The benefits of new technologies should reach farmers: Dr. Jagdeep Singh
पटियाला, 03/11/2026
पंजाबी यूनिवर्सिटी के कंप्यूटर साइंस एवं इंजीनियरिंग विभाग की ओर से मंगलवार को ‘आधुनिक कृषि में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और ऑटोमेशन की भूमिका’ विषय पर पांचवें वार्षिक एक दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार का आयोजन किया गया। सेमिनार की अध्यक्षता यूनिवर्सिटी के कुलपति डॉ. जगदीप सिंह ने की।
इस अवसर पर कुलपति डॉ. जगदीप सिंह ने कृषि क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और ऑटोमेशन के बढ़ते महत्व पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि इन आधुनिक तकनीकों का वास्तविक लाभ किसानों तक पहुंचना चाहिए। तकनीकी विकास का मुख्य उद्देश्य किसानों की समस्याओं का समाधान करना और उनके कामकाज को आसान बनाना होना चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि राष्ट्रीय स्तर के सेमिनारों और अकादमिक चर्चाओं में किसानों को भी आमंत्रित किया जाना चाहिए, ताकि शोध और तकनीकी विकास उनकी वास्तविक जरूरतों के अनुरूप हो सके।
डीन स्टूडेंट वेलफेयर डॉ. ममता शर्मा ने विशेष अतिथि के रूप में शिरकत की। उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी और विद्यार्थियों को तकनीक का उपयोग सामाजिक कल्याण के साथ-साथ किसानों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने के लिए करना चाहिए। विभागाध्यक्ष डॉ. जसविंदर सिंह ने कृषि क्षेत्र में ऑटोमेशन की भूमिका पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि स्वचालित तकनीकें कृषि कार्यों, उत्पादकता और कार्यक्षमता में सुधार लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।
यूजीसी-मालवीय मिशन टीचर ट्रेनिंग सेंटर के निदेशक प्रो. रमन मैनी ने आधुनिक कृषि में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की बढ़ती उपयोगिता पर प्रकाश डाला। उन्होंने शोधार्थियों, शिक्षकों और विद्यार्थियों को AI आधारित तकनीकों को अपनाने तथा कृषि क्षेत्र की उभरती चुनौतियों के समाधान के लिए नए तकनीकी उपाय विकसित करने के लिए प्रेरित किया।
सेमिनार के संयोजक डॉ. सिकंदर सिंह चीमा ने फसल विविधीकरण की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि पानी के बढ़ते संकट और मिट्टी की घटती उर्वरता जैसी समस्याओं से निपटने के लिए फसल विविधीकरण बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि AI और ऑटोमेशन का लाभ छोटे और सीमांत किसानों तक पहुंचाने के लिए सामूहिक प्रयास करने होंगे।
उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय सेमिनार में करीब 40 शोधार्थियों और विद्यार्थियों ने अपने शोध पत्र प्रस्तुत किए। इस दौरान प्रतिभागियों ने कृषि क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और ऑटोमेशन के इस्तेमाल से जुड़े नए विचार, शोध निष्कर्ष और संभावनाएं साझा कीं। शोध प्रस्तुतियों के माध्यम से युवा शोधार्थियों को किसानों की जरूरतों के अनुरूप व्यावहारिक तकनीकी समाधान विकसित करने के लिए प्रोत्साहित किया गया।
