बरनाला, 25/06/2026
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज कांग्रेस, भाजपा और अकाली दल पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि ये तीनों पार्टियां पंजाब की बेमिसाल तरक्की के खिलाफ एकजुट हो गई हैं, क्योंकि वे ‘आप’ के नेतृत्व वाली सरकार को मिल रहे भरपूर जनता के समर्थन को बर्दाश्त नहीं कर पा रही हैं। बरनाला में ‘लोक मिलनी’ (जनता दरबार) के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि पारंपरिक पार्टियां अपना मानसिक संतुलन खो चुकी हैं क्योंकि वे सूबे की तेजी से हो रहे विकास को हजम नहीं कर पा रही हैं और उन्होंने मुझे बदनाम करने और लोगों को गुमराह करने के लिए धर्म के नाम पर फर्जी वीडियो और झूठे प्रचार का सहारा लिया है।
पंजाब सरकार द्वारा शुरू किए गए जन-पक्षीय फैसलों की सूची साझा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार को पटरी से उतारने की बार-बार कोशिशों के बावजूद उनका पूरा ध्यान विकास और लोक कल्याण के कार्यों पर केंद्रित है। उन्होंने ऐलान किया कि पंजाभर की महिलाओं को पहली जुलाई से ‘ मांवां-धीयां सत्कार योजना’ के तहत वित्तीय सहायता मिलनी शुरू हो जाएगी। इसके साथ ही उन्होंने गांवों में हाई-टेंशन बिजली की तारों को अंडरग्राउंड करने के देश के पहले प्रोजेक्ट की शुरुआत के बारे में बताया और जोर देकर कहा कि कोई भी साजिश या बदनामी की मुहिम उन्हें लोगों के लिए काम करने और पंजाब के हितों की रक्षा करने से नहीं रोक सकती।
लोक मिलनी को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि उनकी सरकार ने आम लोगों की भलाई और सूबे की तरक्की के लिए कई ऐतिहासिक फैसले लिए हैं। उन्होंने कहा, “पारंपरिक सियासी पार्टियां, जिन्होंने कभी आम लोगों की परवाह नहीं की, इन उपलब्धियों को हजम नहीं कर पा रही हैं। वे पंजाब सरकार और मेरे खिलाफ लगातार जहर उगल रही हैं। उनके पास लोगों के लिए कोई एजेंडा नहीं है और उनका एकमात्र मकसद बेबुनियाद बयानबाजी करके सरकार को बदनाम करना है।”
एक बड़ा ऐलान करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पांच दिनों बाद यानी पहली जुलाई से पंजाभर की महिलाओं को ‘मांवां-धीयां सत्कार योजना’ के तहत वित्तीय सहायता मिलनी शुरू हो जाएगी। उन्होंने कहा, “18 साल से अधिक उम्र की महिला लाभार्थियों को वित्तीय सहायता संबंधी उनके मोबाइल फोन पर मैसेज मिलेंगे। पंजाब की हर महिला को 1,000 रुपए, जबकि अनुसूचित जाति की महिलाओं को 1,500 रुपए मिलेंगे। यह राशि सीधे उनके बैंक खातों में ट्रांसफर की जाएगी। जो महिलाएं पहले से ही सामाजिक सुरक्षा पेंशन ले रही हैं, वे भी इस योजना के योग्य होंगी।”
उन्होंने कहा कि पंजाब की लगभग 97 फीसदी महिलाओं को इस योजना का लाभ मिलने की उम्मीद है और पंजाब सरकार ने इसे लागू करने के लिए बजट में 9,300 करोड़ रुपए रखे हैं।
इस योजना के व्यापक सामाजिक महत्व पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “यह वित्तीय सहायता शायद महिलाओं को अमीर न बनाए, लेकिन यह उन्हें मान-सम्मान जरूर देगी। महिलाएं सबसे अधिक सम्मान की हकदार हैं क्योंकि वे खुद जीवन का स्रोत हैं। माओं और बहनों का आशीर्वाद हर चुनौती को पार करने में मदद करता है। महिलाओं की घरेलू स्थिति सुधारने, लिंग समानता को बढ़ावा देने और सामाजिक व आर्थिक फैसलों में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए महिलाओं की वित्तीय खुदमुख्तारी (आत्मनिर्भरता) को मजबूत करना बहुत जरूरी है।”
