लेयरजेट 45’ विमान (दुर्घटना में शामिल विमान सहित), पांच एम्ब्रेयर 135बीजे विमान, चार किंग एयर बी200 विमान और एक पिलाटस पीसी-12 विमान हैं. बयान में कहा गया है कि पवार को ले जा रहे विमान का आखिरी नियामक ऑडिट डीजीसीए ने फरवरी 2025 में किया था और ‘कोई प्रथम स्तरीय निष्कर्ष जारी नहीं किया गया था.
इस विमान का निर्माण 2010 में हुआ था. विमान का उड़ान योग्य प्रमाण पत्र (सी ऑफ ए) 16 दिसंबर 2021 को जारी किया गया था. पंजीकरण का प्रमाण पत्र (सी ऑफ आर) 27 दिसंबर 2022 को जारी किया गया था. विमान का उड़ान योग्य समीक्षा प्रमाण पत्र (एआरसी) 10 सितंबर 2025 को जारी किया गया था और यह 14 सितंबर 2026 तक वैध था.
