नई दिल्ली, 15/02/2026
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एजेंसी PTI को दिए एक विशेष इंटरव्यू में कहा कि उनकी सरकार ने सुधार को पूरी प्रतिबद्धता के साथ लागू किया है और यह सिर्फ बातों तक नहीं बल्कि काम में भी दिखा है. प्रधानमंत्री मोदी ने व्यापार सौदों पर कहा कि राजनीतिक स्थिरता, राजनीतिक पूर्वानुमान क्षमता ने भारत में निवेशकों का भरोसा बहाल किया.
आर्थिक नीति और एफटीए पर क्या बोले PM मोदी?
प्रधानमंत्री मोदी ने 38 देशों के साथ एफटीए पर कहा कि मजबूत विनिर्माण, सेवा क्षेत्र, एमएसएमई भारत को मजबूती से व्यापार समझौतों पर बातचीत करने में मदद करते हैं. हमारे एफटीए (मुक्त व्यापार समझौते) का उद्देश्य वस्त्र, चमड़ा, रसायन, हस्तशिल्प, रत्न और अन्य क्षेत्रों में एमएसएमई के लिए बाजार पहुंच का विस्तार करना है.उन्होंने कहा कि इस साल का बजट भारत के विकसित राष्ट्र बनने की चाहत को दर्शाता है. पीएम ने कहा, बजट मजबूरी में पैदा हुआ ‘अभी नहीं तो कभी नहीं’ वाला अवसर नहीं है, बल्कि ये तैयारी और प्रेरणा से उपजा ‘हम तैयार हैं’ वाला पल है.
राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्धता
रक्षा बजट में बढ़ोतरी का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि सरकार की जिम्मेदारी है कि वह मौजूदा हालात के हिसाब से रक्षा क्षेत्र को आधुनिक बनाए. उन्होंने कहा कि देश के रक्षा बलों की सहायता करने और उन्हें मजबूत करने के लिए सरकार को जो भी करना होगा, करेगी.
प्रधानमंत्री मोदी ने संप्रग सरकार के समय के ‘आर्थिक कुप्रबंधन’ की आलोचना करते हुए कहा कि उसने भारत को आत्मविश्वास के साथ बातचीत करने की स्थिति में नहीं छोड़ा. संप्रग सरकार के दौरान बातचीत शुरू होती थी और फिर टूट जाती थी, लेकिन लंबी बातचीत के बावजूद कोई ठोस नतीजा नहीं निकल पाता था.
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि सुधार सरकार की प्रतिबद्धता है, जिसे उसने शब्द और आत्मा दोनों में दिखाया है. खास बातचीत में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि हमारे मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) कपड़ा, चमड़ा, रसायन, हस्तशिल्प, रत्न और अन्य क्षेत्रों में एमएसएमई के लिए बाजार पहुंच बढ़ाने के लिए डिजाइन किए गए हैं. विकसित भारत की अगली छलांग निजी क्षेत्र की तरफ से नवाचार, दीर्घकालिक क्षमता और वैश्विक प्रतिस्पर्धा में किए गए साहसिक निवेश पर निर्भर करेगी.
पीएम ने कहा कि आर्थिक परिवर्तन के अगले चरण के लिए निजी क्षेत्र महत्वपूर्ण है और उनसे ‘निर्णायक प्रतिक्रिया’ की उम्मीद है. उन्होंने कहा कि जैसे-जैसे उत्पादकता बढ़ेगी, प्राइवेट सेक्टर के मालिकों को मजदूरों के साथ मुनाफा बराबर बांटना चाहिए.
उन्होंने कहा कि भारत दुनिया में डिजिटल लीडर है, ये यूपीआई प्लेटफॉर्म के जरिए लोगों के लेन-देन के तरीके में बड़े बदलावों की वजह से मुमकिन हुआ है. जबकि रिफॉर्म एक्सप्रेस ने प्रगति का विशाल पैमाना हासिल किया है, लेकिन ‘मैं स्वभाव से कभी पूरी तरह संतुष्ट नहीं होता’.
इसी क्रम में पीएम ने कहा कि डेटा सेंटर हमारे युवाओं के लिए बहुत सारे रोजगार के मौके देगा. भारत कंप्यूटिंग पावर और डेटा सेंटर इंफ्रा कैपेसिटी को बढ़ाकर एक फलते-फूलते एआई इकोसिस्टम की नींव रख रहा है.
हर निर्णय में महिला कल्याण सर्वोच्च प्राथमिकता
वहीं प्रधानमंत्री मोदी ने अगले दशक के लिए तीन सुधार प्राथमिकताओं पर बात की, कहा- अधिक संरचनात्मक सुधार, गहन नवाचार और सरल शासन हमारा लक्ष्य है. उन्होंने कहा कि मेरा मानना है कि विकसित भारत बनाने में महिलाएं सबसे अहम भूमिका निभाएंगी. मैं खास तौर से कहना चाहता हूं कि हमारी सरकार की तरफ से लिए जाने वाले हर फैसले में महिलाओं का कल्याण ही मार्गदर्शक होता है.
