नई दिल्ली 08/11/2025
दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर ऑटोमैटिक मैसेज स्विचिंग सिस्टम (AMSS) में आई तकनीकी खराबी को धीरे-धीरे सुधारा जा रहा है. दिल्ली हवाई अड्डे पर एयरलाइन संचालन सामान्य हो रहा है. आईजीआई एयरपोर्ट ने एक बयान में बताया कि यह समस्या अब धीरे-धीरे सुधर रही है और एयरलाइन ऑपरेशंस सामान्य हो रहे हैं. सभी संबंधित अधिकारी यात्रियों को होने वाली असुविधा को कम करने के लिए लगातार काम कर रहे हैं. एयरपोर्ट प्राधिकरण ने कहा कि यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे अपनी उड़ान की ताजा स्थिति जानने के लिए अपनी एयरलाइन से लगातार संपर्क बनाए रखें. हवाई अड्डे पर सामान्य स्थिति बहाल होने की दिशा में तेजी से प्रयास जारी हैं.
एएमएसएस प्रणाली की अस्थायी खराबी का समाधान
वहीं, इंडिगो एयरलाइंस ने एक पोस्ट में कहा, हमें यह बताते हुए खुशी हो रही है कि एयर ट्रैफिक कंट्रोल को प्रभावित करने वाली एएमएसएस प्रणाली की अस्थायी खराबी का समाधान कर लिया गया है और दिल्ली हवाई अड्डे तथा उत्तरी क्षेत्र के अन्य प्रभावित हवाई अड्डों पर सामान्य संचालन धीरे-धीरे बहाल किया जा रहा है. एयरलाइन ने इस समस्या के समाधान के लिए हवाई अड्डे और एटीसी अधिकारियों के प्रयासों की सराहना की.
इंडिगो ने कहा, हमारी ऑन-ग्राउंड टीमें आपकी सहायता के लिए उपलब्ध हैं. हम यह सुनिश्चित करने के लिए तत्पर हैं कि आप हवाई अड्डे से आसानी से गुज़रें और एक बार फिर एक सुगम और सुखद यात्रा का आनंद लें. इससे पहले, दिल्ली हवाई अड्डे पर AMSS (जो ATC डेटा को सपोर्ट करता है) में तकनीकी खराबी के कारण उड़ान संचालन बुरी तरह प्रभावित हो गया था, जिससे कई एयरलाइनों की उड़ानों में देरी हुई. इंडिगो एयरलाइंस ने पहले यात्रियों को सूचित किया था कि जब तक सिस्टम पूरी तरह से बहाल नहीं हो जाता, तब तक दिल्ली और उत्तरी क्षेत्र के कुछ अन्य हवाई अड्डों पर देरी जारी रह सकती है.
एयर ट्रैफिक सिस्टम में तकनीकी खराबी
बता दें कि शुक्रवार को दिल्ली के IGI एयरपोर्ट पर एयर ट्रैफिक सिस्टम में तकनीकी खराबी के कारण उड़ानें प्रभावित थी. करीब 250 फ्लाइट्स डीले हो गई थी. यात्रियों को एक एडवाइजरी जारी की गई थी जिसमें कहा गया कि अधिकारी इन समस्याओं को दूर करने के लिए काम कर रहे हैं. राष्ट्रीय राजधानी का इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा (IGIA), जो देश का सबसे व्यस्त हवाई अड्डा है, प्रतिदिन 1,500 से ज़्यादा उड़ानों का संचालन करता है.
एयरपोर्ट पर किस तरह काम करता है ATC
किसी भी एयरपोर्ट से फ़्लाइटों के टेकऑफ और लैंडिंग में एटीसी (एयरपोर्ट ट्रैफिक कंट्रोल) की भूमिका सबसे अहम होती है. उड़ान से पहले रूट और टाइम एटीसी को भेजा जाता है. टेकऑफ से पहले रनवे और दिशा की परमिशन वहां से मिलती है. ATC एयरपोर्ट पर टैक्सी करते समय फ्लाइट की मूवमेंट संभालता है. टेक ऑफ और लैंडिंग की मंजूरी देता है. एयरपोर्ट से जब फ्लाइट उड़ान भरता है तो उसके बाद दिशा और ऊंचाई मॉनिटर एटीसी करता है. साथ ही क्रूज स्पीड पर रडार और रेडियो से नजर रखता है. दो विमानों के बीच सुरक्षित दूरी बनाए रखता है. पायलट और एटीसी लगातार रेडियो पर जुड़े रहते हैं
ऑटोमेटिक मैसेज स्विचिंग सिस्टम में क्या तकनीकी खराबी आई
AMSS एयर ट्रैफिक कंट्रोल सर्विस से जुड़ा कंप्यूटर नेटवर्क सिस्टम है. इसके जरिए हजारों टेक्स्ट-बेस्ड मैसेज हर दिन पायलट, ग्राउंड स्टाफ और दूसरे एयरपोर्ट्स तक रीयल-टाइम भेजे जाते हैं. जैसे हर फ्लाइट का पूरा रूट, ऊंचाई, फ्यूल आदि की जानकारी, फ्लाइट ने कब उड़ान भरी, फ्लाइट कब लैंड हुई, उड़ान में देरी की सूचना, प्लान बदला या रद्द किया गया, मौसम संबंधी अपडेट, एयरस्पेस में चेतावनियां आदि. एयरलाइन या पायलट फ्लाइट प्लान डालते हैं. AMSS उस डेटा को चेक करके सही जगह यानी एटीसी, दूसरे एयरपोर्ट, संबंधित एयरलाइन तक उसे पहुंचाता है. अगर रूट या मौसम बदलता है, तो सिस्टम तुरंत सभी को अपडेट भेजता है. यह पूरे एयर ट्रैफिक रूट को सिंक रखता है. इस सिस्टम के फेल होने से फ्लाइट प्लान, रूट क्लियरेंस और अपडेट मैन्यूअली (हाथ से) करने पड़ते हैं हर मैसेज या मंजूरी अब कर्मचारियों को खुद भेजनी होती है. जब फ्लाइट-प्लान अप्रूव होने में समय लगता है, तो टेकऑफ-लैंडिंग धीमी हो जाती है. इससे एयरपोर्ट पर भीड़ बढ़ जाती है
