तेहरान, 14/03/2026
अमेरिका-इजराइल- ईरान युद्ध शुरू होने के दो हफ्ते से अधिक समय बीत जाने के बाद भी ये थमने का नाम नहीं ले रहा है. अमेरिका और इजराइल की ओर से ईरान पर हमले लगातार जारी हैं. अमेरिका के रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने दावा किया कि अमेरिकी और इजरायली सेनाओं ने ईरान में अब तक 15000 से ज्यादा ठिकानों पर हमला किया है. उन्होंने यह भी दावा किया कि संघर्ष आगे बढ़ने के साथ ही ईरान की सैन्य क्षमताएँ काफी कमजोर हो गई है. साथ ही कहा अमेरिका ईरान की सभी महत्वपूर्ण सैन्य क्षमताओं को हराने, नष्ट करने और निष्क्रिय करने की एक ऐसी योजना पर काम कर रहा है, जिसकी गति दुनिया ने पहले कभी नहीं देखी है. बहुत जल्द, ईरान की सभी रक्षा कंपनियाँ नष्ट हो जाएँगी. उन्होंने पश्चिमी इराक में एक KC-135 रीफ्यूलिंग विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने पर भी चिंता व्यक्त की, जिसमें चार अमेरिकी सैनिक मारे गए. इस बीच इजरायली वायु सेना (IAF) ने शनिवार को दावा किया कि उसने बेरूत में एक हमला किया, जिसमें हिजबुल्लाह की हवाई यूनिट का एक सदस्य मारा गया. वहीं, ईरान भी इजराइल और खाड़ी देशों में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर लगातार हमले जारी रखे हुए है. इस युद्ध का असर तेल की कीमतों पर बहुत बुरी तरह से हुआ है. तेल की कीमतें फिर से बढ़कर 100 डॉलर प्रति बैरल तक पहुँच गई. बीती रात ईरान ने खाड़ी के अरब देशों पर कई हमले किए, जिनमें सऊदी अरब पर दर्जनों ड्रोन हमले भी शामिल हैं. ये हमले ईरान के नए सर्वोच्च नेता की उन चेतावनियों के बाद हुए, जिनमें उन्होंने अमेरिकी सैन्य ठिकानों को पनाह देने वाले देशों को आगाह किया था. इसके जवाब में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने बड़े पैमाने पर नई जवाबी कार्रवाई की धमकी दी. ईरान होरमुज जलडमरूमध्य’ (Strait of Hormuz) से होने वाली जहाजों की आवाजाही पर अभी भी अपना शिकंजा कस रखा है. यह एक रणनीतिक जलमार्ग है, जिससे होकर दुनिया का पाँचवाँ हिस्सा तेल फ़ारसी खाड़ी से निकलकर खुले समुद्रों तक पहुँचता है.
व्हाइट हाउस दुनिया से रूसी कच्चा तेल खरीदने की गुहार लगा रहा है: ईरानी विदेश मंत्री अराघची
ईरानी विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने शनिवार को रूसी तेल पर अमेरिका के रुख की आलोचना करते हुए दावा किया कि वाशिंगटन अब दुनिया भर के देशों से जिसमें भारत भी शामिल है, रूसी कच्चा तेल खरीदने की गुहार लगा रहा है. जबकि पहले उसने ऐसे आयात रोकने के लिए दबाव डाला था. सोशल मीडिया एक्स पर एक पोस्ट में अराघची ने कहा, ‘अमेरिका ने भारत पर दबाव डालकर रूस से तेल आयात खत्म करवाने में महीनों बिता दिए. ईरान के साथ दो हफ्ते के युद्ध के बाद व्हाइट हाउस अब दुनिया से—जिसमें भारत भी शामिल है—रूसी कच्चा तेल खरीदने की गुहार लगा रहा है.’
ईरान के खर्ग द्वीप पर इतिहास की सबसे शक्तिशाली बमबारी की गई: ट्रंप
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार को कहा कि यूनाइटेड स्टेट्स सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने ईरान के खर्ग द्वीप पर मौजूद सैन्य ठिकानों पर जबरदस्त बमबारी की. उन्होंने दावा किया कि इस ऑपरेशन ने द्वीप पर मौजूद हर सैन्य ठिकाने को पूरी तरह से तबाह कर दिए गए. ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में उन्होंने कहा कि यह हमला उनके आदेश पर किया गया था और उन्होंने जोर देकर कहा कि यह इस क्षेत्र के इतिहास में की गई सबसे शक्तिशाली बमबारी में से एक थी.
