चंडीगढ़, 1/12/2024
सुखबीर सिंह बादल को लेकर कल कोई बड़ा फैसला सुनाया जा सकता है दरअसल शिरोमणि अकाली दल में सुखबीर सिंह बादल को प्रधानगी से उतारने का विवाद चल रहा था लेकिन उनके प्रधानगी पद से अस्तीफा देने के बावजूद भी यह विवाद कम होने की बजाए और बढ़ता गया और इस विवाद को लेकर 2007 से लेकर 2017 तक अकाली दल की सरकार के समय रहे सभी मंत्रियो को भी सज़ा सुनाई जा सकती है हालांकि सुखबीर सिंह बादल पर फैसला सुनाने से पहले जत्थेदार ज्ञानी रघुबीर सिंह दुबई रवाना हो गए हालांकि कुछ लोगो का कहना है की वह अलग अलग ग्रुप की तरफ से बनाये जा रहे प्रेशर से बचने के लिए ही दुबई गए है और कल वापिस अमृतसर आ जायेंगे बता दे फरीदकोट से सांसद सरबजीत सिंह खालसा और खडूर साहिब से अमृतपाल सिंह के पिता तरसेम सिंह भी जत्थेदार ज्ञानी रघुबीर सिंह से मिलकर सुखबीर सिंह बादल को सख़्त सज़ा देने की मांग कर रहे है
बादल के समर्थक सुखबीर को दिखा रहे राजनीती का शिकार ?
शिरोमणि अकाली दल की प्रधानगी पद से अस्तीफा देने के बाद से लगातार सुखबीर सिंह बादल के करीबियों ने बलविंदर सिंह भुंदड़ पर लगातार दबाव बनाना शुरू कर दिया और अकाली दल की वर्किंग कमेटी की मीटिंग से पहले अकाली दल के युथ विंग की तरफ से सुखबीर सिंह बादल का अस्तीफा मंजूर ना करने को लेकर धरना दिया जिसके बाद से लगातार अकाली दल में राजनीती समीकरण बदल रहे है इतना ही नहीं हरियाणा के गायक रॉकी मित्तल ने सुखबीर बादल के हक़ में गाना गाकर सुखबीर को सियासत का शिकार बताया जिसपर भी राजनीती शुरू हो गई है कुछ लोगो का कहना है की सुखबीर बादल के करीबियों ने ही यह गाना बनवाकर यूट्यूब पर डलवाया है जिससे सुखबीर की छवि को नेगटिव दिखने से बचाया जा सके
सुखबीर के करीबियों ने भी दिए अस्तीफ़े
शिरोमणि अकाली दल की प्रधानगी पद से अस्तीफा देने के बाद से लगातार सुखबीर सिंह बादल के करीबियों ने भी अस्तीफ़े देने शुरू कर दिए जिसमे डेराबस्सी से एन के शर्मा, अमृतसर से अनिल जोशी और अकाली दल के प्रवक्ता और सीनियर नेता दलजीत सिंह चीमा सहित कई नेताओ ने अस्तीफा देकर रोष परगट किया दूसरी तरफ शिरोमणि अकाली दल सुधर लहर के नेता भी लगातार अकाली दल पर सुखबीर बादल का अस्तीफा मंजूर करने का दबाव बना रहे थे और कई नेता अलग अलग गुटों में बट गए है बता दें कि बादल का इस्तीफा ऐसे समय में आया जब उन्होंने अकाल तख्त जत्थेदार से धार्मिक दुराचार के आरोपों के लिए अपनी सजा सुनाने का आग्रह किया था, उन्होंने कहा कि उन्हें ‘तनखैया’ घोषित किए हुए दो महीने से अधिक समय बीत चुका है
14 दिसंबर को चुना जायेगा अकाली दल का नया प्रधान
सुखबीर सिंह बदल के अस्तीफ़े के बाद शिरोमणि अकाली दल का नया प्रधान चुनने का रास्ता भी साफ़ हो गया है सुखबीर के अस्तीफ़े के बाद अकाली दल कार्यसमिति के अध्यक्ष बलविंदर सिंह भूंदड़ ने आगे की रणनीति तय करने के लिए चंडीगढ़ स्थित पार्टी मुख्यालय में कार्यसमिति की आपात बैठक बुलाई अकाली दल के अध्यक्ष, पदाधिकारियों और कार्यसमिति के लिए 14 दिसंबर को चुनाव होने हैं. जिसमे शिरोमणि अकाली दल के नए अध्यक्ष को भी चुना जाएगा
उपचुनाव में मैदान में नहीं आया अकाली दल ?
हालही में हुए 4 सीट पर उपचुनाव में अकाली दल पीछे हट गया जिसका सीधा फायदा आम आदमी पार्टी के उमीदवारो को मिला सिर्फ बरनाला सीट पर कांग्रेस के उम्मीदवार ने जीत दर्ज की वहीं बीजेपी पंजाब में जो समीकरण बनाना चाहती थी वो नहीं बन पाए हालंकि शिरोमणि अकाली दल से सोहन सिंह ठंडल, रविकरण सिंह काहलों अकाली दल से बीजेपी में गए और उम्मीदवार बने हालाँकि गिद्दड़बाहा सीट पर हरदीप सिंह डिंपी ढिल्लों भी अकाली दल से ही आम आदमी पार्टी में गए और जीत दर्ज की लेकिन बीजेपी की उपचुनाव में शर्मनाक हार हुई
शिरोमणि अकाली दल का पंजाब में रहना जरूरी: जाखड़
राजनीती में सब कुछ संभव है सुखबीर बदल के लिए या कहले की अकाली दल का नाम लेकर सुनील जाखड़ ने पंजाब की राजनीती में जहा नई चर्चा छेड़ी तो व्ही सुखबीर के हक़ में असिधे तौर पर ब्यान देते नज़र आये पंजाब बीजेपी प्रधान सुनील जाखड़ ने शिरोमणि अकाली दल के लगातार गिरते जा रहे ग्राफ को लेकर कहा की पंजाब की क्षेत्रीय पार्टी का बचा रहना जरूरी है बता दे सुनील जाखड़ भी बीजेपी में घुटन महसूस कर रहे है और लगातार केंद्रीय मंत्री अमित शाह को पंजाब में राजनीती करने की सलाह अपने तरीके से बता चुके है हालाँकि बीजेपी में प्रधान पद से उन्होंने अस्तीफा भी सौंप रखा है लेकिन अकाली दल और बीजेपी के गठजोड़ को लेकर भी चर्चाये चल रही है ऐसे में सुनील जाखड़ भी सुखबीर सिंह बादल का साथ देते नज़र आ रहे है भले ही वह खुलकर नहीं बोल रहे लेकिन वह अकाली दल में सुखबीर सिंह बादल को राजनीती करते देखना चाहते है