न्यूज डेस्क, 12/11/2025
आजकल होटल रूम्स में हिडन कैमरा मिलने की खबरें आम बात हो गई है. आय दिन ऐसी ख़बरे मिलती रहती है और इसके लिए कई बार होटल्स के मालिकों को गिरफ्तार भी किया जाता है. अगर आप किसी ऑफिशियल काम की वजह से या फैमिली के साथ छुट्टियां मनाने गए हैं तो आपको किसी होटल या गेस्ट रूम में रुकने की जरूरत पड़ती है. ऐसे में अपनी प्राइवेसी और सेफ्टी का ध्यान रखना भी काफी जरूरी है.
ऐसे में किसी भी होटल या गेस्ट हाउस में रुकने से पहले आपको एक बार हिडन कैमरों की जांच जरूर कर लेनी चाहिए. आइए हम आपको बताते हैं कि हिडन कैमरा क्या होता है और उसे खोजने के लिए क्या करना चाहिए.
हिडन कैमरा होता कैसा है?
हिडन कैमरे बहुत छोटे होते हैं, इनका लेंस अक्सर 1 से 2 इंच के होते हैं. इसका मतलब है कि ये ज्यादा बड़े नहीं होते हैं.
ये कैमरे या तो मार्केट में मिलते हैं या फिर कस्टमाइज़ रूप से बनाए जाते हैं, ताकि इन्हें किसी भी चीज़ के अंदर आसानी से छुपाया जा सके.
इनमें ज्यादातर केसिंग नहीं होती, इसलिए ज्यादातर इनके वायर या सर्किट बोर्ड नज़र नहीं आते हैं.
चूंकि इन्हें लगातार पावर की ज़रूरत होती है, इसलिए ये अक्सर स्मोक डिटेक्टर, चार्जिंग पॉइंट या अलार्म डिवाइस जैसे इलेक्ट्रॉनिक सामानों में छिपाए जाते हैं.
हिडन कैमरे कहां-कहां छिपाए जा सकते हैं?
पावर आउटलेट या चार्जर पावर सोर्स मिलता है और शक नहीं होता
स्मोक डिटेक्टर या फायर अलार्म ऊंची जगह होने से पूरा रूम दिखता है
मिरर (दो-तरफा शीशा) पीछे से कैमरा लगाकर रिकॉर्डिंग की जाती है
बाथरूम/टॉयलेट एरिया वाटरप्रूफ मिनी कैमरे सीट या वॉल में फिट किए जाते हैं
Wi-Fi राउटर या यूएसबी डिवाइस छोटे कैमरे इन गैजेट्स में आसानी से फिट हो जाते हैं
कैमरा ढूंढने के आसान तरीके
रूम की पूरी विजुअल स्कैनिंग करें – सबसे पहले कमरे को ध्यान से देखें. कोई ऐसी चीज़ जो अज़ीब लग रही हो, नई हो या अपनी जगह से हटकर रखी हो, उस पर ध्यान दें. कई बार वायरिंग या लेंस का हिस्सा थोड़ा बाहर होता है.
छोटे गैप्स या होल्स चेक करें – दरवाज़ों, दीवारों, और फर्नीचर के किनारों पर छोटे छेद या कीहोल जैसी जगहें कैमरे के लिए यूज़ होती हैं. इन पर उंगलियों से हल्का टच करें – अगर अंदर स्मूद ग्लास या लेंस जैसा कुछ महसूस हो, तो समझिए कि आपका शक पक्का है.
मोबाइल कैमरे से IR लाइट स्कैन करें – अपने फोन का कैमरा ऑन करें और रूम में धीरे-धीरे घुमाएं. अगर स्क्रीन पर कोई छोटा रेड या वाइट डॉट दिखे जो आंखों से न दिखे, तो वो इंफ्रारेड कैमरा लाइट हो सकती है.
फ्लैशलाइट ट्रिक अपनाएं – रूम की लाइट्स बंद करके टॉर्च जलाएं. धीरे-धीरे हर कोने पर टॉर्च घुमाएं. अगर कहीं चमकदार पॉइंट दिखे, वो कैमरा लेंस हो सकता है.
Wi-Fi नेटवर्क स्कैन करें – कुछ कैमरे Wi-Fi से कनेक्ट होते हैं. आप अपने मोबाइल में “Network Scanner App” डाउनलोड करें और होटल Wi-Fi को स्कैन करें. अगर लिस्ट में कोई अनजान या “IP camera” जैसे नाम दिखे, तो वो छिपा हुआ डिवाइस हो सकता है.
RF Detector का इस्तेमाल करें – अगर आप ट्रैवल ज़्यादा करते हैं, तो Radio Frequency Detector साथ रखें. ये एक छोटा डिवाइस होता है जो कैमरे या माइक से निकलने वाले सिग्नल्स पकड़ लेता है.
अगर कैमरा मिल जाए तो क्या करें?
अगर आपको कहीं कैमरे का शक हो या कैमरा दिख जाए, तो ये कदम उठाएं
1. डिवाइस को मत छुएं. उसकी फोटो या वीडियो ले लें ताकि एविडेंस रहे.
2. अगर उस पर कोई ब्रांड या मॉडल नंबर लिखा है, तो नोट करें.
3. तुरंत होटल से बाहर निकलें और पुलिस को कॉन्टैक्ट करें.
4. होटल स्टाफ या ओनर से सीधे झगड़ा करने से बचें, क्योंकि इससे खतरा बढ़ सकता है.
कुछ एक्स्ट्रा टिप्स
हमेशा नए होटल या Airbnb में रिव्यू चेक करें.
बाथरूम और बेडरूम में स्मोक डिटेक्टर या चार्जिंग पॉइंट्स पर खास ध्यान दें.
ट्रैवल के वक्त टेप या स्टीकर साथ रखें – शक वाली जगहों को टेप से कवर कर दें.