एक और बड़े उपक्रम का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि ‘आप’ सरकार ने हाई-टेंशन बिजली की तारों को अंडरग्राउंड करने का देश का पहला महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट शुरू किया है, जिसकी शुरुआत उनके अपने गांव से एक पायलट प्रोजेक्ट के रूप में की गई है। उन्होंने कहा, “यह ऐतिहासिक प्रोजेक्ट गांवों को सिरों के ऊपर से गुजरने वाली बिजली की तारों और फालतू खंभों के जाल से मुक्त करेगा। बिजली के खंभे और ऊपर की तारें लोगों, पशुओं और खासकर बच्चों के लिए करंट लगने का लगातार खतरा बनी रहती हैं। जब ट्रैक्टर, कंबाइन और अन्य वाहन इन तारों की चपेट में आते हैं तो अक्सर हादसे होते हैं।”
उन्होंने आगे कहा, “फसलों को लगने वाली आग के कारण भी किसानों का भारी नुकसान होता है, जबकि बारिश, आंधी और तेज हवाओं के कारण खंभे और तारें टूट जाती हैं, जिससे बिजली सप्लाई प्रभावित होती है और पावर कॉरपोरेशन को वित्तीय नुकसान होता है। यह प्रोजेक्ट इन सभी समस्याओं से स्थायी राहत देगा और गांवों में जीवन स्तर को बेहतर बनाएगा। सरकारी खजाने की एक-एक पाई लोगों की भलाई के लिए समझदारी से खर्च की जा रही है।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब के 90 फीसदी से अधिक घरों को बिजली मुफ्त मिल रही है। उन्होंने कहा, “पहली बार किसानों को दिन में बिजली मिल रही है। जहां केंद्र सरकार राष्ट्रीय संपत्तियों को अपने चहेते दोस्तों को कोड़ियों के भाव बेच रही है, वहीं हमारी सरकार ने एक निजी थर्मल प्लांट खरीदकर इतिहास रचा है।”
उन्होंने दोहराया कि उनकी सरकार ने सूबे भर में 14,000 किलोमीटर पाइपलाइन और खालें बनाए हैं ताकि पंजाब के हर कोने में किसानों तक सिंचाई की सुविधाएं पहुंच सकें। उन्होंने आगे कहा, “इन पाइपलाइनों और नहरों के जरिए लगभग 21,000 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है, जिससे किसानों की सिंचाई जरूरतें पूरी करके उन्हें बड़ा फायदा होगा। नहरों और नदियों में रिचार्ज प्वाइंट बनाए गए हैं, जिसके नतीजे के रूप में जमीन के नीचे पानी का स्तर दो से चार मीटर तक बढ़ा है।”
विपक्षी पार्टियों पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “अपने ही खराब कर्मों के कारण पारंपरिक राजनीतिक दलों के नेता लोगों के बीच जाने से कतराते हैं, जिसके चलते उनकी सुरक्षा बढ़ा दी गई है। अकाली दल अब जेठानीयों -देवरानीयों की पार्टी बनकर रह गया है, जहां एक सांसद है और दूसरी विधायक है। सुखबीर बादल 2022 के चुनाव में मिली हार के सदमे से अभी तक उबर नहीं पाए हैं।”
उन्होंने आगे कहा, “जब मेरे विरोधी राजनीतिक रूप से मेरा मुकाबला करने में असफल रहते हैं, तो वे मुझे धार्मिक आधार पर बदनाम करने की कोशिश करते हैं। क्योंकि मैं उनके लिए एक डरावना सपना बन गया हूं, इसलिए उन्होंने अब मुझे धार्मिक रूप से निशाना बनाना चुना है। वे रोजाना फर्जी वीडियो बनाते हैं और उन्हें सोशल मीडिया के माध्यम से वायरल करते हैं।”
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि ऐसी कोशिशें उन्हें रोक नहीं सकतीं। उन्होंने भरोसा दिलाया, “मैं बिजली, पानी, सड़कों, गांवों के तालाबों, आम आदमी क्लीनिकों, अस्पतालों और रोजगार के अवसरों के लिए काम करना जारी रखूंगा।”
हालिया घटनाक्रम का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “वे एक के बाद एक आरोप लगाकर मुझे लगातार बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं। अब शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने गुरुद्वारों के बाहर मेरे बहिष्कार के पोस्टर लगाने के निर्देश दिए हैं। लेकिन ऐसे पोस्टर अकाली दल या सुखबीर बादल के खिलाफ क्यों नहीं लगाए गए, जब उन्होंने स्वयं बेअदबी की घटनाओं की जिम्मेदारी स्वीकार की थी?”
उन्होंने आगे कहा, “2 दिसंबर को श्री अकाल तख्त साहिब के समक्ष सुखबीर बादल ने अपनी गलतियां स्वीकार कीं, गलत कार्यों को माना, गोलीकांड की जिम्मेदारी ली और यह भी माना कि संगत के खिलाफ आदेश जारी किए गए थे। क्या किसी ने उनके खिलाफ गुरुद्वारों के बाहर बहिष्कार के पोस्टर लगाए?”
