चंडीगढ़: 22/02/2026
पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज (डीम्ड टू बी यूनिवर्सिटी), चंडीगढ़ द्वारा श्री गुरु तेग बहादुर जी, भारतीय सभ्यता एवं धार्मिक स्वतंत्रता विषय पर एक आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक रूप से समृद्ध संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस अवसर ने भारत की आध्यात्मिक विरासत को नमन करते हुए गुरु जी के साहस, बलिदान और धर्मनिष्ठा के शाश्वत मूल्यों को रेखांकित किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ डॉ. पंकज माला शर्मा के स्वागत उद्बोधन से हुआ। इसके पश्चात दीप प्रज्वलन आईआईटी रोपड़ के निदेशक प्रो. राजीव आहूजा, स्वामी रमणीक कृष्ण जी महाराज तथा पीईसी के निदेशक प्रो. राजेश कुमार भाटिया द्वारा किया गया, जो अज्ञान पर ज्ञान की विजय का प्रतीक रहा।
प्रो. राजेश कुमार भाटिया ने अतिथियों का औपचारिक स्वागत एवं सम्मान करते हुए भारतीय सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक परंपराओं के संरक्षण में ऐसे आयोजनों के महत्व पर प्रकाश डाला। इसके बाद श्री नारायण नरवाल जी की काव्य प्रस्तुति ने कार्यक्रम को भावनात्मक गहराई प्रदान की।
स्वामी रमणीक कृष्ण जी महाराज ने भारत के गौरवशाली इतिहास, प्राचीन ज्ञान परंपराओं और तकनीकी उपलब्धियों पर सारगर्भित विचार साझा किए तथा गुरु तेग बहादुर जी के जीवन और बलिदान से प्रेरक उदाहरण प्रस्तुत किए। उन्होंने युवाओं से सांस्कृतिक मूल्यों से जुड़े रहते हुए उत्कृष्टता की ओर अग्रसर होने का आह्वान किया।
डॉ. माला शर्मा की भावपूर्ण कविता ने स्वामी जी के विचारों को सशक्त रूप से प्रतिध्वनित किया। प्रो. राजीव आहूजा ने जेन-ज़ी की सोच, उनकी ऊर्जा और नवाचार को राष्ट्र निर्माण की दिशा में लगाने की आवश्यकता पर बल दिया।
कार्यक्रम का समापन वैदिक देशभक्ति गीत की मधुर प्रस्तुति के साथ हुआ। यह आयोजन गुरु तेग बहादुर जी के त्याग, एकता और धर्म के आदर्शों को समर्पित एक सार्थक श्रद्धांजलि सिद्ध हुआ।
