न्यूज डेस्क, 11/04/2026
नासा के सबसे ऐतिहासिक मिशन्स में से एक Artemis II मिशन का ओरियन स्पेसक्राफ्ट पृथ्वी पर सफलतापूर्वक वापस लौट आया है. 10 अप्रैल 2026 को शाम 8:07 बजे ईडीटी यानी भारतीय समयानुसार करीब 11 अप्रैल 2026 की सुबह 5:37 AM पर यह स्पेसक्राफ्ट प्रशांत महासागर में कैलिफोर्निया तट के पास स्प्लैशडाउन कर गया.
इस दौरान चारों अंतरिक्ष यात्री सुरक्षित हैं और उनकी इस रोमांचक चंद्रमा यात्रा का समापन बखूबी हो गया. अब एक-एक कर अंतरिक्ष यात्रियों को स्पेसक्राफ्ट से निकाले जाने का प्रोसेस किया गया और एक-एक कर चारों एस्ट्रोनॉट्स को बिल्कुल सुरक्षित रूप से स्पेसक्राफ्ट से बाहर निकाला गया.
यह मिशन करीब दस दिनों तक चला था जिसमें कमांडर रीड वाइसमैन, पायलट विक्टर ग्लोवर, मिशन स्पेशलिस्ट क्रिस्टीना कोच और कनाडियन स्पेस एजेंसी के जेरेमी हैंसेन शामिल थे. स्पेसक्राफ्ट ने चंद्रमा की परिक्रमा पूरी की और वापसी के दौरान कई महत्वपूर्ण चरणों से गुजरा. पहले क्रू मॉड्यूल और सर्विस मॉड्यूल अलग हुए, फिर सर्विस मॉड्यूल पृथ्वी के वायुमंडल में जल गया. ओरियन ने क्रू मॉड्यूल रेज बर्न किया ताकि हीट शील्ड सही दिशा में रहे.
स्प्लैशडाउन के तुरंत बाद नासा और अमेरिकी नौसेना की टीम inflatable बोट्स से स्पेसक्राफ्ट के पास पहुंच गई. चारों क्रू मेंबर्स को सुरक्षित रूप से स्पेसक्राफ्ट से बाहर निकाल लिया गया है और अब उन्हें पहले हेलीकॉप्टर से यूएसएस जॉन पी मर्था जहाज पर ले जाया जा रहा है.
उसके बाद ह्यूस्टन के जॉनसन स्पेस सेंटर की ओर रवाना किया जाएगा. ओरियन को भी क्रेडल में सुरक्षित करके सैन डिएगो नौसेना बेस और फिर फ्लोरिडा के कैनेडी स्पेस सेंटर भेजा जाएगा जहां इसकी पूरी जांच होगी.
वायुमंडल में प्रवेश के समय स्पेसक्राफ्ट 35 गुना साउंड की स्पीड से चल रहा था और 4 लाख फीट की ऊंचाई पर पहुंचा. 6 मिनट का कम्युनिकेशन ब्लैकआउट भी हुआ जिसमें प्लाज्मा की वजह से सिग्नल कट गए. फिर ड्रोग्यू पैराशूट खुले, उसके बाद मेन पैराशूट ने गति को कम किया. अंत में 200 फीट प्रति सेकंड से भी कम स्पीड पर स्प्लैशडाउन हुआ. पूरी प्रक्रिया बिल्कुल प्लान के मुताबिक चली और कोई समस्या नहीं आई.