मुख्यमंत्री ने कहा कि वे जहां भी जाते हैं, लोग बड़ी संख्या में एकत्र होते हैं। उन्होंने कहा, “जब मैं गांवों, सार्वजनिक सभाओं और रैलियों में जाता हूं तो भारी भीड़ उमड़ती है। विपक्ष इसे बर्दाश्त नहीं कर सकता क्योंकि वे स्वयं ऐसा जनसमर्थन हासिल नहीं कर सकते। इसलिए तीनों पार्टियों ने मुझे धार्मिक आधार पर बदनाम करने के एकमात्र उद्देश्य से हाथ मिला लिया है। लेकिन अंत में जनता ही अंतिम फैसला सुनाएगी।”
उन्होंने दोहराया, “मैं पंजाब और उसके हितों के लिए मजबूती से खड़ा रहूंगा। वे जो भी करना चाहें करें, लेकिन जनता फैसला करेगी कि क्या कोई व्यक्ति इस स्तर तक गिर सकता है।”
वायरल हो रही वीडियो को पूरी तरह मनगढ़ंत बताते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने लोगों से विपक्ष पर विश्वास न करने की अपील की। उन्होंने कहा, “ये वीडियो पूरी तरह फर्जी और मनगढ़ंत हैं। क्योंकि विपक्ष राजनीतिक रूप से मेरा मुकाबला नहीं कर सकता, इसलिए वह झूठे धार्मिक प्रचार के माध्यम से मेरी छवि खराब करने की कोशिश कर रहा है। वे पंजाब की प्रगति को बर्दाश्त नहीं कर सकते, इसलिए ऐसी साजिशें रचते रहते हैं। पंजाब की जनता ही फैसला करेगी। मैं जनता का हूं और उनके बीच ही रहूंगा।”
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि तीन राजनीतिक पार्टियां उनके खिलाफ इसलिए एकजुट हुई हैं क्योंकि वे पंजाब के अभूतपूर्व विकास और लोगों से मिल रहे अपार प्रेम को पचा नहीं पा रही हैं। उन्होंने कहा, “कांग्रेस, जिसने श्री अकाल तख्त साहिब पर टैंक चढ़ाए थे, आज हम पर सवाल उठा रही है और उसे भाजपा का समर्थन प्राप्त है, जिसने इस घिनौने अपराध में कांग्रेस का साथ दिया था। तीसरी पार्टी वह है, जो श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी की घटनाओं में शामिल रही है। तीनों का एकमात्र एजेंडा है कि हर संभव तरीके से मुझे बदनाम किया जाए।”
कांग्रेस पर तंज कसते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “कांग्रेस में हर नेता मुख्यमंत्री बनना चाहता है। उनके पास आम कार्यकर्ताओं से ज्यादा मुख्यमंत्री पद के दावेदार हैं। कांग्रेस एक बिखरी हुई पार्टी है, जो अपनी अंदरूनी लड़ाई के कारण ढह जाएगी। इन नेताओं के पास पंजाब के लिए कोई विजन नहीं है। उनका एकमात्र उद्देश्य सत्ता में आकर राज्य की संपत्ति को लूटना है, लेकिन उनके सपने कभी पूरे नहीं होंगे।”
उन्होंने आगे कहा, “पहले ये पारंपरिक पार्टियां केवल सत्ता हासिल करने के लिए अपनी बारी का इंतजार करती थीं। अब इनके द्वारा फैलाई गई गंदगी को साफ करने के लिए ‘झाड़ू’ मौजूद है।”
‘आप’ सरकार की स्वास्थ्य संबंधी पहलों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य ने ‘मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना’ शुरू की है, जो देश की पहली व्यापक स्वास्थ्य सुरक्षा योजना है। इसके तहत पंजाब के प्रत्येक निवासी परिवार को 10 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने कहा, “यह बेहद गर्व की बात है कि पंजाब देश का पहला राज्य बन गया है, जो ऐसी व्यापक स्वास्थ्य सुविधा प्रदान कर रहा है। इस योजना ने गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करते हुए लोगों पर वित्तीय बोझ को काफी हद तक कम कर दिया है। इस ऐतिहासिक पहल का उद्देश्य पंजाब के हर परिवार को व्यापक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है और लोग अब तक 650 करोड़ रुपये से अधिक का मुफ्त इलाज प्राप्त कर चुके हैं।”
इस अवसर पर लोकसभा सदस्य गुरमीत सिंह मीत हेयर तथा कई अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
