नई दिल्ली, 21/11/2025
दिल्ली में सत्ता बदलने के साथ ही जरूरतमंदों को सस्ती दरों पर भोजन उपलब्ध कराने की योजना का नाम और स्वरूप भी बदलता रहा है. कांग्रेस सरकार (1998-2013) के समय ‘जन आहार’, आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार (2015-2025) के समय प्रस्तावित ‘आप कैंटीन’ के बाद अब बीजेपी की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की सरकार ‘अटल कैंटीन योजना’ शुरू करने जा रही है.
दिल्ली के तिमारपुर स्थित जेजे क्लस्टर की संजय बस्ती में पहले कैंटीन के निर्माण कार्य का शुक्रवार को मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शिलान्यास किया. जिसकी शुरुआत 25 दिसंबर को पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के जन्मदिन के अवसर से होगा. यह योजनाएं दर्शाती हैं कि दिल्ली की राजनीति में सस्ता और पौष्टिक भोजन हमेशा से एक महत्वपूर्ण चुनावी और कल्याणकारी मुद्दा रहा है.
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा, ”हमने अपने संकल्प पत्र में दिल्ली में अटल कैंटीन खोलने का जो वादा किया था, आज वह संकल्प सिद्धि की ओर एक महत्वपूर्ण कदम बढ़ा रहा है. अटल कैंटीन दिल्ली की आत्मा बनेगी, जहां किसी नागरिक को भूखा नहीं रहना पड़ेगा. यह योजना अटल जी के गरीबों के प्रति गहरे प्रेम और संवेदना को समर्पित है. अटल जी हमेशा कहते थे कि ‘गरीबी केवल आर्थिक नहीं, बल्कि अवसरों की कमी भी है.’ अटल थाली योजना का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि दिल्ली का कोई भी नागरिक भूखा न सोए.
अटल कैंटीन योजना क्या है?
दिल्ली विधानसभा चुनाव के दौरान बीजेपी ने अपने घोषणा पत्र में अटल कैंटीन योजना का ज़िक्र किया था. चुनाव जीतने और सरकार बनने के बाद मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने घोषणा की है कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के जन्मदिन, 25 दिसंबर को ‘अटल कैंटीन योजना’ की शुरुआत की जाएगी. इस योजना के तहत राजधानी के गरीब, मजदूर, रिक्शा चालकों और कम आय वर्ग के लोगों को मात्र 5 रुपये में स्वच्छ, गर्म और पौष्टिक भोजन की थाली उपलब्ध कराई जाएगी. पहले चरण का लक्ष्य राजधानी के 100 स्थानों पर कैंटीन खोलना रखा गया. इस योजना के लिए चालू वित्त वर्ष में 100 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया है.
यह सब अटल कैंटीन में मिलेगा
पांच रुपये की थाली में दाल, चावल, रोटी और सब्जी शामिल होंगे. सीएम के अनुसार, भोजन की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए FSSAI और NABL मान्यता प्राप्त लैब से मासिक परीक्षण कराया जाएगा. पहले चरण में शालीमार बाग, राजेंद्र नगर, रोहिणी, पटेल नगर, बदरपुर और करावल नगर सहित कई विधानसभा क्षेत्रों में कैंटीन का निर्माण कार्य अब शुरू होगा. हर कैंटीन में सुबह और शाम दोनों वक्त भोजन दिया जाएगा, जिसमें प्रत्येक सत्र में 500 थालियों की व्यवस्था होगी.
स्थानों के चयन का आधार
अटल कैंटीन योजना के लिए दिल्ली अर्बन शेल्टर इम्प्रूवमेंट बोर्ड ने स्थानों का चयन किया है. कैंटीन के स्थान तय करते समय इस बात का ध्यान रखा गया है कि अधिकतम कैंटीन झुग्गी बस्तियों के पास स्थापित की जाए. बड़े निर्माण स्थलों के पास, जहाँ बड़ी संख्या में मजदूर काम करते हैं. औद्योगिक क्षेत्रों के प्रवेश व निकास द्वार के पास, ऐसे सार्वजनिक स्थान जहाँ गरीबों का आवागमन अधिक होता है.
कांग्रेस और AAP सरकार के दौरान “जन आहार” और “आप कैंटीन”
सस्ते भोजन की यह पहल दिल्ली के लिए कोई नई बात नहीं है. राजनीतिक विश्लेषक नवीन गौतम बताते हैं, अलग-अलग पार्टी की सरकारों ने अपने कार्यकाल में इस जरूरत को पूरा करने के लिए प्रयास किए थे.
कांग्रेस का ‘जन आहार’ (शीला दीक्षित सरकार)
राजनीतिक विश्लेषक नवीन गौतम बताते हैं, ”कांग्रेस की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित के कार्यकाल में ‘जन आहार योजना’ शुरू की गई थी. इस योजना का उद्देश्य भी गरीबों को सस्ती दरों पर भोजन उपलब्ध कराना था. उस समय पहले 10 रुपये और बाद में 15 रुपये प्रति प्लेट के हिसाब से भोजन मिलता था. कुछ समय तक चली यह योजना बाद में (2010-12) में कई कारणों से बंद हो गई
आम आदमी पार्टी का ‘आप कैंटीन’ (प्रस्तावित)
आम आदमी पार्टी की सरकार ने भी ‘आम आदमी कैंटीन योजना’ शुरू करने की घोषणा की थी. यह योजना तमिलनाडु की ‘अम्मा कैंटीन’ और कर्नाटक की ‘इंदिरा कैंटीन’ से प्रेरित थी. जिसमें प्रस्तावित कीमत 5 से 10 रुपये में भोजन उपलब्ध कराने की योजना थी. इसे अस्पतालों के पास और अन्य भीड़-भाड़ वाली जगहों पर शुरू करने का प्रस्ताव था. हालाँकि, यह योजना अपने शुरुआती चरणों से आगे नहीं बढ़ पाई और पूरी तरह से लागू नहीं हो सकी. दिल्ली के एकमात्र एलएनजेपी अस्पताल में यह कैंटीन कुछ समय के लिए खुली.
डिजिटल टोकन प्रणाली से भोजन वितरण की प्रक्रिया
भोजन वितरण की संपूर्ण प्रक्रिया को डिजिटल टोकन प्रणाली से संचालित किया जाएगा, ताकि किसी भी स्तर पर अनियमितता की संभावना समाप्त हो सके. मैनुअल कूपन की अनुमति नहीं होगी. सभी वितरण केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे, जिनसे डुसिब के डिजिटल प्लेटफार्म से रीयल-टाइम मॉनिटरिंग की जाएगी. रसोई में सभी आधुनिक उपकरण, एलपीजी आधारित कुकिंग सिस्टम, इंडस्ट्रियल आरओ जल व्यवस्था और ठंडा भंडारण की सुविधा अनिवार्य की गई है.
अटल कैंटीन में रोज़ाना एक लाख थालियां
बता दें कि अटल कैंटीन में दाल-चावल, सब्जी और रोटी वाली पौष्टिक थाली परोसी जाएगी. हर कैंटीन में सुबह और शाम 500-500 थालियां मिलेंगी. दिल्ली सरकार का लक्ष्य है कि इस योजना के जरिए रोजाना एक लाख लोगों को सस्ता और अच्छा भोजन उपलब्ध कराया जाए
