पांवटा साहिब, 06/12/2025
WWE चैंपियन रहे अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त रेसलर दलीप सिंह राणा और उर्फ़ द ग्रेट खली इन दिनों अपने ही जिले में जमीनी विवाद से फंसे हुए हैं. इस बात का खुलासा तब हुआ जब ग्रेट खली कुछ लोगों के साथ जिला मुख्यालय नाहन में DC सिरमौर प्रियंका वर्मा से मिलने पहुंचे.
DC से मिलने के बाद दलीप सिंह राणा ने पत्रकारों से बातचीत की और जमीनी विवाद से जुड़े मामले पर पांवटा साहिब के तहसीलदार ऋषभ शर्मा पर गंभीर आरोप लगाए, हालांकि आरोपों के तुरंत बाद तहसीलदार ने पत्रकार वार्ता कर तमाम आरोपों के जवाब दिए और आरोपों को बेबुनियाद बताया.
खली ने कहा कि ‘संबंधित जमीन 2005 में एक महिला के नाम पर कानूनी तौर पर पंजीकृत थी और हमने कानूनी प्रक्रिया के बाद उससे जमीन का मालिकाना हक हासिल किया. 2013 में, मेरे पिता ज्वाला राम ने उस महिला से यह जमीन कानूनी तौर पर खरीदी थी और तब से हमारे परिवार के पास इस संपत्ति का मालिकाना हक है. कागज होने के बावजूद, पांवटा साहिब के तहसीलदार, कानूनगो और पटवारी अब अपने आधिकारिक पदों का दुरुपयोग कर रहे हैं और प्रॉपर्टी डीलरों के साथ मिलकर ज़मीन पर जबरन कब्ज़ा करने की कोशिश कर रहे हैं. 20 मई 2025 को पहली बार कुछ लोगों ने जमीन पर जबरन कब्जा करने की कोशिश की. 18 जुलाई 2025 को फिर से जमीन में घुसने का प्रयास किया गया, लेकिन ग्रामीणों, महिलाओं और शिकायतकर्ताओं ने मौके पर पहुंचकर यह प्रयास नाकाम कर दिया.’
खली ने आगे कहा कि जमीन वर्षों से हमारे कब्जे में है. इसके बावजूद बार-बार अवैध तरीके अपनाए जा रहे हैं. डीलर के साथ मिलकर किसी दूसरी पार्टी को जमीन बेच दी गई है. ग्रेट खली ने तहसीलदार पर आरोप लगाया कि वो पर्दे के पीछे से गैर कानूनी तरीके से काम कर रहे हैं. हालांकि दल ग्रेट खली ये भी कहते हैं कि जमीन पर कब्जा नहीं किया गया है, बल्कि इस पर कब्जे की कोशिश हो रही हैं.
खली ने कहा कि तहसीलदार की जांच होनी चाहिए कि वो कितनी रजिस्ट्री करते हैं. संबंधित तहसीलदार और कुछ राजस्व अधिकारी अपनी शक्तियों का गलत इस्तेमाल कर रहे हैं. कुछ व्यक्तियों को फायदा पहुंचाने के लिए नियमों की अनदेखी कर रहे हैं. हमारे पास जमीन से जुड़े सभी जरूरी दस्तावेज मौजूद हैं, जिन्हें जरूरत पड़ने पर प्रस्तुत किया जा सकता है.सबसे गंभीर आरोप यह है कि राजस्व अधिकारियों और निजी लोगों ने मिलकर साजिश रची है. समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो आगे भी ऐसे प्रयास होते रहेंगे.

गंभीर आरोपों के बाद पांवटा साहिब के तहसीलदार ऋषभ शर्मा की प्रतिक्रिया भी सामने आई. तहसीलदार ने सभी आरोपों का पूरी तरह खंडन किया है. उन्होंने कहा कि ‘जिस जमीन पर महिलाएं और खली दावा कर रहे हैं, वो जमीन उनकी नहीं है. राजस्व विभाग अपनी कानूनी प्रक्रिया के अनुसार ही कार्य कर रहा है. किसी भी तरह की मिलीभगत और अवैध कब्जे के आरोप गलत हैं. खली फोर्सफुली जमीन पर कब्जा कर रहे हैं. जिस जमीन को खली अपना बता रहे हैं वो जमीन बिमला देवी के नाम पर है. खली ने खाता नंबर आठ में जमीन खरीदी है, ये जमीन इतनी अच्छी नहीं हैं. खली ने 38 बीघा के खाता नंबर छह पर कब्जा किया है, जो कि उस जमीन से बेहतर है. हमने कई बार उन्हें निशानदेही के लिए भी बुलाया, लेकिन वो नहीं आए. खली को हम पर यदि विश्वास नहीं है, तो वो कोई रिटायर्ड पटवारी, तहसीलदार हायर कर अपनी निशानदेही करवा सकते हैं. ये उस जमीन के मालिक ही नहीं है. पंजाब के लोग हथियारों लेकर खली के साथ वहां आए थे.’
DC प्रियंका वर्मा ने पूरे मामले पर निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया है. उन्होंने कहा है कि ‘दलीप राणा और कुछ महिलाएं शिकायत लेकर पहुंची थी. किसी के साथ गलत नहीं होने दिया जाएगा. मामले को लेकर तहसीलदार से बात की जाएगी, मामले को गंभीरता से लिया गया है. दरअसल पांवटा साहिब के सूरजपुर की कुछ महिलाएं भी द ग्रेट खली के साथ मौजूद थी. जमीन पर अवैध कब्जा करने की कोशिश के आरोप लगाते हुए शिकायत उपायुक्त को सौंपी है.’
