चंडीगढ़: 25 जून 2026
नशा विरोधी लड़ाई के लिए पूरे समाज की भागीदारी आवश्यक है, इस भावना को मजबूत करते हुए पंजाब सरकार ने गुरुवार को ‘साँझा सुनेहा – एकजुट पंजाब’ नामक एक अनूठे कार्यक्रम का आयोजन किया। इसका उद्देश्य सरकारी एजेंसियों, सामुदायिक नेताओं, सिविल सोसायटी संगठनों और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स के बीच स्थायी साझेदारी स्थापित करना है, ताकि राज्य में नशे की समस्या से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके।
यह सम्मेलन अंतरराष्ट्रीय मादक पदार्थ एवं अवैध तस्करी विरोधी दिवस के अवसर पर डेटा इंटेलिजेंस एंड टेक्निकल सपोर्ट यूनिट (डिट्सू) द्वारा आयोजित किया गया, जो पंजाब में नशा विरोधी व्यापक अभियान का तकनीकी आधार है। इस कार्यक्रम में 40 से अधिक संस्थाओं के 80 से अधिक प्रतिनिधियों ने भाग लिया। ये संस्थाएं शिक्षा, मानसिक स्वास्थ्य, नशामुक्ति, बाल संरक्षण, युवा कल्याण, महिला सशक्तिकरण, सामुदायिक पहुंच और खेलों के क्षेत्र में कार्य कर रही हैं।
इस अवसर पर पंजाब के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने नशा विरोधी लड़ाई में समाज और लोगों की सामूहिक भागीदारी पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार ने ‘युद्ध नशों विरुद्ध’ मुहिम के तहत प्रवर्तन, उपचार एवं पुनर्वास तथा रोकथाम की व्यापक रणनीति अपनाई है। उन्होंने कहा, “युवाओं को सशक्त बनाने के लिए हमने इस अभियान को स्कूलों और कॉलेजों में भी लागू किया है, खेलों को प्रोत्साहित कर रहे हैं और साथ ही नशों के खिलाफ लड़ाई में आगे आने के लिए अभिभावकों और शिक्षकों का भी मार्गदर्शन कर रहे हैं।”
“एकजुट पंजाब ही रंगला पंजाब है। नशा विरोधी अभियान की वास्तविक सफलता के लिए इसे जन आंदोलन बनाना आवश्यक है। एनजीओ, शैक्षणिक संस्थानों, सामुदायिक नेताओं से लेकर नशा प्रभावित परिवारों तक समाज के हर वर्ग को इसमें शामिल होना चाहिए। इसी उद्देश्य से आज के कार्यक्रम में 40 से अधिक एनजीओ भाग ले रहे हैं। यह ‘साझा संदेश’ को एक साझा मंच और सामूहिक संकल्प का रूप देगा, जहां अनुभव, विचार और नवाचार वास्तविक बदलाव का रूप धारण करेंगे।”
उन्होंने सरकार द्वारा नशामुक्ति सेवाओं को मजबूत करने, पुनर्वास सुविधाओं का विस्तार करने और युवाओं को नशे से बचाने के लिए जागरूकता फैलाने के प्रयासों की भी जानकारी दी।
इस सम्मेलन ने जमीनी स्तर पर कार्य कर रही विभिन्न संस्थाओं के बीच खुली चर्चा और विचार साझा करने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच उपलब्ध कराया। ये संस्थाएं उपचार, रोकथाम और जागरूकता के क्षेत्र में कार्य कर रही हैं ताकि एक स्वस्थ और समृद्ध पंजाब का निर्माण किया जा सके।
