मुंबई (अनिल बेदाग) 29/10/2026
भारतीय शेयर बाजार में निवेश की रणनीति अब बदलते दौर से गुजर रही है। केवल बाजार की तेजी के भरोसे बेहतर रिटर्न हासिल करने के बजाय कंपनियों की वित्तीय मजबूती, कमाई की गुणवत्ता और भविष्य की विकास क्षमता पर ध्यान देना जरूरी होता जा रहा है। ऐसे माहौल में निवेशकों के लिए सही कंपनियों का चयन महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
एक्सिस म्यूचुअल फंड के हेड–इक्विटी श्रेयश देवळकर के मुताबिक, “अब बाजार में रिटर्न का आधार केवल लिक्विडिटी नहीं, बल्कि कारोबार की बुनियाद और कमाई में वृद्धि होगी। अवसर अलग-अलग सेक्टरों और बाजार पूंजीकरण वाली कंपनियों में उभर सकते हैं।”
भारत में घरेलू मांग, मैन्युफैक्चरिंग निवेश और अर्थव्यवस्था के औपचारिककरण से विकास की संभावनाएं मजबूत बनी हुई हैं। अस्पताल, होटल, एयरलाइंस, वेल्थ मैनेजमेंट और क्विक कॉमर्स के साथ ऑटो कंपोनेंट्स, इलेक्ट्रॉनिक्स, रक्षा उपकरण और पावर सेक्टर निवेशकों के लिए आकर्षक अवसर बन सकते हैं।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा सेंटर और इलेक्ट्रिक वाहनों से जुड़ी गतिविधियां भी नई संभावनाएं पैदा कर रही हैं। हालांकि, ऊंचे वैल्यूएशन के बीच सावधानी जरूरी है। अंततः टिकाऊ कारोबार, मजबूत कमाई और उचित मूल्यांकन वाली कंपनियों का चयन ही दीर्घकालिक निवेश रणनीति को मजबूती दे सकता है। निवेश से पहले अपनी जोखिम क्षमता और निवेश अवधि का आकलन करना भी आवश्यक है।
