न्यूज डेस्क, 23/03/2026
अमेरिका और इजराइल की ओर से संयुक्त रूप से ईरान के खिलाफ शुरू किए गए युद्ध का आज सोमवार को 24वां दिन है. इस संघर्ष के तीन हफ्ते बीत जाने के बाद भी इसके थमने के आसार नहीं है, क्योंकि दोनों ही पक्षों की ओर से आए दिन चेतावनियां और धमकियां दी जा रही है. इस बीच खाड़ी देशों में ड्रोन और मिसाइल हमले जारी हैं. अमेरिका की ओर से होमुर्ज समुद्री मार्ग को पहले जैसा बनाने को लेकर ईरान को 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया गया है जो आज समाप्त हो रहा है. वहीं, इन चेतावनियों के जवाब में ईरान ने खाड़ी देशों के महत्वपूर्ण ऊर्जा बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने की धमकी दी.
ट्रंप की चेतावनी के बाद ईरान के हमले और तेज
खबर है कि अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की चेतावनी के बाद ईरान के हमले और तेज हो गए. ट्रंप ने कहा कि यदि ईरान 48 घंटों के भीतर होमुर्ज को पूरी तरह से नहीं खोलता है तो अमेरिका ईरानी बिजली संयंत्रों को तबाह कर देगा. खबर ये भी है कि यदि अमेरिका द्वारा ईरान के बिजली संयंत्रों के खिलाफ दी गई धमकियों को अंजाम दिया जाता है तो होर्मुज को पूरी तरह से बंद किया जा सकता है. इससे भी अहम बात ये है कि अमेरिका तेहरान में सत्ता बदलने का उनका घोषित लक्ष्य अभी तक पूरा नहीं हुआ है.
युद्ध में मरने वालों की संख्या ईरान में 1500 से ज्यादा, लेबनान में 1000 से ज्यादा
शुक्रवार की रात को ईरान ने डिएगो गार्सिया मिलिट्री बेस पर दो बैलिस्टिक मिसाइलें दागी. यह बेस हिंद महासागर में स्थित अमेरिका और ब्रिटेन की एक संयुक्त सुविधा है, जो ईरान के तटों से लगभग 4,000 किलोमीटर दूर है. इस घटनाक्रम ने अमेरिका और यूरोप को हिलाकर रख दिया, क्योंकि ईरान ने पहले खुद ही अपनी मिसाइलों की मारक क्षमता की सीमा 2,000 किलोमीटर तय कर रखी थी. हालांकि ईरान ने आधिकारिक रूप से इस हमले से इनकार किया है. इसके साथ ही स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर ईरान की मजबूत पकड़ वैश्विक ऊर्जा कीमतों और अनिश्चितता को लगातार बढ़ा रही है. बता दें एपी की रिपोर्ट के अनुसार इस युद्ध में मरने वालों की संख्या ईरान में 1500 से ज्यादा, लेबनान में 1000 से ज्यादा, इजराइल में 15 और अमेरिकी सेना के 13 जवानों तक पहुँच गई है. इसके अलावा, खाड़ी क्षेत्र में जमीन और समुद्र दोनों जगहों पर कई आम नागरिक भी मारे गए हैं. लेबनान और ईरान में लाखों लोग बेघर हो गए हैं.
NATO प्रमुख ने अमेरिका के हमलों का समर्थन किया, ईरान की मिसाइल क्षमता से खतरे की चेतावनी दी
नाटो (NATO) के सेक्रेटरी जनरल मार्क रुटे ने ईरान के खिलाफ अमेरिका की कार्रवाई का समर्थन करते हुए कहा कि वह अभी हिंद महासागर में डिएगो गार्सिया स्थित अमेरिका-ब्रिटेन बेस पर हुए लंबी दूरी के हमले की रिपोर्टों का आकलन कर रहे हैं. साथ ही, उन्होंने चेतावनी दी कि तेहरान ऐसी मिसाइल क्षमताएं विकसित करने के बहुत करीब है, जो यूरोप के लिए खतरा बन सकती हैं. ईरानी मिसाइलों की संभावित मारक क्षमता का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, ‘हमें जो बात पक्के तौर पर पता है, वह यह है कि वे ऐसी क्षमता हासिल करने के बहुत करीब है.’ रुटे ने आगे चेतावनी दी कि ईरान के पास परमाणु और मिसाइल क्षमताओं का मेल एक वैश्विक खतरा पैदा करेगा. उन्होंने कहा, ‘अगर ईरान के पास मिसाइल क्षमता के साथ-साथ परमाणु क्षमता भी आ जाती है, तो यह इजरायल, इस क्षेत्र, यूरोप और दुनिया की स्थिरता के लिए एक सीधा खतरा, एक अस्तित्वगत खतरा होगा.
IDF ने ईरान में ताबड़तोड़ हमले शुरू किये
टाइम्स ऑफ इजराइल की एक रिपोर्ट के अनुसार इज़राइली रक्षा बलों (IDF) ने सोमवार को ईरान में ठिकानों पर ताबड़तोड़ हमले शुरू किये. अपने बयान में इजराइली सुरक्षा ने कहा, ‘आईडीएफ ने तेहरान में ईरानी आतंकी शासन के बुनियादी ढांचे को निशाना बनाते हुए बड़े पैमाने पर हमले शुरू किये. टाइम्स ऑफ इजराइल ने बताया कि इजराइल में ईरान के हालिया बैलिस्टिक मिसाइल हमले के बाद मध्य इजराइल के कई स्थानों पर क्लस्टर बम गिरने से नुकसान तो हुआ लेकिन किसी के हताहत होने की कोई खबर नहीं है. इससे पहले आईडीएफ ने कहा था कि उसने बड़े पैमाने पर ईरान में कई सुरक्षा निकायों को निशाना बनाया था. इनमें सैनिकों को प्रशिक्षण देने और विमानों को निशाना बनाने के लिए इस्तेमाल होने वाली मिसाइल प्रणालियों को रखने के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला एक सैन्य अड्डा, रक्षा मंत्रालय की हथियार उत्पादन और भंडारण सुविधा, आईआरजीसी की वायु सेना की एक हथियार उत्पादन साइट, ईरानी खुफिया मंत्रालय का मुख्यालय और आंतरिक सुरक्षा बलों का आपातकालीन मुख्यालय शामिल थे.
ईरान के रजा पहलवी ने अमेरिका और इजराइल से शासन को ‘खत्म करने’ की अपील की
ईरान के निर्वासित क्राउन प्रिंस रजा पहलवी ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से अपील की है कि वे शासन और उसके दमनकारी तंत्र को निशाना बनाना जारी रखें, लेकिन नागरिक बुनियादी ढांचे को नुकसान न पहुंचाएं. ईरान इस्लामिक रिपब्लिक नहीं है. ईरान का नागरिक बुनियादी ढाँचा ईरानी लोगों का है और एक आजाद ईरान के भविष्य का है. इस्लामिक रिपब्लिक का बुनियादी ढाँचा दमन और आतंक की वह मशीनरी है, जिसका इस्तेमाल उस भविष्य को हकीकत बनने से रोकने के लिए किया जाता है. ईरान को सुरक्षित रखा जाना चाहिए. शासन को खत्म किया जाना चाहिए. पहलवी सोशल मीडिया एक्स पर एक पोस्ट में कहा.
अमेरिका के हमलों में ईरान का टर्बाइन इंजन प्रोडक्शन प्लांट तबाह
अमेरिका ने सोमवार को कहा कि उसने ईरान के क्यूओएम( Qom) टर्बाइन इंजन प्रोडक्शन प्लांट पर एक बड़ा हमला किया है. इससे कथित तौर पर वह सुविधा तबाह हो गई है. अमेरिका सेंट्रल कमांड के अनुसार इस प्लांट का इस्तेमाल हमलावर ड्रोनों के लिए गैस टर्बाइन इंजन और ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स से जुड़े विमान के पुर्जे बनाने के लिए किया जाता था. सेंटकॉम (CENTCOM) ने उस जगह की तस्वीरें भी शेयर की, जिनमें हवाई हमलों के बाद सुविधा को हुए नुकसान का पैमाना दिखाया गया है. 6 मार्च को ली गई एक तस्वीर में हमले से पहले का प्लांट दिखाया गया है, जबकि तीन दिन बाद ली गई दूसरी तस्वीर में अमेरिका हमले के बाद उसे पूरी तरह से तबाह दिखाया गया है. एक्स पर एक पोस्ट में सेंटकॉम ने कहा, ‘Qom टर्बाइन इंजन प्रोडक्शन प्लांट हमलावर ड्रोनों के लिए गैस टर्बाइन इंजन और विमान के पुर्जे बनाता था, जिनका इस्तेमाल ईरान का इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स करता था.’
ट्रंप मिडिल ईस्ट में शांति ला रहे हैं: अमेरिकी वित्त मंत्री
अमेरिका के वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने सोमवार को कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरानी शासन को बेअसर कर रहे हैं और मिडिल ईस्ट में शांति ला रहे हैं. बेसेंट ने कहा कि ट्रंप के कदमों का मकसद दुनिया को एक सुरक्षित जगह बनाना है. एक्स पर एक पोस्ट में उन्होंने कहा, ‘राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरानी शासन को बेअसर कर रहे हैं और मध्य पूर्व में शांति ला रहे हैं. अगर एक-दो साल और मिल जाते, तो ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकना नामुमकिन हो जाता. सुरक्षा के बिना कोई समृद्धि नहीं होती, और हमारे पास पहले जो था, वह सिर्फ सुरक्षा का भ्रम था. राष्ट्रपति ट्रंप के निर्णायक कदमों की बदौलत हमारी दुनिया अब एक ज्यादा सुरक्षित और महफूज जगह है.’
अबू धाबी में मिसाइल के मलबे से एक भारतीय घायल
अबू धाबी मीडिया ऑफिस ने सोमवार को बताया कि यूएई के एयर डिफेंस सिस्टम द्वारा देश की राजधानी को निशाना बनाने वाली एक बैलिस्टिक मिसाइल को सफलतापूर्वक रोकने के बाद, गिरे हुए मलबे से एक भारतीय नागरिक को मामूली चोटें आई. उन्होंने बताया कि यह घटना अबू धाबी के अल शवामेख इलाके में हुई. एक्स पर एक पोस्ट में अबू धाबी मीडिया ऑफिस ने कहा, ‘अबू धाबी के संबंधित अधिकारियों ने अल शवामेख इलाके में मलबा गिरने की घटना पर कार्रवाई की है. यह घटना एयर डिफेंस सिस्टम द्वारा एक बैलिस्टिक मिसाइल को सफलतापूर्वक रोकने के बाद हुई. इस घटना के परिणामस्वरूप एक भारतीय नागरिक को मामूली चोट आई है. जनता को याद दिलाया जाता है कि वे केवल आधिकारिक स्रोतों से ही जानकारी प्राप्त करें और अफवाहें या बिना पुष्टि वाली जानकारी फैलाने से बचें.’
